महाकुंभ का आज अंतिम अमृत स्नान!: 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कर रहे हैं अमृत स्नान वही प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख़्ता इंतेज़ाम और...?
महाकुंभ का आज अंतिम अमृत स्नान!

महाकुंभ: वसंत पंचमी के मौके पर आज यानि सोमवार को महाकुंभ का तीसरा एवं अंतिम अमृत स्नान किया जा रहा है। बता दें कि साधु-संत स्नान करने के लिए हाथों में तलवार-गदा एवं डमरू, शंख लेकर, शरीर पर भभूत लगाकर, आंखों पर काला चश्मा पहनकर, घोड़े और रथ की सवारी के साथ ही हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए संगम पर पहुंच रहे हैं।

आपको बता दें कि आज महाकुंभ का 22वां दिन है। साथ ही वसंत पंचमी पर अब तक करीब 62.25 लाख श्रद्धालुओं के द्वारा स्नान किया गया है। वहीं 13 जनवरी से लेकर अब तक लगभग 34.97 करोड़ से अधिक लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। प्रशासन का यह अनुमान है कि आज भी करीब 3 से 4 करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा सकते हैं।

साधुओं का आशीर्वाद लेने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे संगम:

दअरसल सबसे पहले पंचायती निरंजनी अखाड़े के संत जी संगम पहुंचे थे। उसके बाद सबसे बड़े जूना अखाड़े के साथ किन्नर अखाड़े के द्वारा अमृत स्नान किया गया। वहीं आज एक-एक करके करीब 13 अखाड़े अमृत स्नान करेंगे।

बता दें कि साधुओं का आशीर्वाद लेने के लिए संगम पर लाखों श्रद्धालु मौजूद हैं। नागा साधुओं की चरण रज को अपने माथे पर लगा रहे हैं। वहीं 20 से अधिक देशों के लोग भी संगम में अमृत स्नान देखने के लिए पहुंचे हैं। जहां हेलिकॉप्टर से सभी पर पुष्प वर्षा भी की गई है।

महाकुंभ में क्या हैं सुरक्षा के इंतेज़ाम: 

आपको बता दें कि संगम जाने वाले सभी रास्तों पर लगभग 10 किमी तक श्रद्धालुओं का रेला लगा हुआ है। प्रयागराज जंक्शन से 8 से लेकर 10 किमी तक पैदल चलकर लोग संगम तक पहुंच रहे हैं। वहीं इस भीड़ देखते हुए लेटे हनुमान मंदिर को फिलहाल बंद कर दिया गया है। साथ ही मेला क्षेत्र के सभी रास्तों को वन-वे कर दिया गया है।

इसके साथ ही महाकुंभ मेले में करीब 60 हजार से भी अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त भीड़ संभालने के लिए लगभग 100 से अधिक नए IPS को भी मैदान में उतारा गया है। महाकुंभ में आई भीड़ की हेलिकॉप्टर से मॉनिटरिंग की जा रही है। 

सुरक्षा के इस क्रम में करीब 2750 CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। वहीं लखनऊ में सीएम आवास पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। DGP, प्रमुख सचिव गृह तथा सीनियर अफसरों के साथ में योगी तड़के 3 बजे से खुद ही इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

आज भीड़ हमारे नियंत्रण में है: DIG महाकुंभ

दअरसल DIG महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा है कि महाकुंभ की व्यवस्था बहुत अच्छी है। साथ ही आज भीड़ नियंत्रण भी हमारा काफी अच्छा है। सभी अखाड़ों का अमृत स्नान सफलतापूर्वक संपन्न किया जा रहा है तथा यह समय से पूर्व ही संपन्न हो रहा है। 

इसके अतिरिक्त अब तक फिलहाल तीन अखाड़ों का स्नान भी हो चुका है जिनमें महानिर्वाणी अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा एवं जूना अखाड़ा शामिल हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक स्नान कर लिया है। इसी क्रम में अन्य अखाड़े भी आज सफलतापूर्वक स्नान करेंगे।

महाकुंभ की कुछ व्यवस्थाएं एवं नियम:

1)पूरे मेला क्षेत्र में 2 फरवरी से लेकर 4 फरवरी तक सभी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

2)VVIP वाहनों के पास भी फिलहाल रद्द कर दिए गए हैं।

3)सभी 9 रेलवे स्टेशनों पर प्रशासन ने वन-वे व्यवस्था लागू की है।

4)एक लेन से सभी श्रद्धालु महाकुंभ में एंट्री करेंगे, तो वहीं दूसरी लेन से वह बाहर निकलेंगे।

