गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमजीवी महिलाओं के लिए 4 महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। इसमें 1 छात्रावास नोएडा में बनाया जाएगा, जबकि अन्य 3 छात्रावास ग्रेटर नोएडा में बनाए जाएंगे। इसके लिए नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा जमीन का आवंटन भी कर दिया गया है।
आपको बता दें कि यह जमीन मात्र 1 रुपए की लीज पर आवंटित की गई है। दरअसल दोनों प्राधिकरण के द्वारा अपनी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को पास किया गया था। यह जमीन स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट 2024-25 के अंतर्गत आवंटित की गई है।
लखनऊ समेत गौतमबुद्ध नगर में बनाए जाएंगे कुल 8 महिला छात्रावास, 2026 तक का लक्ष्य:
दरअसल प्राधिकरण के द्वारा यह बताया गया है कि कामकाजी महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत गौतमबुद्ध नगर में कुल मिलाकर 8 अलग-अलग महिला छात्रावास का निर्माण किया जाना है।
वहीं इनके निर्माण कार्य का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक रखा गया है। वहीं योजना के अंतर्गत 4 छात्रावास के लिए लगभग 26 हजार 560 वर्गमीटर जमीन अर्थात 6.56 एकड़ जमीन निःशुल्क देने के लिए कहा गया था।
500 महिलाओं की होगी प्रत्येक छात्रावास की क्षमता:
गौरतलब है कि इन चारों छात्रावासों में से प्रत्येक छात्रावास की क्षमता करीब 500 महिलाओं की होगी। चूकिं नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में निशुल्क जमीन आवंटित करने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में मात्र 1 रुपए प्रतिवर्ष लीज रेंट पर ही जमीन देने का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया था।
आखिर क्यो पड़ी महिला छात्रावास बनाने की जरूरत:
दरअसल नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा एक बड़ी औद्योगिक नगरी है। अकेले नोएडा में ही 7 हजार से अधिक फैक्ट्री इंडस्ट्रियल एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड है। जिसमें तकरीबन 12 लाख से अधिक लोग काम करते है।
इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा में भी एमएसएमई तथा बड़ी औद्योगिक इकाईयां मौजूद है। यहां भी करीब 3 हजार से अधिक फैक्ट्रियां रजिस्टर्ड हैं। जिसमें काम करने वाली महिलाएं अधिकांशतया बाहर से ही आती है। ऐसे में यह हॉस्टल कामकाजी महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी होंगे।
नोएडा में लगभग 3647 वर्गमीटर पर बनाया जाएगा छात्रावास:
आपको बता दें कि दोनों प्राधिकरण के बोर्ड के द्वारा ही इस प्रस्ताव को पास किया गया और जमीन महिला कल्याण तथा बाल विकास पुष्टाहार विभाग लखनऊ को आवंटित की गई है। यह भूखंड ए-79 सेक्टर-83 में करीब 3647.09 वर्गमीटर आवंटित किया गया।
वहीं यह जमीन प्राधिकरण की अधिग्रहीत जमीन है तथा वर्तमान में खाली पड़ी है। प्राधिकरण की एसीईओ (ACEO) वंदना त्रिपाठी के द्वारा यह बताया गया कि बोर्ड में प्रस्ताव को मंजूरी के पश्चात जमीन को आवंटित कर दिया गया है। अब यहां छात्रावास का निर्माण शासन स्तर पर किया जाएगा, क्योंकि प्राधिकरण को सिर्फ जमीन ही आवंटित करनी थी।
ग्रेटर नोएडा में छात्रावास के लिए आवंटित किए गए 3 भूखंड:
इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा में भी कामकाजी महिलाओं के लिए कुल 3 श्रमजीवी महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड के द्वारा इस पर मंजूरी भी दे दी है। इसके लिए प्राधिकरण के द्वारा इको टेक टू उद्योग विहार में 2 भूखंड (क्षेत्रफल -4503 तथा 4650 वर्ग मीटर) आवंटित किए गए हैं।
जबकि इको टेक वन एक्सटेंशन में भी अन्य छात्रावास के लिए एक भूखंड (क्षेत्रफल-11811 वर्ग मीटर) को मात्र एक-एक रुपए सालाना की लीज पर देने का निर्णय लिया गया है। इससे अब रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा को आने वाली तमाम महिलाओं को बड़ी सहूलियत मिल सकेगी।