UPPCL: उत्तर प्रदेश की जनता को गर्मियों के दौरान बिजली कटौती से जूझना न पड़े, इसके लिए अभी से ही पावर कारपोरेशन प्रबंधन अपनी सभी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने में जुट गया है। वहीं बेहतर बिजली आपूर्ति हेतु व्यवस्थाएं सुधारने में सुस्ती बरतने वाले अभियंताओं के प्रति भी कड़ा रुख अपनाया गया है।
गंभीरता को देखते हुए 2 अभियंताओं को किया गया निलंबित:
आपको बता दें कि बीते शनिवार को प्रदेशवासियों को बिजली आपूर्ति करने वाले सभी विद्युत वितरण निगमों के कार्यकलापों की समीक्षा की गई थी। इसी क्रम में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष गोयल के द्वारा आए दिन ट्रांसफार्मर खराब होने के सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए निगमों के प्रबंध निदेशकों से जवाब-तलब किया गया।
इसके साथ ही डा. आशीष गोयल के आदेश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन के द्वारा 2 अभियंताओं को निलंबित करने के साथ साथ लगभग 12 अन्य लोगों को चार्जशीट समेत चेतावनी एवं कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया है।
फिरोजाबाद के 2 अभियंताओं को चार्जशीट देने का निर्देश:
दरअसल उन्नाव में ट्रांसफार्मर के खराब होने की समस्या के बढ़ने पर अध्यक्ष के द्वारा एक तरफ जहां संबंधित अधीक्षण अभियन्ता स्वदेश चौधरी तथा अधिशासी अभियन्ता हेमेन्द्र सिंह को निलंबित किया गया, वहीं दूसरी तरफ फिरोजबाद के अधीक्षण अभियन्ता तथा अधिशासी अभियन्ता को चार्जशीट देने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रांसफर की छतिग्रस्तता को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं कड़े कदम:
आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि 100 केवी से अधिक क्षमता के ट्रासंफार्मर छतिग्रस्त होने के बाद अधिशासी अभियन्ता, एसडीओ तथा अवर अभियन्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि देकर तत्काल अवगत कराया जाए। डा. गोयल के द्वारा कहा गया कि ट्रांसफार्मर के खराब होने के कारण ही बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है, इसलिए ट्रांसफार्मर की छतिग्रस्तता को रोकने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में ट्रांसफार्मर के अनुरक्षक तथा प्रोटेक्शन के लिये काफी पैसा दिया गया है, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। इसलिए अब किसी भी प्रकार की लापरवाही से ट्रांसफार्मर खराब होने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान चलाकर सभी ट्रांसफार्मर की तत्काल जांच की जाए ताकि गर्मियों में ट्रांसफार्मर न खराब हों।
अध्यक्ष के द्वारा दिए गए कई निर्देश:
वहीं बिजली बिल की वसूली में पिछड़ जानें की वजह से अध्यक्ष के द्वारा आगरा के मुख्य अभियन्ता कपिल सिंधवानी को भी चार्ज शीट देने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि बैठक में गाजियाबाद (द्वितीय) के मुख्य अभियंता नरेश भारती समेत गजरौला के मुख्य अधियन्ता राजेश कुमार को भी बिना तैयारी आने पर नियम-10 के अंतर्गत चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया गया है।
इसी क्रम में बिना मीटर रीडिंग के बिजली बिलों के लगातार मामले बढ़ने पर अध्यक्ष के द्वारा आगरा ईडीसी-1 तथा मैनपुरी के अधीक्षण अभियंता, आगरा-1, आगरा-2, खेरागढ़ एवं किरावली तथा भोगांव के अधिशासी अभियंता को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
50 हजार रुपये से अधिक के बिलों के पर अधिशासी अभियंताओं के हों हस्ताक्षर:
बता दें कि डॉ. गोयल ने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये से अधिक के सभी बिलों के ऊपर अधिशासी अभियंताओं के हस्ताक्षर कराए जाएं जिससे गलत बिल पर निम्मेदारी तय की जा सके।
डॉ. गोयल के द्वारा स्मार्ट मीटरिंग के कार्य में भी तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए, जिसमें उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी की अधिक शिकायतें हैं वहां पर प्राथमिक्ता से स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यों के शुरू होते ही जल्द से जल्द उनका निरीक्षण करें ताकि किसी भी कमी को समय रहते ही दूर किया जा सके।
बायोमैट्रिक उपस्थिति में तेजी लाने के दिए निर्देश:
डा गोयल के द्वारा विभागीय कार्यालायों में कार्य कुशलता को बढ़ाने तथा सुचिता को बढ़ाने के लिए ई-आफिस एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति को लागू करने में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली संबंधी सभी कार्यों का निरीक्षण थर्ड पार्टी के द्वारा सुनिश्चित किया जाए।
आपको बता दें कि दिनभर चली इस बैठक में गाजियाबाद समेत गजरौला, बुलन्दशहर, आयोध्या, रायबरेली तथा देवी पाटन आदि सभी क्षेत्रों के मुख्य अभियन्ताओं के द्वारा बिजली व्यवस्था सुधारने संबंधी प्रस्तुतीकरण किए गए हैं।