मायावती ने भतीजे आकाश आनंद पर गिराई गाज!: एक दिन पहले पद छीना अब किया बसपा से बाहर...ससुर के इशारों पर चलने की मिली सजा?
मायावती ने भतीजे आकाश आनंद पर गिराई गाज!

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने आकाश को उत्तराधिकारी पद और अन्य सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। इस फैसले के पीछे मायावती ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ और उनकी पत्नी को जिम्मेदार ठहराया था। अब आकाश के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन्हें पार्टी से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।

आकाश आनंद की पोस्ट से भड़की मायावती?

आज सुबह आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग यह मान रहे हैं कि पार्टी से उनकी जिम्मेदारियां हटाए जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो गया है लेकिन वे यह समझ लें कि बहुजन मूवमेंट कोई करियर नहीं बल्कि यह करोड़ों दलितों, शोषितों, वंचितों और गरीबों के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है।

आकाश आंनद को राजनीति की समझ नहीं: मायावती

उनके इस बयान के बाद मायावती ने भी अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से तीन पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को पार्टी से हटाने का निर्णय क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि बसपा की आल-इंडिया बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आकाश आनंद पार्टी के हित से अधिक अपने निष्कासित ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में बने हुए हैं। इसी कारण उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था।

मायावती ने आगे कहा कि आकाश को इस फैसले पर आत्म-मंथन करके अपनी परिपक्वता दिखानी चाहिए थी लेकिन इसके बजाय उन्होंने जो प्रतिक्रिया दी वह उनके पछतावे और राजनीतिक समझदारी को नहीं दर्शाती। बल्कि यह बयान उनके ससुर के प्रभाव को दर्शाता है जो स्वार्थी, अहंकारी और गैर-मिशनरी सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि बसपा में हमेशा से ऐसे लोगों से बचने की सलाह दी जाती रही है।

मायावती ने की बसपा से निष्कासन की आधिकारिक घोषणा

मायावती ने यह स्पष्ट कर दिया कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को आगे बढ़ाने वाली पार्टी है। साथ ही पार्टी के संस्थापक कांशीराम द्वारा स्थापित अनुशासन की परंपरा को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि आकाश आनंद को उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की तरह ही पार्टी से निष्कासित किया जाता है।

पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद आकाश आनंद ने दिया भावुक बयान

आकाश आनंद ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह आदरणीय बहन मायावती के एक सच्चे कार्यकर्ता हैं। उन्होंने उनके नेतृत्व में त्याग, निष्ठा और समर्पण के महत्वपूर्ण सबक सीखे हैं जो उनके लिए केवल एक विचार नहीं बल्कि जीवन का उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि मायावती का हर फैसला उनके लिए पत्थर की लकीर के समान है और वह हर हाल में इसे स्वीकार करते हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें सभी पदों से हटाए जाने का फैसला उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भावनात्मक है। यह उनके लिए एक कठिन परीक्षा की तरह है लेकिन उन्होंने संकल्प लिया कि वह धैर्य और दृढ़ता के साथ बहुजन समाज के हक की लड़ाई जारी रखेंगे।

बहुजन मूवमेंट कैरियर नहीं एक विचारधारा है: आकाश आनंद

उन्होंने कहा कि कुछ विरोधी यह सोच सकते हैं कि यह उनके राजनीतिक जीवन का अंत है लेकिन बहुजन मूवमेंट केवल एक राजनीतिक करियर का नाम नहीं बल्कि यह करोड़ों वंचित और शोषित लोगों की आवाज है। उन्होंने इस विचारधारा को एक ऐसी मशाल बताया जिसे कभी बुझाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जैसे लाखों लोग इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे और वे आखिरी सांस तक समाज के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

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