जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा के चलते यमुना प्राधिकरण देगा CISF जवानों को स्थायी आवास!: NIA की सुरक्षा में लगे जवानों के लिए होगा 13.64 एकड़ जमीन का निशुल्क आवंटन, 28 मार्च को बोर्ड बैठक में लग सकती हैं मोहर?
जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा के चलते यमुना प्राधिकरण देगा CISF जवानों को स्थायी आवास!

ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF को सौंपी गई है। जवानों और उनके परिवारों को स्थायी आवास देने के लिए यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सेक्टर-22ए में 13.64 एकड़ जमीन आवंटित करने का मन बनाया है। यह जमीन निशुल्क दी जाएगी। इस प्रस्ताव को 28 मार्च को होने वाली यीडा बोर्ड मीटिंग में पेश किया जाएगा।

CISF ने की थी जमीन की मांग

CISF के उप महानिरीक्षक विनय काजला ने एयरपोर्ट पर तैनात होने वाले जवानों के लिए आवास की मांग की थी। उन्होंने जवानों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित और स्थायी आवास की जरूरत जताई थी जिसके बाद यीडा ने यह जमीन देने का फैसला किया है।

पहले चरण में तैनात होंगे 1,047 जवान

एयरपोर्ट के पहले फेज में CISF के 1,047 जवानों की तैनाती होगी। इनमें से 447 जवानों को परिवार सहित रहने के लिए आवास की जरूरत होगी जबकि बाकी को बैचलर क्वार्टर दिए जाएंगे। सुरक्षा दल में एक कमांडेंट, दो डिप्टी कमांडेंट, सात असिस्टेंट कमांडेंट, 318 इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर, 445 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल तथा 274 कांस्टेबल शामिल होंगे।

पहले 15% अधिक दर पर होना था जमीन आवंटन

इससे पहले फरवरी 2023 में यीडा बोर्ड ने इस जमीन को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) को ग्रुप हाउसिंग की दर से 15% अधिक मूल्य पर आवंटित करने का निर्णय लिया था। मार्च 2023 में यीडा ने YIAPL को 195 करोड़ रुपये भुगतान करने के लिए पत्र भी लिखा था। लेकिन अब CISF ने निशुल्क जमीन की मांग की है जिस पर 28 मार्च की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

28 मार्च को मिल सकती है CISF को जमीन?
एयरपोर्ट का व्यावसायिक संचालन मई या जून तक शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में CISF की साइड से जवानों के रहने के लिए मुफ्त जमीन आवंटित करने की मांग की गई थी ताकि उन्हें वहां रहने में परेशानी न हो। 28 मार्च को यीडा की बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। मंजूरी मिलने के बाद CISF जवानों को स्थायी आवास मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

निर्माण के लिए खुले होंगे दो विकल्प

जमीन आवंटन के बाद CISF के पास निर्माण के लिए दो विकल्प होंगे। पहला यीडा और CISF मिलकर एक संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के तहत निर्माण कर सकते हैं। दूसरा CISF अपने स्तर पर निर्माण कार्य करा सकता है। जब तक आवास तैयार नहीं हो जाते विवाहित जवानों को निजी आवास किराए पर लेने के लिए आवास किराया भत्ता (HRA) दिया जाएगा।

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