मेरठ हत्याकांड: 14 दिन से मेरठ जेल की अलग-अलग बैरक में बंद रहने वाले मेरठ हत्याकांड के आरोपी साहिल और मुस्कान का आखिरकार आमना-सामना हो ही गया। दरअसल 2 अप्रैल को वर्चुअल पेशी के लिए उन दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में लाया गया था। वहीं दोनों की वकील रेखा जैन कोर्ट रूम में केस की डिटेल रखने के लिए तैयार थीं।
जज के द्वारा साहिल और मुस्कान के नाम पूछा गया, साथ है केस की डिटेलिंग कोर्ट के पटल पर रखी जाती इससे पहले ही जज के द्वारा 15 अप्रैल की तारीख दे दी गई। वहीं इस पेशी से पहले और बाद में साहिल और मुस्कान का बिहेवियर, एक्सप्रेशन क्या रहें? क्या उन दोनों की कोई बातचीत हुई? इसको लेकर जेल अधीक्षक के द्वारा कई जानकारी दी हैं।
मुलाकात के दौरान दोनों एक दूसरे के करीब आए, लेकिन पुलिस ने खींचा हाथ:
दरअसल करीब 12 बजे पुरुष एवं महिला वार्डन साहिल और मुस्कान को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में लेकर पहुंचे थे। मेरठ हत्या कांड के बाद यह पहला मौका था जब दोनों आरोपी आमने-सामने आए थे। मुस्कान के द्वारा जैसे ही साहिल को देखा गया वह इमोशनल होने लगी।
लेकिन महिला वार्डन के द्वारा उसे रोक दिया गया। साहिल ने भी मुस्कान से बात करने का प्रयास किया। वहीं जब वह एक दूसरे के करीब आने के लिए आगे बढ़ रहे थे तभी जेल पुलिस के द्वारा उन्हें अपनी तरफ खींच लिया गया। मुस्कान के लिए भी यह पहला मौका था जब वह साहिल को छोटे बालों में देख रही थी।
आपको बता दें कि उन दोनों की आंख में आंसू थे। हालांकि यह आंसू क्यों थे, इसकी वजह तलाशना बेहद मुश्किल था। लेकिन संभव है कि उन्हें सौरभ को मारने का बेहद पश्चाताप हुआ होगा अथवा एक-दूसरे को देखकर प्यार उमड़ रहा होगा?
न्यायिक हिरासत के लिए दोनों को कोर्ट में पेश किया जाना था:
आपको बता दें कि 1 अप्रैल, 2025 को साहिल तथा मुस्कान की न्यायिक हिरासत के कुल 14 दिन पूरे हो गए। पुलिस के द्वारा कस्टडी रिमांड की अर्जी नहीं लगाई गई है। ऐसे में न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए इन दोनों को कोर्ट में पेश किया जाना था।
वहीं जेल प्रशासन की ओर से सिक्योरिटी रीजन का हवाला देते हुए ही ऑनलाइन पेशी कराने के लिए कहा गया था। 2 अप्रैल की सुबह करीब 11.30 बजे कोर्ट पेशी के लिए मुस्कान को महिला बैरक तथा साहिल को पुरुष बैरक से बाहर लाया गया।
बता दें कि दोनों की बैरक अलग-अलग हैं, इस वजह से दोनों का आमना-सामना नहीं हुआ था। वहीं महिला एवं पुरुष वार्डन उन्हें लेकर पैदल ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम तक लेकर पहुंचे थे। हालांकि इस कमरे में पहले से ही वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जेलर तथा जेल सिक्योरिटी के जवान मौजूद थे।
जज ने नाम पूछने के बाद तुरंत लगा दी अगली तारीख:
उन्होंने बताया कि पेशी का समय हो गया था। दोनों को कैमरों के सामने लाया गया। जज के द्वारा पहले दोनों से उनके नाम पूछा गया। दोनों ने माइक पर अपने अपने नाम बताए। बता दें कि कोर्ट में रेखा जैन भी मौजूद थीं। जज ने दोनों की तरफ देखा और बाद में कहा कि '15 अप्रैल को दोबारा पेशी होगी।'
इसका मतलब साहिल और मुस्कान को अगले 13 दिनों तक जेल में ही रहना होगा। जज के इतना कहने के साथ ही मुस्कान तथा साहिल को कैमरे के सामने से हटा लिया गया। महिला पुलिस मुस्कान को तथा पुरुष पुलिस साहिल को पकड़कर वापस बैरक में लेकर जाने लगे थे।
एक बार फिर से दोनों ने हाथ पकड़ने का किया प्रयास, जवानों ने पीछे खींचा:
इस दौरान उन दोनों के द्वारा एक बार फिर से एक-दूसरे का हाथ पकड़ने का प्रयास किया। दरअसल वह दिनों बात करना चाहते थे। लेके जवान उनको पकड़कर उनकी बैरकों के पास लेकर जाने लगे थे। इसी दौरान मुस्कान ने महिला पुलिस से कहा कि मुझे साहिल से बात करनी है, सिर्फ 2 मिनट चाहिए।
बता दें कि वह कह रही थी कि हम दोनों पति - पत्नी हैं क्योंकि हमने शादी की है। इसलिए हम बात तो कर ही सकते हैं। हालांकि जेल पुलिस के द्वारा दोनों को समझाया गया कि कोर्ट की अनुमति के बिना उनकी मुलाकात नहीं हो सकती है। ऐसा कोई कानून नहीं है। इसके बाद उन्हें उनकी बैरकों की तरफ लेकर जाया गया।
महिला कैदियों के साथ जेल में ही पढ़ रही सुंदरकांड:
आपको बता दें कि महिला बंदियों की बैरक का माहौल फिलहाल थोड़ा आध्यात्मिक हो चुका है। दरअसल मंगलवार तथा बुधवार की शाम को यहां सुंदरकांड का पाठ किया गया था। इससे पहले भी मुस्कान एक बुजुर्ग महिला बंदी की मदद से सभी को रामायण सुन रही थी। वहीं बैरक की निगरानी महिला पुलिस कर रही है।
नशे की लत की वजह से करीब 15 दिन और चलेगा इलाज:
ग़ौरतलब है कि साहिल तथा मुस्कान दोनों ही नशा करते थे। जेल जाने के पश्चात वह नशा करने के लिए काफी परेशान भी दिखे थे। इस वजह से वह साथी बंदियों से भी वह इसके बारे बारे में पूछ रहे थे। ऐसे में ही जेल के अंदर दोनों की अलग-अलग काउंसिलिंग करवाई गई थी, ताकि दोनों की मुलाकात न हो सके।
फिलहाल उन्हें कुछ दवाएं भी दी जा रही हैं। इसके पश्चात दोनों में काफी हद तक सुधार आया। जेल प्रशासन के मुताबिक अभी करीब 15 दिन तक दोनों का इलाज जारी रखा जाएगा। वहीं जेल अधीक्षक ने बताया कि कई बंदियों को तो इसमें 1 से 2 साल भी लग जाते हैं।
अलग-अलग जेल में साहिल और मुस्कान को करें शिफ्ट: सौरभ की मां
इधर दूसरी तरफ सौरभ की मां रेनू के द्वारा यह मांग की गई है कि साहिल एवं मुस्कान को एक ही जेल की महिला तथा पुरुष बैरकों में अलग-अलग रखा गया है, जबकि उन दोनों को अलग-अलग जेल में ट्रांसफर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने वकील के जरिए इसकी जल्द ही डिमांड करेंगे, ताकि मेरे बेटे को मारने वाले कभी भी आपस में न मिल सकें।
जो नियम के अनुसार है वही लोग मिल पा रहे: जेल अधीक्षक
दरअसल मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के द्वारा यह कहा गया है कि नियम यही है कि जेल के अंदर बंदियों से उनका वकील अथवा सिर्फ ब्लड रिलेशन वाले लोग ही मिल सकते हैं। ऐसे में मुस्कान और साहिल की उनकी वकील से ही बात कराई जा रही है। वहीं साहिल को उनकी नानी से भी मिलवाया गया था। जबकि मुस्कान से मिलने अब तक जेल में कोई भी नहीं आया है।
उन्होंने आगे कहा कि पति और पत्नी की जेल में मुलाकात करने का प्रावधान है। जैसे सामान्य लोग जिस तरह से सभी बंदियों से मिलते है, उसी प्रक्रिया के माध्यम से पति और पत्नी भी मिल सकते हैं। लेके मुस्कान-साहिल के पति-पत्नी होने का वैधानिक प्रमाण अभी तक सामने नहीं आया है, इसलिए जेल में इन 2 बंदियों की मुलाकात नहीं करवाई जा रही है।
3 मार्च को साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ को उतारा था मौत के घाट:
आपको बता दें कि साहिल और मुस्कान पर यह आरोप हैं कि दोनों के द्वारा मिलकर 3 मार्च की रात को सौरभ की हत्या कर दी गई थी। वहीं उसकी लाश के 4 टुकड़े करके उन्हें प्लास्टिक के ड्रम में सीमेंट से जमा दिया गया था। इसके पश्चात दोनों उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे।
जिसके बाद वह दोनों करीब 13 दिन तक घूमते रहे तथा 17 मार्च को मेरठ वापस लौटे थे। इसके पश्चात जब परिवार तक पूरा मामला पहुंचा तो पुलिस के द्वारा जांच शुरू की गई और सौरभ की कटी हुई लाश उसके इंद्रानगर वाले घर से बरामद की गई। जिसके बाद ही पुलिस ने साहिल और मुस्कान को अरेस्ट करके मेरठ जेल भेज दिया था।