संसद में गूंजा दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम का मुद्दा!: ई-रिक्शों की वजह से लगता है जाम वहीं चालकों की लापरवाही से होती हैं दुर्घटनाएं? जानें क्या है पूरी हकीकत
संसद में गूंजा दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम का मुद्दा!

नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते ई रिक्शों की वजह से लगने वाले जाम की समस्या के मुद्दे को अब संसद में उठाया गया है। दरअसल सांसद स्वाति मालीवाल के द्वारा चिंता जताते हुए संसद में यह कहा गया है कि हाल ही में ई-रिक्शों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जिस वजह से दिल्ली समेत एनसीआर में ट्रैफिक जाम हो जाता है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा जोखिम तथा जिम्मेदारी की कमी का मुद्दा भी उठाया है।

ई-रिक्शा का नियमन बेहद जरूरी: स्वाति मालीवाल

दरअसल उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा का नियमन अब बेहद जरूरी हो गया है। कई समाचार पत्रों के द्वारा भी ई-रिक्शा की अव्यवस्था का मुद्दा उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इनके पंजीकरण के बारे में हमारे पास कोई सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं तथा चालकों के पास लाइसेंस एवं औपचारिक प्रशिक्षण का भी अभाव है।

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में बसों, ऑटो तथा टैक्सियों पर तो कड़ी निगरानी रखी जाती है, लेकिन ई-रिक्शा बिना किसी उचित नियमन के ही चल रहे हैं। जिस वजह से दिल्ली की सड़कों पर काफी अराजकता फैल रही है, खासकर मेट्रो स्टेशनों, बाजारों तथा प्रमुख सड़कों के आसपास में यह अधिक है।

सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की:

सांसद मालीवाल के द्वारा सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की गई और ई-रिक्शा की संख्या सीमित करने समेत उनके अनिवार्य पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग, एक निर्धारित क्षेत्र, उनका निश्चित मार्ग तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने समेत अवैध चार्जिंग पॉइंट बंद करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का सुझाव दिया गया है।उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने की भी अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि दिल्ली की शहरी गतिशीलता को सुरक्षित रखना एवं उसको कुशल बनाए रखने के लिए ई-रिक्शा का नियमन करना बेहद आवश्यक हो गया है।

शहर में ई-रिक्शा की वजह से बढ़ती जा रही हैं दुर्घटनाएं:

सांसद स्वाति मालवाल ने दिल्ली में हाल ही में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने एक 10 वर्षीय लड़की की दुखद मौत का भी हवाला दिया, जिसे एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा के द्वारा कुचल दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि ई-रिक्शा अधिकतर दुर्घटनाओं में शामिल होते हैं क्योंकि उनमें दुर्घटना सुरक्षा मानकों की बेहद कमी होती है।अधिकतर ई रिक्शा ओवरलोड होते हैं तथा चालक भी बेहद लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने अवैध चार्जिंग स्टेशनों का भी मुद्दा उठाया जो इस भीषण गर्मी में आग तथा बिजली के झटके का जोखिम पैदा कर रहे हैं। साथ ही शहर में भी बिजली चोरी को बढ़ावा दे रहे हैं।

ई-रिक्शों की वजह से इन शहरों में लगता है जाम:

1)गाजियाबाद:-

लालकुआं, राकेश मार्ग, चौधरी मोड, मेरठ तिराहा, एनएच-9 क्रॉसिंग रिपब्लिक कट, तिगरी कट, बहरामपुर कट, शांतिनगर अंडरपास, विजयनगर बाईपास, प्रताप विहार, शास्त्रीनगर, वसुंधरा, मोहन नगर, इंदिरापुरम मंगल बाजार चौक, इंदिरापुरम काला पत्थर रोड।

2)गौतम बुद्ध नगर:-

मॉडल टाउन, मामूरा, सेक्टर-51,52 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-18 मार्केट, सेक्टर-15, गौर चौक, सूरजपुर, कासना, परीचौक।

3)हापुड:-

मंडी गेट, अतरपुरा चौक, तहसील चौराहा, पक्का बाग, अंबेडकर तिराहा, बुलंदशहर रोड, गढ़ रोड, एसएसवी के सामने, रेलवे रोड, चंडी रोड, गोल मार्केट, स्वर्ग आश्रम रोड आदि क्षेत्र।

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