5)श्रद्धालुओं को अपने अपने वाहन अब शहर के बाहर ही बनी पार्किंग में खड़े करने होंगे।

6)पार्किंग तथा रेलवे स्टेशन से शटल बस की सुविधा की गई है। बस नहीं मिलने पर पैदल ही संगम जाकर लौटना पड़ेगा।

7)पार्किंग तथा स्टेशनों से संगम की दूरी लगभग 8 से 12 किमी है और यहां पैदल ही जाना होगा।

समझिए शहर में आने-जाने का क्या है ट्रैफिक प्लान:

दअरसल इस बार प्रशासन के द्वारा सभी भक्तों के लिए आने-जाने के लिए बेहद पुख्ता व्यवस्था की गई है। सिविल लाइन क्षेत्र को भी मेला क्षेत्र में जाने के लिए खोल दिया गया है। वहीं मेला क्षेत्र से वापस आने हेतु लीडर रोड से रेलवे स्टेशन की तरफ जाने की भी व्यवस्था की गई है।

रेल प्रशासन के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु लाल, हरे, पीले तथा नीले रंग के बैनर लगाए गए हैं। इसमें स्टेशन के अंदर जाने के लिए सभी मार्गो को प्रदर्शित किया गया है। लाल रंग में अयोध्या की ओर जाने के लिए, नीले रंग से मिर्जापुर तथा पीले रंग से झांसी और हरे रंग से दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए रास्ता बताया जा रहा है।

मेला क्षेत्र में लगाए गए करीब 2750 CCTV - SSP कुंभ मेला

आपको बता दें कि कुंभ मेला SSP राजेश द्विवेदी ने कहा है कि CRPF के द्वारा लगातार सभी स्नानों में अच्छा काम किया गया है। न सिर्फ उनके जवान बल्कि उनके अधिकारी भी हमारे साथ मैदान में कंधे से कंधा मिलाकर उतरे हैं। 

उन्होंने बताया कि वहां पर एक वॉर रूम तैयार किया गया है जहां तकरीबन 2750 CCTV कैमरों को क्रमिक रूप से देखने के लिए डेस्क लगाए गए हैं। वहां पर सारे विभाग के लोग मौजूद हैं ताकि सभी के साथ समन्वय करके इसे सफल बनाया जा सके।

महाकुंभ में पहुंचे कई विदेशी श्रद्धालु:

आपको बात दें कि महाकुंभ में पहुंचीं एक विदेशी श्रद्धालु ने कहा कि महाकुंभ बेहद अविश्वसनीय है। इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतने सारे लोग एक साथ एक स्थान पर महास्नान कर रहे हैं। हम सभी एक हैं। हर-हर महादेव।

वहीं महाकुंभ में पहुंचे एक अन्य विदेशी श्रद्धालु ने कहा कि मैं स्लोवेनिया से यहां आया हूं। यह मेरा दूसरा महाकुंभ है। दरअसल मैं साल 2021 में यहां आया था। लेकिन यह मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि आज मेरा जन्मदिन भी है। मैंने अपना जन्मदिन संगम में डुबकी लगाकर मनाया है। यहां पर कुछ ऐसा है जिसे बताने के लिए मेरे पास फिलहाल कोई शब्द नहीं हैं। मैं बहुत बड़ा आभारी हूं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से किया विनम्र निवेदन:

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि प्रयागराज आने वाले सभी श्रद्धालुओं से मेरा विनम्र निवेदन है कि “संयम ही संगम है, इसलिए संयम के साथ ही तीर्थराज प्रयाग आएं।” उन्होंने कहा कि अमृत स्नान के दौरान मां गंगा के जिस भी तट पर स्थान मिले वहीं स्नान कर लें क्योंकि “मन चंगा तो कठौती में गंगा”। अतः सब जगह त्रिवेणी संगम का ही किनारा है।

आइए जानते हैं कि वसंत पंचमी पर हमें क्या करना चाहिए:

1)वसंत पंचमी के दिन किसी पवित्र नदी में जाकर स्नान जरूर करना चाहिए।

2)इस दिन माता सरस्वती की पूरे विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।

3)सरस्वती माता के मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए।

4)वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती को हल्दी का अर्पण अवश्य करें।

5)इस दिन माता सरस्वती को खीर का भोग भी लगाया जाता है।

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