लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉली से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए शासन ने नई सख्त गाइडलाइन्स जारी की हैं। अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के निर्माण, पंजीकरण और उपयोग के लिए कुछ अनिवार्य मानकों का पालन करना होगा। इसके तहत ट्रॉली पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य किया गया है।
पंजीकरण और निर्माण के लिए सख्त नियम
मोटरयान अधिनियम-1988 और केंद्रीय मोटरयान नियमावली-1989 के तहत ट्रॉली का पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने ट्राली निर्माताओं के पंजीयन के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 के नियम-172 के तहत ट्रॉली निर्माताओं को चार अंकों का कोड जारी किया जाएगा, जिसे उनके उत्पाद पर अंकित करना आवश्यक होगा।
नए नियमों के अनुसार, ट्रॉली के निर्माण में एआईएस-112 के तहत आर-2, आर-3 और आर-4 मॉडल के मानकों का पालन अनिवार्य होगा। सिंगल एक्सल ट्रॉलियों का निर्माण अब पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है और डबल एक्सल ट्रॉलियों को प्राथमिकता दी गई है। ट्रॉली की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और वजन की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। उदाहरण के तौर पर आर-3 मॉडल ट्रॉली की लंबाई अधिकतम 6.7 मीटर और चौड़ाई 2.5 मीटर तक सीमित होगी।
सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी सुधार
ट्रॉली निर्माण में सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया है। सभी ट्रॉली में रियर और साइड अंडर प्रोटेक्शन डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा रिफ्लेक्टिव टेप और कंटूर मार्किंग का भी उपयोग करना होगा। ब्रेकिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग अध्ययन कर रहा है और इसे और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।
पारदर्शिता के लिए डिजिटल प्रक्रिया
नए नियमों के तहत ट्रॉली निर्माताओं को होमोलोगेशन पोर्टल पर अपने उत्पादों का विवरण अपलोड करना होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग केवल कृषि कार्यों तक सीमित रहे। पंजीकरण के लिए वाहन स्वामी का पता प्रमाण, ट्रॉली का वजन प्रमाणपत्र और वैध बीमा प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे।
दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए मानकों से सड़कों पर ट्रॉली का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा और दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। शासन ने ट्रॉली निर्माताओं और उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।
परिवहन विभाग की कार्रवाई
परिवहन विभाग के एआरटीओ बलिया, अरुण कुमार राय ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इस दिशा में शासन ने संबंधित आदेश जारी कर दिया है। सभी निर्माताओं को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
नए मानकों से न केवल ट्रैक्टर-ट्रॉली का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित होगा बल्कि यह कदम सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी मददगार साबित होगा।