नकली नमक का कारोबार कर सेहत के साथ खिलवाड़ रहे है मिलावटखोर!: ऐसे नमक से बढ़ रही हैं ये लिवर किडनी और हार्ट प्रॉब्लम्स? बचने के लिए बरतें ये सावधानियां...
नकली नमक का कारोबार कर सेहत के साथ खिलवाड़ रहे है मिलावटखोर!

लाइफस्टाइल: हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी गई है जहां नकली नमक और वॉशिंग पाउडर बनाया जा रहा था। इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में पैक्ड नकली नमक जब्त किया गया। जिसे आसपास के जिलों और राजस्थान में सप्लाई किया जा रहा था। ये घटना साबित करती हैं कि मिलावटखोरी अब खाने-पीने की चीजों में भी तेजी से बढ़ रही है।

नकली नमक से बढ़ती परेशानियां

नमक हमारे भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा है जो न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों में मदद करता है। यह शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है जिससे डिहाइड्रेशन नहीं होता। इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, नसों और मांसपेशियों को ठीक से काम करने में सहायक होता है।लेकिन अगर नमक मिलावटी हो तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। नकली नमक में मिलाए गए हानिकारक रसायन पेट, किडनी और लिवर पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। इस खबर में हम जानेंगे कि नकली नमक से क्या नुकसान हो सकते हैं और इसे घर पर पहचानने के आसान तरीके क्या हैं।

तो चलिए जानें मिलावटी नमक से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी:-

मिलावटी नमक खाने से किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं

मिलावटी नमक में लोग सस्ते केमिकल्स और वाइट स्टोन पाउडर जैसी हानिकारक चीजें मिला देते हैं जिससे उसकी लागत कम हो जाती है और वो ज्यादा-से-ज्यादा मुनाफा कमा पाते है। ये मिलावटी चीजें न सिर्फ नमक की क्वालिटी को खराब करती हैं बल्कि सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक होती हैं।

मिलावटी नमक से होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम्स:

पाचन संबंधी बीमारी: उल्टी, डायरिया, जी मिचलाना

पोषण की कमी: मूड स्विंग, फोकस कम होना, बाल झड़ना, इम्युनिटी कमजोर 

इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन: सिर दर्द, पेट में ऐंठन, क्रैंप्स, थकान सुस्ती 

मिलावटी नमक खाने से लिवर और किडनी को हो सकता है नुकसान?

डाइटीशियन अनुसार मिलावटी नमक में पोटेशियम क्लोराइड जैसे हानिकारक केमिकल हो सकते हैं। ये शरीर में विषैले तत्व (टॉक्सिन) बढ़ाते हैं जिससे लिवर और किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक मिलावटी नमक खाने से किडनी स्टोन, किडनी डैमेज या किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या से जूझ रहा है तो उसे यह खतरा अधिक बढ़ जाता है।

घर में असली और मिलावटी नमक की पहचान कैसे कर सकते हैं?

स्वाद से पहचानें:

किसी भी खाने-पीने की चीज की मिलावट का पता लगाने का सबसे आसान तरीका उसके स्वाद का टेस्ट करना है। असली नमक हल्का खारा होता है। मिलावटी नमक का स्वाद ज्यादा तीखा या अप्राकृतिक हो सकता है क्योंकि इसमें केमिकल मिलाए जाते हैं।


पानी में घुलने का टेस्ट:

एक गिलास साफ पानी लें और उसमें एक चम्मच नमक डालें। अच्छी तरह हिलाएं और देखें कि क्या नमक पूरी तरह घुल जाता है। अगर पानी साफ रहता है तो नमक असली है। अगर पानी का रंग बदल जाए या नीचे गंदगी जम जाए तो नमक मिलावटी हो सकता है।

आलू टेस्ट:

आलू को दो हिस्सों में काटें। दोनों हिस्सों पर थोड़ा सा नमक छिड़कें और एक मिनट तक इंतजार करें। अब नींबू का रस डालें। अगर आलू का रंग नीला हो जाए,तो नमक मिलावटी है। अगर रंग सामान्य रहे तो नमक शुद्ध और डबल फोर्टिफाइड है।

मिलावटी नमक से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

बाजार में मिलने वाले सभी नमक मिलावटी नहीं होते हैं लेकिन लोकल या बिना ब्रांड वाले नमक में मिलावट की संभावना सबसे अधिक होती है। इसलिए हमेशा प्रतिष्ठित कंपनियों का नमक ही खरीदें। नमक के पैकेट पर FSSAI और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का मार्क जरूर देखें। खुले या बिना ब्रांड वाले सस्ते नमक कभी न खरीदें। अगर किसी दुकानदार पर नकली नमक बेचने का संदेह हो तो खाद्य सुरक्षा विभाग से तुरंत शिकायत करें।

मिलावटी नमक खाने से बच्चों पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर?

डाइटीशियन अनु अग्रवाल के अनुसार मिलावटी नमक खाने से बच्चों पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है क्योंकि बच्चों का इम्यून सिस्टम बड़ों की तुलना में कमजोर होता है। उनका शरीर टॉक्सिन्स सब्सटेंस के प्रति अधिक सेंसिटिव होता है। इससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


नकली नमक से बढ़ता है हार्ट डिजीज का खतरा?

मिलावटी नमक में सोडियम की मात्रा असंतुलित होती है और इसमें हानिकारक रसायन मिले होते हैं जो हार्ट पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। लंबे समय तक ऐसे नमक का सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जिससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।

मिलावटी नमक से हो सकती है हड्डियां कमजोर

जब शरीर में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाती है तो किडनी अधिक मात्रा में कैल्शियम को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालती है। इससे शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। साथ ही इससे गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ भी बढ़ जाता है।

आयोडीन की कमी से हो सकता है थायरॉइड?

आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर शरीर में आयोडीन की मात्रा कम हो जाती है तो थायरॉइड ग्रंथि इसे ज्यादा बनाने की कोशिश में खुद को बढ़ा लेती है जिससे गलगंड हो सकता है। नकली या बिना आयोडीन वाला नमक खाने से यह समस्या बढ़ सकती है। साथ ही नमक में असंतुलित सोडियम या केमिकल होने की वजह से डिहाइड्रेशन हो सकता है। जिससे सिरदर्द, कमजोरी और पेशाब में जलन हो सकती है।

कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए नमक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार एक स्वस्थ एडल्ट को नियमित रूप से खाने में 5 ग्राम यानी लगभग एक चम्मच नमक खाना चाहिए। इससे ज्यादा नमक खाना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इससे हार्ट डिजीज, गैस्ट्रिक कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस, मोटापा और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

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