नोएडा: अब मथुरा और अलीगढ़ के विकास का रास्ता ओर ज्यादा साफ हो गया है। दरअसल यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के फेस-2 मास्टर प्लान 2031 को शासन की मंजूरी मिल गई है। इससे मथुरा में राया हेरिटेज सिटी और अलीगढ़ के टप्पल में बनने वाले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब का निर्माण जल्द शुरू हो सकेगा। प्राधिकरण ने यह मास्टर प्लान 2012 में शासन को भेजा था जिसे अब जाकर मंजूरी मिली है।
फेस-1 के तहत यीडा ने गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के 226 गांवों को मिलाकर 2627 हेक्टेयर में एक आधुनिक शहर विकसित किया है जिसका मास्टर प्लान 2041 पहले ही मंजूर हो चुका है। अब फेस-3 में हाथरस और आगरा के गांवों को मिलाकर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस जिलों में फैला है जिसमें कुल 1149 गांव शामिल हैं।
22,757 हेक्टेयर क्षेत्र का होगा विकास
फेस-2 मास्टर प्लान के तहत मथुरा और अलीगढ़ के 507 गांवों की 22,757 हेक्टेयर जमीन का विकास होगा। इसमें मथुरा के 415 गांवों की 11,653.76 हेक्टेयर और अलीगढ़ के 92 गांवों की 11,104.40 हेक्टेयर जमीन शामिल है। पहले सिर्फ राया-टप्पल अर्बन सेंटर के विकास का फैसला लिया गया था लेकिन अब पूरी योजना को मंजूरी मिलने से दोनों जिलों का व्यापक विकास होगा।
हेरिटेज सिटी और लॉजिस्टिक हब का निर्माण
मथुरा में 735 हेक्टेयर में सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट और हेरिटेज सिटी विकसित की जाएगी। इसे यमुना एक्सप्रेसवे से बांके बिहारी मंदिर तक जोड़ने के लिए 6.9 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। वहीं अलीगढ़ के टप्पल-बाजना में लॉजिस्टिक हब तैयार होगा जिसमें 12 वेयरहाउस और छह से ज्यादा अन्य भंडारण केंद्र होंगे।
रिवर फ्रंट और स्पोर्ट्स सिटी का विकास
मथुरा में यमुना नदी के पूर्वी किनारे पर 29.30 किमी लंबा रिवर फ्रंट बनाया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 2600 हेक्टेयर में एम्यूजमेंट पार्क, बॉटनिकल गार्डन, थीम पार्क, साइंस सिटी और चिल्ड्रन पार्क जैसे आकर्षण भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही 1106 हेक्टेयर में स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी जहां विभिन्न खेल सुविधाएं होंगी।