जानें पिता के इश्क ने क्यों बना दिया बेटे को हत्यारा!: 30 हजार में दी सुपारी पर एक गलती ने खोल दी पोल?
जानें पिता के इश्क ने क्यों बना दिया बेटे को हत्यारा!

बरेली: दरअसल जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जो सुनने में किसी फिल्मी कहानी जैसा लगेगा, मगर यह हकीकत है। एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या की साजिश सिर्फ इस डर से रच दी कि कहीं उसकी जायदाद किसी और को न मिल जाए। इसके लिए उसने अपने चचेरे भाइयों को 30 हजार रुपये की सुपारी दी। लेकिन उसकी एक गलती से पूरा मामला सामने आ गया।

किसी और के नाम जायदाद जानें के डर से कर दी हत्या

बरेली के सीबीगंज के गांव पस्तौर में रहने वाले 58 वर्षीय लीलाधर का पड़ोस की एक महिला से प्रेम संबंध था। वह उससे इतना जुड़ चुके थे कि अपनी खेती की कमाई का बड़ा हिस्सा उसी महिला और उसके परिवार पर खर्च कर रहे थे।

उनका इकलौता बेटा राकेश इस रिश्ते से खफा था। उसे लगने लगा कि कहीं उसका पिता अपनी 20 बीघा जमीन उस महिला या उसके बेटे के नाम न कर दे। यही सोच-सोचकर उसके अंदर गुस्सा भरता गया और उसने अपने ही चचेरे भाइयों राजेश और छोटे को 30 हजार रुपये में पिता को मारने की सुपारी दे दी।

रात के अंधेरे में चचेरे भाइयों ने किया हमला

17 फरवरी की रात करीब 12:30 बजे जब लीलाधर अपने घर के पास वाले मकान में सो रहे थे तभी दो हमलावर वहां पहुंचे। उन्होंने पहले तमंचे से गोली मारने की कोशिश की लेकिन झड़प में गोली नीचे गिर गई। इसके बाद उन्होंने चाकू से ताबड़तोड़ वार किए मगर लीलाधर ने जमकर संघर्ष किया। उनकी चीखें सुनकर उनकी प्रेमिका का पति जाग गया, जिससे हमलावर डरकर भाग निकले। भागते वक्त जल्दबाजी में राजेश की एक लाल चप्पल वहीं गिर गई।

एक चप्पल से खोल दिया राज

जब पुलिस जांच करने पहुंची तो उन्हें मौके पर एक लाल रंग की चप्पल मिली। पुलिस ने गांववालों से पूछा तो पता चला कि ऐसी ही चप्पल राजेश के पास थी। राजेश को पकड़कर पूछताछ की गई तो वह अकड़ने लगा और बोला कि "मैं अपने ताऊ को क्यों मारूंगा?" मगर जब पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला तो एक स्क्रीनशॉट में वही लाल चप्पल दिख गई जो मौके पर मिली थी। 

सदमे और डर की वजह से नहीं बोला सच

हमले के दौरान लीलाधर ने अपने भतीजों को पहचान लिया था लेकिन वह इतने सदमे में थे कि किसी को उनका नाम नहीं बताया। इतना ही नहीं उनकी प्रेमिका का पति भी उसी वक्त अपने बाग में सोने के लिए घर से निकला था। उसने भी हमलावरों को देख लिया था लेकिन चुप रहा क्योंकि उसे डर था कि कहीं वह खुद फंस न जाए।

राकेश ने खुद को बचाने के लिए फेंकी नई चाल

जब पुलिस ने शक के आधार पर राजेश और छोटे को हिरासत में लिया। तो राकेश को डर लगने लगा कि कहीं उसका नाम न आ जाए। अपने को बचाने के लिए उसने नया पैंतरा खेला और अपने पिता की प्रेमिका के पति पर हत्या की साजिश का आरोप लगा दिया। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

पुलिस ने हत्या की साजिश के जुटाए सबूत

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से एक तमंचा, एक कारतूस, चाकू और 5000 रुपये बरामद किए। साथ ही मौके से मिली लाल रंग की चप्पल भी राजेश की ही निकली। फिलहाल पुलिस ने राजेश और छोटे को जेल भेज दिया है और अब राकेश पर भी कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है।

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