खतरे में है बसपा सुप्रीमों के भतीजे आकाश आनंद की कुर्सी: मायावती ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए संकेत, इन्हें बनाया जा सकता हैं उत्तराधिकारी?
खतरे में है बसपा सुप्रीमों के भतीजे आकाश आनंद की कुर्सी

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती अपने समधी डॉ. अशोक सिद्धार्थ पर कार्रवाई करने के बाद अब अपने भतीजे और पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद पर भी सख्ती दिखाती नजर आ रही हैं। पिछले वर्ष उन्होंने आकाश आनंद को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था लेकिन अब उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार पांच पोस्ट कर यह संकेत दिए हैं कि पार्टी और आंदोलन के प्रति पूर्ण समर्पण ही उत्तराधिकार तय करेगा।मायावती ने साफ किया कि उनका उत्तराधिकारी वही बनेगा जो बसपा संस्थापक कांशीराम के विचारों और संघर्ष को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ाने के लिए खुद को समर्पित करेगा, चाहे इसके लिए कितनी भी परेशानियां क्यों न उठानी पड़ें।

दिल्ली में हार के बाद हुई बड़ी कार्रवाई

हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में बसपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए आकाश आनंद के ससुर डॉ. अशोक सिद्धार्थ सहित दो नेताओं को निष्कासित कर दिया। इसके बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि क्या आकाश आनंद अब भी मायावती के उत्तराधिकारी बने रहेंगे या नहीं।

मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आकाश को बड़ी जिम्मेदारी दी थी और 10 दिसंबर 2023 को उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान 28 मई को एक विवादित भाषण के चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 7 मई को मायावती ने आकाश को अपरिपक्व बताते हुए सभी पदों से हटा दिया था। हालांकि कुछ ही समय बाद 23 जून को राष्ट्रीय बैठक में उन्हें फिर से पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर और उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया था।

दिल्ली चुनाव में टिकट वितरण को लेकर विवाद

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। जिसके लिए टिकट वितरण में अनियमितता को मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व ने गंभीर निर्णय लेते हुए डॉ. अशोक सिद्धार्थ और नितिन सिंह को निष्कासित कर दिया। अब चर्चा है कि चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभालने वाले आकाश आनंद पर भी सख्ती की जा सकती है।माना जा रहा है कि मायावती के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट उनके लिए एक कड़ी चेतावनी हैं। इन पोस्ट के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया है कि बसपा और उसके आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करने वाले को ही उत्तराधिकारी बनाया जाएगा। अगर कोई इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता है तो उत्तराधिकार छिन भी सकता है और किसी और को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि मायावती का दूसरा भतीजा ईशान इस दौड़ में शामिल हो सकता है।

मायावती के सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए संकेत

मायावती ने रविवार को अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लगातार पांच पोस्ट किए। उन्होंने लिखा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर के मानवतावादी और आत्म-सम्मान के आंदोलन को सत्ता तक पहुंचाने के लिए कांशीराम ने अपने जीवन को पूरी तरह से समर्पित कर दिया था और बसपा की स्थापना की थी। उनके लिए बहुजन समाज का हित सर्वोपरि था।मायावती ने यह भी कहा कि कांशीराम की उत्तराधिकारी के रूप में वह भी अपने जीवन की अंतिम सांस तक इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगी और हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा और उसके विचारधारा के प्रति पूर्ण समर्पण रखने वाला व्यक्ति ही उनका उत्तराधिकारी बन सकता है।

पार्टी कार्यकर्ताओं को अनुशासन और जवाबदेही की नसीहत

बसपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने और अपने दायित्वों के प्रति पूरी जवाबदेही दिखाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा से बसपा को मजबूत करने और सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए कार्य करना होगा।

क्या आकाश की भूमिका होगी सीमित?

मायावती के इस सख्त रुख से यह स्पष्ट हो रहा है कि आकाश आनंद की भूमिका अब पहले जैसी प्रभावशाली नहीं रह सकती है। पार्टी में अनुशासन और समर्पण की कसौटी पर खरा उतरने वालों को ही आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बसपा प्रमुख अपने उत्तराधिकारी के रूप में किसे आगे बढ़ाती हैं।

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