बागपत: दरअसल बड़ौत में आज सुबह भगवान आदिनाथ के निर्वाण लड्डू पर्व के दौरान दु:खद हादसा हो गया। श्री दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 65 फीट ऊंचा अस्थायी मंच टूट जाने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए।
सुबह करीब आठ बजे भगवान आदिनाथ के अभिषेक और निर्वाण महोत्सव के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। यह आयोजन श्री 1008 आदिनाथ भक्तांबर प्रचार समिति के तत्वावधान में हो रहा था। मान स्तंभ परिसर में बनाए गए अस्थायी मंच पर अधिक संख्या में लोग चढ़ गए, जिससे उसकी लकड़ी की सीढ़ियां भार सहन नहीं कर सकीं और मंच गिर गया और इस हादसे में करीब 80 लोग घायल हो गए।
बढ़ सकती है घायलों की संख्या
एडीएम पंकज वर्मा ने घटना में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम मनीष कुमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और घायलों को हर संभव मदद दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और उनके उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और जिला प्रशासन से मामले की रिपोर्ट मांगी है।
ई-रिक्शा से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद कई घायल श्रद्धालुओं को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। ऐसे में ई-रिक्शा और अन्य साधनों का उपयोग कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय लोग और पुलिस ने मिलकर राहत कार्यों में सहयोग किया। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा के बाद बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
इस हादसे ने आयोजन में सुरक्षा उपायों और आपदा प्रबंधन की भारी कमी को उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि अस्थायी सीढ़ियां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का दबाव नहीं झेल सकीं।
मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। इस हादसे की वजह से यहां भगदड़ मच गई। इस बीच बड़ौत कोतवाली के इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल भिजवाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन और आयोजकों की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद आपातकालीन सेवाओं का उचित प्रबंध नहीं किया गया था।
आगे की कार्रवाई जारी
प्रशासन ने हादसे की जांच का आश्वासन दिया है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की बात कही गई है।