महाकुंभ में इतिहास रचने की तैयारी!: श्रद्धालुओं के इलाज के लिए देश के पहले AI बेस्ड ICU से लेकर रिवर और एयर एम्बुलेंस तक की हुई व्यवस्था, 107 करोड़ दवाओं के स्टॉक के साथ 3 लाख मुफ्त चश्मों का भी होगा वितरण?
महाकुंभ में इतिहास रचने की तैयारी!

महाकुंभ नगर: महाकुंभ 2025 को न केवल भव्य बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी ऐतिहासिक बनाने की योजना तैयार की गई है। अनुमान है कि इस बार 40 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन होगा। इसी के आधार पर प्रयागराज में एक व्यापक चिकित्सा संरचना खड़ी की गई है। पूरे आयोजन क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था की गई है कि किसी भी श्रद्धालु को बीमारी या चिकित्सा सहायता के लिए परेशान न होना पड़े। ओपीडी सेवाओं से लेकर गंभीर ऑपरेशन तक की व्यवस्था यहां मौजूद है।

पहली बार AI आधारित ICU की स्थापना

महाकुंभ में पहली बार देश का पहला AI बेस्ड ICU हॉस्पिटल बनाया गया है। यह 100 बेड का केंद्रीय अस्पताल परेड ग्राउंड में स्थित है। इसके अलावा 43 अस्थाई अस्पतालों में 380 बेड की व्यवस्था की गई है। केंद्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. मनोज कौशिक ने बताया कि यह ICU विशेष रूप से एआई तकनीक से लैस है, जो मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखता है। किसी आपातकालीन स्थिति में यह सिस्टम स्वतः मेडिकल टीम को अलर्ट भेजता है और तुरंत इलाज शुरू करने का निर्देश देता है।

केंद्रीय अस्पताल: सुविधाओं का केंद्र

केंद्रीय अस्पताल में ओपीडी, मेजर ऑपरेशन थियेटर, और बच्चों और महिलाओं के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। यहां की साफ-सफाई से लेकर चिकित्सा प्रबंधन तक सबकुछ उच्च स्तर का है। अस्पताल में 36 विशेषज्ञ डॉक्टर, 35 सहायक स्टाफ और 15 वार्ड बॉय 24 घंटे तैनात रहेंगे। यहां 215 तरह के ब्लड टेस्ट के लिए पैथोलॉजी सुविधा, ईसीजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और कार्डियो टेस्ट जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।

रिवर और एयर एंबुलेंस की अनूठी सुविधा

श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं देने के लिए 125 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें 115 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 10 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा 14 एयर एंबुलेंस 24 घंटे तैयार रहेंगी। एयर एंबुलेंस का उपयोग गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

रिवर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है जो घाटों पर लगातार मूवमेंट करती रहेंगी। इन एंबुलेंस में मिनी वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं हैं ताकि नहाने के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज किया जा सके।

नेत्र कुंभ: मुफ्त चश्मों का वितरण

महाकुंभ के दौरान नौ एकड़ में नेत्र कुंभ आयोजित किया जा रहा है। इसमें पांच लाख से अधिक लोगों की आंखों की जांच करने और तीन लाख चश्मों का मुफ्त वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। कुंभ 2019 में 1.5 लाख चश्मों का वितरण हुआ था, जिसने इसे ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान दिलाया था।

रेलवे स्टेशनों पर चिकित्सा सेवाएं

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन और छिवकी स्टेशन पर ऑब्जर्वेशन रूम बनाए गए हैं। यहां डॉक्टर और अन्य स्टाफ हर समय मौजूद रहेंगे। प्रत्येक स्टेशन पर प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी उपकरण और दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।

दवाओं का विशाल स्टॉक

महाकुंभ में चिकित्सा सेवाओं के लिए 107 करोड़ टैबलेट्स का स्टॉक रखा गया है। 276 प्रकार की दवाएं सूचीबद्ध की गई हैं जिनमें बुखार, गैस, पेट दर्द और अन्य लाइफ सेविंग दवाएं शामिल हैं। लगभग 30 लाख पैरासिटामॉल, 40 लाख एसिलॉक, 20 लाख एमोक्सीसिलिन जैसी दवाओं का बैकअप है।

हर स्थिति के लिए तैयार है डॉक्टरों की टीम

महाकुंभ में मेदांता, एम्स रायबरेली, एसजीपीजीआई लखनऊ और आर्मी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें रोटेशन के आधार पर काम करेंगी। पूरे आयोजन क्षेत्र में 400 से अधिक डॉक्टरों को तैनात किया गया है।

निशुल्क इलाज और OPD सेवाएं

महाकुंभ में सभी चिकित्सा सेवाएं निशुल्क प्रदान की जाएंगी। ओपीडी में रोजाना 5000 से 8000 मरीजों के इलाज की संभावना है। शुरुआती दिनों में करीब 500 मरीज रोजाना इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें अधिकतर बुखार, पेट दर्द और मौसमी बीमारियों से ग्रस्त होते हैं।

आपातकालीन मरीजों के लिए बनाया गया विशेष रास्ता

मरीजों को अस्पताल तक तेज़ी से पहुंचाने के लिए कुंभ क्षेत्र में विशेष ग्रीन ट्रैक बनाए गए हैं। ये रास्ते एंबुलेंस को अन्य वाहनों के बीच बिना रुकावट अस्पताल तक पहुंचने की सुविधा देते हैं।

मेडिकल हेल्प डेस्क

पूरे आयोजन क्षेत्र में मेडिकल हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं जहां किसी भी स्वास्थ्य समस्या की सूचना दी जा सकती है। ये डेस्क एंबुलेंस और अन्य चिकित्सा सेवाओं के बीच समन्वय का काम करती हैं।

आधुनिक तकनीक से लैस आयोजन

AI आधारित ICU और रियल-टाइम निगरानी जैसी अत्याधुनिक तकनीकें इस बार के महाकुंभ को विशेष बनाती हैं। यह पहली बार है जब एआई तकनीक का उपयोग इतनी व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। यह तकनीक मरीजों की स्थिति पर नजर रखने और सही समय पर सही उपचार सुनिश्चित करने में सहायक है।

महाकुंभ 2025 स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करने वाला है। यहां न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है बल्कि उन्हें हर स्तर पर सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का संकल्प लिया गया है। यह आयोजन भारत की उन्नत चिकित्सा तकनीक और सेवा भावना का प्रतीक बनेगा।

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