फर्जी एनकाउंटर पर फिर बरसे अखिलेश: कहा बीजेपी ने प्रदेश को बना दिया है फर्जी एनकाउंटर का गढ़? पढ़े पूरी खबर विस्तार से...
फर्जी एनकाउंटर पर फिर बरसे अखिलेश

सुल्तानपुर एनकाउंटर पर चल रही राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही है। मंगेश यादव एनकाउंटर पर एक बार फिर अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था और मंगेश यादव की हत्या की गई है।

पुलिस ने गढ़ी फर्जी कहानी 

अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि पुलिस कह रही है कि मंगेश के पास से नया बैग बरामद हुआ है, जबकि बैग खोलने पर शो रूम से  खरीदे गए नए कपड़े मिले है। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि यदि पुलिस के पास थोड़ा भी दिमाग होता तो वो चप्पल पहनकर एनकाउंटर नही करते और फोटो नही खिचाते।

मंगेश यादव की हुई है हत्या 

अखिलेश यादव ने कहा कि मंगेश यादव की हत्या की गई है। मंगेश के गांव के लोग जानते है कि किस प्रकार रात को पुलिस मंगेश को उठा ले गई। पुलिस वालों को मंगेश की मां का दर्द नही दिखा, उन्हे मंगेश के बहन के आंसू नहीं दिखे। इन लोगों ने बड़ी होशियारी से एनकाउंटर की फर्जी कहानी गढ़ डाली।

यूपी को बना दिया फर्जी एनकाउंटर की राजधानी 

सपा प्रमुख ने सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तरप्रदेश को फर्जी एनकाउंटर की राजधानी बना दिया है। पहले भी ऐसे फर्जी एनकाउंटर हो चुके है। ऐसे ही फर्जी एनकाउंटर में नोएडा के एक जिम इंस्ट्रक्टर को मारा गया था। 

फर्जी एनकाउंटर में पीडीए परिवारों के लोग मारे गए 

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे फर्जी एनकाउंटर में सबसे ज्यादा पीडीए परिवारों के लोग मारे जा रहे है। यह कोई पहला फर्जी एनकाउंटर नही है, पहले भी ऐसे कई फर्जी एनकाउंटर हुए है। जिनका दिल दिमाग इतना नकारात्मक हो, उनसे विकास की उम्मीद नहीं रखी जा सकती है।

मठाधीश और माफिया में अंतर नही 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपा प्रमुख पर अपराधियों की जाति देखने का आरोप लगाया था। इस आरोप का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मठाधीश और माफिया में फर्क नहीं रह गया है। सपा प्रमुख के अनुसार सभी को पता है कि उत्तरप्रदेश में फर्जी एनकाउंटर हो रहे है।

क्या है पूरा विवाद? 

मंगेश यादव सुल्तानपुर घंटाघर इलाके में हुए चर्चित ज्वेलर्स लूट कांड का आरोपी था। 5 सितंबर को पुलिस ने एनकाउंटर में मंगेश को मार गिराया। एनकाउंटर के बाद से ही विपक्षी दल इसे फर्जी एनकाउंटर बता कर प्रदेश सरकार को घेर रहे है।

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