धर्म और संस्कृति: राजस्थान के खाटू में लगने वाले फाल्गुनी एकादशी के मुख्य मेले के अवसर पर बाबा श्याम का 125 किलो चांदी के एक भव्य रथ में नगर भ्रमण निकला गया। जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं इस दौरान रथ को छूने के लिए भक्तों की भीड़ आगे बढ़ी, जिसे पुलिस के द्वारा नियंत्रित किया गया।
रविवार रात से ही जमा होने लगे थे श्रद्धालु:
दरअसल बीते रविवार की रात से ही खाटू श्याम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। मंदिर की सभी 14 लाइन फुल हैं तथा करीब 75 फीट ग्राउंड पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए लाइनों में लगे हुए हैं। भक्तों पर ठंडे पानी तथा इत्र की बौछार भी की जा रही है।
श्याम कुंद से शुरू होकर चौक पर होगी समाप्त:
आपको बता दें कि बाबा श्याम की यह यात्रा प्राचीन श्याम कुंड से शुरू होने के पश्चात अस्पताल चौराहा तथा पुराना बस स्टैंड से होते हुए मुख्य बाजार के कबूतर चौक पर जाकर समाप्त होगी। वहीं नगर भ्रमण में भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।इसके साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी आज दोपहर करीब 2 बजे के पश्चात खाटू के लक्खी मेले में शिरकत करेंगे। बता दें कि रींगस रोड पर श्रद्धालु की जेब से मोबाइल चोरी समय एक आरोपी को भीड़ ने धर दबोचा है।
कारपेट पर चलेंगे रींगस रोड से आने वाले सभी भक्त:
व्यवस्था के अनुसार खाटू श्याम के दर्शन करने के लिए पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी कुल 14 लाइनें लगाई जाएंगी। इनके माध्यम से सभी भक्त बाबा की चौखट तक पहुंच सकेंगे। वहीं रींगस से खाटू तक कारपेट भी बिछाया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को खाटू धाम पहुंचने के पश्चात भी करीब 8 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा।वहीं रींगस रोड से आने वाले सभी भक्तों को नगरपालिका (खाटू) के पास से मुख्य प्रवेश द्वार से होकर अन्दर आना होगा। यहां से वह सभी चारण मैदान पहुंचेंगे। बता दें कि चारण मैदान में टीन शेड से कवर करके अस्थायी जिगजैग बनाए गए हैं। यहां से होकर ही लखदातार मैदान में पहुंच सकेंगे।
क्या कहना है SDM तथा मेला प्रभारी मोनिका सामोर का:
वहीं मेला प्रभारी तथा एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया है कि पिछली बार चारण खेत में दर्शन के लिए कुल 7 ब्लॉक बनाए थे लेकिन इस बार भीड़ को देखते हुए कुल 9 ब्लॉक बनाए गए हैं। वहीं सरकारी प्रोटोकॉल वाले VIP लोगों को छोड़कर सभी के लिए VIP दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी।इसके अतिरिक्त दिव्यांग एवं बुजुर्गों के लिए दर्शन की व्यवस्था अलग रहेगी। मंदिर से लगभग 250 मीटर की दूरी पर स्थित लाला मांगेराम धर्मशाला के पास में व्हील चेयर्स की सुविधा भी रहेगी। वहीं अलग लाइन में व्हील चेयर से दिव्यांगों को मंदिर तक ले जाया जा सकेगा।
पहली बार मूर्ति से 50 मीटर पहले लगाए गए मेटल डिटेक्टर:
बता दें कि पहली बार मंदिर परिसर की कुल 14 लाइनों में मेटल डिटेक्टर मशीनें भी लगाई गई हैं। हर वर्ष रींगस डायवर्जन के पास में जहां से भक्त दर्शनों के लिए लाइन में लगाना शुरू करते हैं, वहां पर ही मेटल डिटेक्टर एवं अन्य उपकरणों से जांच होती है। लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। मंदिर में जहां पर बाबा श्याम की मूर्ति लगी हुई है उससे करीब 50 मीटर पहले ही मंदिर कमेटी की दीवार के पास स्थित सभी लाइनों में नए मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। इसलिए मेले में आने वाले सभी भक्तों मेटर डिटेक्टर से होकर ही गुजरना पड़ेगा।
400 से अधिक CCTV कैमरों से की जाएगी निगरानी:
इसके अतिरिक्त रींगस से खाटूश्यामजी रास्ता एवं खाटू नगरी में पूरी तरह से सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से निगरानी रहेंगी। इसलिए लिए 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। अलोदा तिराहा समेत मंढा रोड एवं रींगस रोड पर भी कई कैमरे लगाए गए हैं। वहीं इस बार पूरा मेला ड्रोन कैमरों की मदद से भी कवर किया जाएगा। बता दें कि सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए चारों दिशाओं में बड़े विद्युतीकृत गेट भी स्थापित किए गए हैं। यह चारों गेट देवताओं की आकृतियों से सुसज्जित लिए गए हैं हैं।
करीब 4500 से अधिक जवान तैनात:
आपको बता दें कि मेले में कड़े सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। 10 सेक्टर में लगभग 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी वहीं साथ में आरएसी (RAC) के भी करीब 4500 जवान मेले में तैनात होंगे।वहीं रींगस डायवर्जन, चारण मेला मैदान में प्रवेश द्वार, लामिया रोड एवं दांता रोड पर विशेष सुरक्षा द्वार भी लगाए गए हैं। साथ है भक्तों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर समेत आस-पास के इलाकों में भी करीब 5 हजार से अधिक पुलिस बल को तैनात किया गया है।