अब ऐसे युवाओं को अपने ही राज्य में मिलेगी नौकरी!: ये रहेगी न्यूनतम सैलरी, अब यूपी से बाहर...?
अब ऐसे युवाओं को अपने ही राज्य में मिलेगी नौकरी!

उत्तर प्रदेश में अब कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित करीब 75 प्रतिशत युवाओं को प्रदेश में ही नौकरी दिलाई जाएगी। आपको बता दें कि अभी तक ट्रेनिंग पार्टनर के द्वारा दूसरे राज्यों में इन युवाओं को नौकरी दिलाई जाती थी। ऐसे में रोजगार पाने वाले सभी युवा विभिन्न कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं अथवा नहीं उसका सत्यापन करना बेहद कठिन हो जाता है। 

युवाओं को मिलेगा 12 हजार रुपए का न्यूनतम मानदेय:

इसलिए अब उत्तर प्रदेश में ज्यादातर युवाओं को अपने ही राज्य में जॉब दिलाकर जिलाधिकारियों के माध्यम से उसका सत्यापन कराया जाएगा। इतना ही नहीं अभी तक इन युवाओं को न्यूनतम नौ हजार (9000) रुपये मानदेय भी दिया जाता है लेकिन अब इन कुशल कर्मियों को 12 हजार रुपये का न्यूनतम मानदेय मिलेगा।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास तथा उद्यमशीलता के प्रमुख सचिव डा. हरिओम के द्वारा यह बताया गया है कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को युवाओं के हितों के लिए एक नए कलेवर में लाया जाएगा। युवा जब अपने प्रदेश में ही नौकरी करेंगे तो यहां की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अपना योगदान कर सकेंगे।

युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में की जाएगी मदद:

आपको बता दें कि अभी उत्तर प्रदेश में कौशल विकास की ट्रेनिंग देकर सभी कुशल बनाए गए युवाओं को दूसरे राज्यों में नौकरी मिलती है, जिस वजह से उन्हें भी वहां रहने के साथ साथ खाने का अलग से खर्च करना पड़ता है। वह अपना खर्च भी काफी मुश्किल से चला पाते हैं।

वहीं दूसरी तरफ दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत अब रोजगार दिलाने के साथ ही इन युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में भी मदद की जाएगी। साथ ही उन्हें बैंक लोन दिलाने के साथ साथ अन्य कई सेवाएं भी दिलाई जाएंगी। 

बाजार मांग के अनुरूप दी जाएगी ट्रेनिंग:

स्वरोजगार की तरफ युवा कदम बढ़ाएं इसके लिए भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी सहायता की जाएगी। वहीं बाजार की मांग के अनुरूप ही नए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। युवाओं के हाथों को मजबूत करने के लिए सभी संभव सरकारी प्रयास किए जाएंगे। इसी क्रम ने कौशल विकास केंद्रों की बेहतर ढंग से निगरानी की जाएगी तथा युवाओं को गुणवत्तापरक प्रशिक्षण मिले इसके लिए ठोस इंतजाम किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन खोलेगा विदेश में भी नौकरियों के द्वार:

उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन युवाओं को विदेश में भी नौकरियां दिलाएगा। यही नहीं नौकरी पाने वाले सभी युवाओं के हितों का संरक्षण भी किया जाएगा। विदेश मंत्रालय की रिक्रूटिंग एजेंसी (RA) के माध्यम से रोजगार दिलाया जाएगा। श्रम एवं सेवायोजन विभाग के द्वारा इस मिशन के गठन की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।

वहीं इजरायल में युवाओं को नौकरी दिलाने के पश्चात अब जर्मनी तथा जापान में भी रोजगार के लगातार अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ही युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। वहीं देश के साथ ही अब विदेशों में भी युवाओं को रोजगार मिले इस लिए यह मिशन गठित किया जा रहा है।

इजरायल में उत्तर प्रदेश के हैं करीब 5,952 युवा:

बता दें कि इजरायल में उत्तर प्रदेश के करीब 5,952 युवाओं को निर्माण श्रमिक समेत विभिन्न पदों पर नौकरियां दिलाई गई हैं। वहीं युवाओं को यहां पर 1.37 लाख रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। अगर 8 घंटे की ड्यूटी के अतिरिक्त वह कोई कार्य करते हैं तो उन्हें और अधिक मानदेय भी मिलता है। 

इजरायल में नौकरी कर रहे इन सभी युवाओं को प्रदेश में अपने परिवार को बीते 1 वर्ष में 1 हजार करोड़ रुपये भेजे गए हैं। अतः युवाओं को रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से देश एवं विदेश में नौकरियों का अवसर लगातार दिलाया जा रहा है। जर्मनी में 1 हजार नर्स के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र मांगे गए हैं। नर्सिंग कोर्स तथा जर्मन भाषा का ज्ञान रखने वाले युवाओं को मासिक वेतन 2.25 लाख रुपये भारतीय मुद्रा में दिए जाएंगे।

युवाओं के भविष्य को संवारने का मिलेगा अवसर:

वहीं अगर जापान की बात करें तो वहां बुजुर्गों की देखभाल के लिए कार्यकर्ता के पद पर लगभग 1.25 लाख रुपये मासिक मानदेय भारतीय मुद्रा में दिया जाएगा। बता दें कि अभी कुल 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। वहीं आगे रोजगार संगम पोर्टल पर भी सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, पालीटेक्निक, इंजीनियरिंग तथा उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा। इस प्रकार एक प्लेटफार्म के रूप में युवा एवं नौकरी देने वाली कंपनियों को लाया जाएगा। फिलहाल देश के साथ साथ विदेश में भी युवाओं के भविष्य को संवारने का अवसर मिल सकेगा।

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