दिल्ली: दिल्ली सरकार के द्वारा बीते शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “महिला समृद्धि योजना” लॉन्च कर दी गई है। इसमें अब दिल्ली की गरीब महिलाओं (BPL) को हर महीने 2500 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। हालांकि यह योजना शुरू कब से होगी, यानि कब से महिलाओं के खाते में पैसे आने शुरू हो जाएंगे, इसकी कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।
आपको बता दें कि दिल्ली में करीब 72 लाख के आस-पास महिला मतदाता हैं, लेकिन योजना के अंतर्गत नियमों के चलते दिल्ली की सिर्फ 20 लाख महिलाओं को ही इसका फायदा मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कांग्रेस पार्टी भी दिल्ली सरकार पर हमलावर है।
मोदी की गारंटी एक जुमला: आतिशी
दरअसल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान नेता विपक्ष आतिशी के द्वारा इस योजना को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला गया है। उन्होंने कहा है कि मोदी की गारंटी एक जुमला थी। दिल्ली की जनता अब देखेगी कि कैसे उनके सभी वादे झूठे साबित होंगे।
इसी क्रम में आप नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि PM मोदी का दूसरा वादा होली एवं दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त सिलेंडर देने का था। अब होली के लिए सिर्फ 5 दिन बचे हैं। इसलिए ऐसा न हो कि होली के ही दिन कमेटी बना दी जाए। आपको बता दें कि योजना के नियम व शर्तें तय करने के लिए सरकार ने कमेटी बनाई गई है और सौरभ इसी को लेकर कटाक्ष कर रहे थे।
सरकार सभी महिलाओं के नहीं देना चाहती पैसे: कांग्रेस
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी नेता संदीप दीक्षित के द्वारा भी बीते रविवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार के साथ साथ उनकी “महिला समृद्धि योजना” को लेकर भी काफी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के द्वारा इस पूरी योजना के लिए जितना बजट रखा गया है वह बेहद कम है।
इसलिए इतने कम बजट में इतनी बड़ी योजना को चलाना काफी मुश्किल होगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे पता चलता है कि दिल्ली की सरकार सभी महिलाओं को नहीं बल्कि छोटे से समूह को ही इस पूरी योजना का लाभ देना चाहती है। जो दिल्ली की महिलाओं के साथ में अन्याय होगा।
शनिवार को मिली थी योजना को कैबिनेट की मंजूरी:
आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के द्वारा बीते शनिवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम से इस योजना की शुरुआत करने की घोषणा की गई थी। हालांकि इससे पहले शनिवार के दिन ही सुबह के समय दिल्ली कैबिनेट बैठक में कैबिनेट के द्वारा इस योजना को मंजूरी दे दी गई थी, साथ ही इस योजना के लिए कुल 5100 करोड़ रुपए का बजट भी जारी किया गया था।
क्या हैं योजना की नियम व शर्तें:
1) लाभार्थी को दिल्ली की महिला होना जरूरी है
2)महिला की आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए
3)महिला का परिवार इनकम टैक्स नहीं भरता हो
4)पात्र महिला की उम्र 18 से 60 साल के बीच हो
5)महिला किसी सरकारी पद पर नहीं होनी चाहिए
6)इसके साथ ही वह कोई सरकारी लाभ भी न लेती हो
7)योजना के लिए महिला का ई-रजिस्ट्रेशन होना जरूरी
शर्तें तय करने के लिए बनाई गई कमेटी: सीएम रेखा गुप्ता
वहीं मीडिया से बात करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया है कि हमने एक कमेटी का गठन किया है और इसकी अध्यक्षता मैं स्वयं ही करूंगी। इसमें दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा समेत कपिल मिश्रा तथा आशीष सूद भी रहेंगे। कमेटी के द्वारा योजना का पोर्टल बनाने, नियम तथा शर्तें तय करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए होगा एक अलग पोर्टल: सीएम
उन्होंने कहा कि “महिला समृद्धि योजना” का फायदा उठाने के लिए सभी महिलाओं को ई-रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए पोर्टल तथा मोबाइल ऐप को लॉन्च किया जाएगा। सभी महिलाएं इस पर जाकर अपना वोटर कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड और आय प्रमाण पत्र जैसे सभी जरूरी दस्तावेज जमा करके अपना आवेदन कर सकेंगी।
अगले साल बढ़ाया जाएगा इस योजना का बजट: सीएम रेखा गुप्ता
वहीं सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि योजना से जुड़े अधिकारियों के द्वारा यह बताया गया है कि योजना का बजट अगले वर्ष बढ़ाया जाएगा। इस साल योजना के लिए कुल 5100 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जिससे महिलाओं को पहले से मिल रही सरकारी सहायता में कोई भी रुकावट नहीं आएगी।
चुनाव के दौरान भाजपा ने 2500 रुपए देने का किया था वादा:
आपको बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान जब आम आदमी पार्टी के द्वारा दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए देने के वादा किया गया था तो उसके सामने भारतीय जनता पार्टी के द्वारा भी 2500 रुपए देने का वादा किया गया था।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में इसका फायदा मिला था और भारतीय जनता पार्टी के द्वारा दिल्ली की 70 सीटों में से कुल 48 सीटें जीतकर करीब 26 सालों के बाद सत्ता में वापसी की गई थी, जबकि आम आदमी पार्टी 22 सीटों पर ही सिमट गई थी।