सीतापुर: जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने वाले 16 सहायक अध्यापकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ये शिक्षक पिछले साल 12460 भर्ती प्रक्रिया के तहत तैनात हुए थे। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान इनके प्रमाण पत्र जाली पाए गए जिसके बाद शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम उठाया।
500 शिक्षकों की हुई जांच
12460 शिक्षक भर्ती के तहत जिले में कुल 1100 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। सत्यापन के लिए 500 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराई गई जिसमें 16 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करते पाए गए। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने इन शिक्षकों के खिलाफ थानों में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद विभाग ने बर्खास्तगी की प्रक्रिया पूरी की।
ये 16 शिक्षक किए गए बर्खास्त
1- बबलू यादव (प्राथमिक विद्यालय बगचन, महोली)
2-रंजना (प्राथमिक विद्यालय शाहपुर, महोली)
3-अभिषेक कुमार (प्राथमिक विद्यालय जमुनहा, महोली)
4-विनोद कुमार (कंपोजिट विद्यालय बन्नीराय, बिसवां)
5-मनोज कुमार (प्राथमिक विद्यालय बन्नी खरैला, बिसवां)
6-अरविंद कुमार (प्राथमिक विद्यालय चौखड़िया, मिश्रिख)
7-गोपाल सिंह (प्राथमिक विद्यालय ततरोई, मिश्रिख)
8-जितेंद्र कुमार (प्राथमिक विद्यालय ढखिया कला, पिसावां)
9-राहुल कुमार (प्राथमिक विद्यालय बांसी, पिसावां)
10-अकबर शाह (प्राथमिक विद्यालय फकरपुर, पिसावां)
11-प्रदीप कुमार यादव (प्राथमिक विद्यालय ईश्वर वारा, पहला)
12-दिनेश कुमार यादव (प्राथमिक विद्यालय कोदौरा, रामपुर मथुरा)
13-प्रमोद कुमार (प्राथमिक विद्यालय अमावा, सकरन)
14-भूपेंद्र सिंह (प्राथमिक विद्यालय अमिरती, सकरन)
15-सुनील कुमार (प्राथमिक विद्यालय बिलरिया, सकरन)
16-ओम वीर सिंह (उच्च प्राथमिक विद्यालय बिचपरी, बिसवां)
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जारी किया बयान
बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यापन में फर्जी प्रमाण पत्र मिलने के बाद इन 16 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इनके खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका था।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह कोई पहला मामला नहीं है। आठ साल पहले भी जिले में 28 सहायक अध्यापकों को फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त किया गया था। तब यह कार्रवाई स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच के बाद हुई थी।