ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में ग्रेटर नोएडा के किसान बिजली समस्याओं से काफी त्रस्त हैं। इसलिए किसानों संगठनों द्वारा अब एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल सैकड़ों किसानों के द्वारा किसान सभा तथा किसान एकता संघ के नेतृत्व में तुगलपुर में स्थित (NPCL) एनपीसीएल कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया है।
दरअसल किसानों के द्वारा एनपीसीएल की बिजली आपूर्ति का अब बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। वह कंपनी के बिलिंग कर्मचारियों को अपने गांव में प्रवेश भी नहीं करने देंगे। ग्रामीणों के द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर यूपीपीसीएल (UPPCL) से बिजली आपूर्ति की मांग की गई है।
किसान प्रतिनिधियों तथा कंपनी अधिकारियों के बीच असफल रही वार्ता:
बता दें कि प्रदर्शन के दौरान एडीसीपी की मध्यस्थता में किसान प्रतिनिधियों तथा कंपनी अधिकारियों के बीच में वार्ता हुई, जिसमें 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के द्वारा अपनी समस्याएं भी रखीं गईं। खेड़ी गांव में बिजली कर्मचारियों के द्वारा की गई बदतमीजी के मामले में संलिप्त सभी कर्मचारियों के निलंबन पर सहमति भी बनी है, लेकिन अन्य मुद्दों पर फिलहाल कोई समाधान नहीं निकला है।
वहीं किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा के द्वारा यह बताया गया है कि बिजली कंपनी के कोई भी अधिकारी अपने वादों पर नहीं टिकते हैं। ग्रामीणों पर लगातार झूठे बिजली चोरी के मुकदमे भी दर्ज किए जा रहे हैं, क्योंकि खेड़ी गांव के संतराज के साथ की गई मारपीट इसका ताजा उदाहरण है।
क्या कहना है किसान सभा के जिलाध्यक्ष डा. रूपेश वर्मा का:
दरअसल किसान सभा के जिलाध्यक्ष डा. रूपेश वर्मा के द्वारा यह बताया गया कि गामीण क्षेत्र में व्याप्त रूप से बिजली की समस्याओं को लेकर एनपीसीएल (NPCL) अधिकारियों से हुई वार्ता विफल होने के पश्चात अब ग्रामीणों के द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि वह अब एनपीसीएल की बिजली नहीं लेंगे।
इसके साथ ही कंपनी के किसी भी बिलिंग संबंधित कर्मचारी को किसान अपने गांव में भी घुसने नहीं देंगे। ग्रामीणों के द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर एनपीसीएल (NPCL) की जगह पर यूपीपीसीएल (UPCL) से बिजली आपूर्ति की मांग करने का निर्णय भी लिया गया है। साथ ही जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं हैं, ग्रामीणों के द्वारा बिजली बिल भी नहीं भरने का संकल्प लिया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रशासन को यह चेतावनी दी गई है कि गांवों में भी बड़े पैमाने पर बैठकों का आयोजन करके एनपीसीएल (NPCL) का बहिष्कार प्रस्ताव पारित किया जाएगा एवं प्रशासन को एक निश्चित समय सीमा भी दी जाएगी। जिससे ग्रामीणों को एनपीसीएल के स्थान पर यूपीपीसीएल से सहज रूप से बिजली उपलब्ध हो सके।
ग्रामीणों का किया जा रहा है शोषण: रूपेश वर्मा
वहीं पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. रुपेश वर्मा के द्वारा यह कहा गया कि बिजली कंपनी का कोई भी अधिकारी अपनी बात पर नहीं टिकता है। ग्रामीणों पर झूठे चोरी के मुकदमे दर्ज करके उनका लगातार शोषण किया जा रहा है। उदाहरण के लिए हाल ही में खेड़ी गांव के संतराज के साथ में मारपीट भी की गई थी।
साथ ही मुकेश खेडी के द्वारा भी यह कहा गया है कि एनपीसीएल (NPCL) के शोषण से किसान अब बहुत अधिक तंग हो चुके हैं। अब हमें एनपीसीएल से बिजली आपूर्ति नहीं चाहिए, बल्कि हमें यूपीपीसीएल (UPPCL) की सप्लाई ही की जाए। इस संबंध में हजारों ग्रामीण जल्द ही डीएम को एक ज्ञापन सौंपेंगे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान उपस्थित रहे कई ग्रामीण:
आपको बता दें कि घेराव तथा धरना-प्रदर्शन के दौरान वहां वीर सिंह नागर, निशांत रावल, गवरी मुखिया, निशांत भाटी, पप्पू ठेकेदार, भोजराज रावल, मनोज प्रधान, सतीश यादव, अजीत, उधम सिंह एडवोकेट, अरुण एडवोकेट तथा जय किशन उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त सतीश नेता, लीलू नेता, सुंदर प्रधान, नितिन चौहान, डा. जगदीश, देशराज राणा, धर्मेंद्र, तेजपाल प्रधान, यतेंद्र भाटी, अजब सिंह, निरंकार प्रधान, अजब सिंह (सलारपुर), नरेश नागर, रईसा चौहान, कालू (खोदना खुर्द) एवं गंगेश्वर दत्त शर्मा समेत अन्य कई लोग भी उपस्थित रहे।