महाकुंभ भगदड़ हादसे में 30 से ज्यादा मौत!: भावुक हुए सीएम योगी दिए न्यायिक जांच के आदेश वही कुंभ-2019 में तैनात IAS अफसरों की लगाई ड्यूटी!
महाकुंभ भगदड़ हादसे में 30 से ज्यादा मौत!

महाकुंभ: प्रयागराज महाकुंभ में संगम तट पर हुई भगदड़ में कई लोगों की मौत होने तथा तमाम श्रद्धालुओं के घायल होने के पश्चात अब योगी सरकार एक्शन में आ गई है। दअरसल रात को CM योगी के द्वारा टॉप अफसरों के साथ एक हाई लेवल की मीटिंग की गई है। जिसके बाद महाकुंभ में कुछ पुराने तथा अनुभवी ऑफिसर्स की ड्यूटी लगा दी गई है। 

2019 की IAS जोड़ी को बुलाया गया वापस:

आपको बता दें की योगी सरकार के द्वारा IAS आशीष गोयल तथा भानु चंद्र गोस्वामी को तत्काल रूप से प्रयागराज पहुंचने के लिए कहा गया है। दअरसल साल 2019 में हुए अर्ध कुंभ मेले को आशीष गोयल तथा भानु चंद्र गोस्वामी की जोड़ी के द्वारा विजय किरण के साथ मिलकर करवाया गया था। 

उस वक्त भानु DM तथा प्राधिकरण के VC थे। वहीं आशीष गोयल तब के इलाहाबाद जिले के कमिश्नर तथा अर्धकुंभ मेला के प्रभारी भी थे। 5 और विशेष सचिव रैंक के अधिकारियों को भी अब योगी सरकार के द्वारा कुंभ भेजा गया है, जिनका अधिक अनुभव रहा है।

17 घंटे बाद सरकार ने मानी भगदड़ में हुई हैं 30 मौतें:

दअरसल हादसे के 17 घंटे पश्चात बीते बुधवार की शाम करीब साढ़े 6 बजे उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कुल 30 मौतों की पुष्टि की गई है। दअरसल DIG वैभव कृष्ण के द्वारा यह कहा गया है कि 60 लोग घायल भी हुए हैं तथा 25 शवों की पहचान कर ली गई है।

आइए जानने कि कोशिश करते हैं कि आखिर भगदड़ की मुख्य वजह क्या हो सकती है:

सबसे पहले बात करें तो आज यानि मंगलवार को महाकुंभ में मौनी अमावस्या का स्नान है। जिस वजह से वहां करीब 9 करोड़  अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद होने का अनुमान भी है। वहीं प्रशासन के मुताबिक संगम सहित कुल 44 घाटों पर देर रात तक आज तकरीबन 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के द्वारा डुबकी लगाने का भी अनुमान जताया गया है।

जिसके चलते (अमृत स्नान की वजह से) ही ज्यादातर पांटून पुल बंद कर दिए गए थे। इसलिए संगम पर पहुंचने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की करोड़ों की भीड़ लगातार यहां इकट्ठा होती चली गई। जिससे वहां लगे बैरिकेड्स में कुछ लोग फंसकर नीचे गिर गए। यह देखकर लोगों में भगदड़ होने की अफवाह फैल गई।

वहीं संगम नोज पर भी एंट्री तथा एग्जिट के रास्ते अलग-अलग न होकर एक साथ ही थे। अतः लोग जिस रास्ते से वहां आ रहे थे, उसी रास्ते से लोग वापस भी जा रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो सभी लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया। इसलिए वह एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए और इतना बड़ा हादसा हो गया।

घटना को लेकर भावुक हुए सीएम योगी:

आपको बता दें कि मृत्यु का आंकड़ा आने के पश्चात सीएम योगी के द्वारा भी अपनी प्रतिक्रिया दी गई। जिसमें मीडिया से बात करते हुए वह काफी भावुक भी दिखे। उन्होंने कहा कि 30 के आस-पास मौतें हुई हैं। मैं इस पूरी घटना से बेहद दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं सभी मृतकों के परिजनों के साथ हैं। 

इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को उन्होंने 25-25 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा भी की तथा न्यायिक जांच के आदेश भी दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि जब यह हादसा हुआ था उस समय लोग मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम तट पर इंतजार कर रहे थे। 

महाकुंभ में बुधवार को हुई एक और भगदड़, 5 लोगों की हो गई मौत:

आपको बता दें कि इसके अतिरिक्त महाकुंभ में बीते बुधवार सुबह भी एक भगदड़ मची थी। हालांकि यह घटना देर रात को सामने आई। दरअसल ओल्ड जीटी रोड की ओर से मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे थे। लेकिन इसी बीच मुक्ति मार्ग से किसी एक महामंडलेश्वर की गाड़ी गुजर रही थी। 

इस दौरान करीब 2 से 3 महिलाएं वहां पर गिर पड़ीं और गाड़ी उन महिलाओं को रौंदते हुए निकल गई। इसके पश्चात वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। वहीं CO रुद्र प्रताप के द्वारा यह बताया गया है कि यह दुर्घटना बीते बुधवार सुबह 8 से 9 बजे के करीब में हुई थी। जिसमें 5 लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई थी जिसमें एक बच्ची भी शामिल है।

उन्होंने आगे बताया कि महामंडलेश्वर कि गाड़ी बैक करने के वक्त 5 लोग घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल इलाज के लिए स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया था। जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फिलहाल मरने वालों की पहचान कराई जा रही है।

पीएम मोदी ने फोन पर सीएम योगी से की बात:

इसके पश्चात फिलहाल संगम में एंट्री बंद कर दी गई। जिस वजह से लोग काफी आक्रोशित हो गए हैं। लोगों का यह कहना था कि अगर ऐसा करना था तो पहले ही इसका ऐलान कर देना चाहिए था। फिलहाल मेला प्रशासन के द्वारा लोगों को समझाया जा रहा है। 

वहीं सुबह ही प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा महाकुंभ मेले की स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की गई, घटनाक्रम की समीक्षा की तथा तत्काल सहायता उपाय करने को भी कहा। पीएम मोदी के द्वारा कई बार सीएम योगी से बात की गई है। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सीएम योगी को फोन करके भगदड़ का हाल
जाना था।

सीएम योगी ने अफवाह पर ध्यान न देने की श्रद्धालुओं से की अपील:

दरअसल सुबह 8 बजे सीएम योगी के द्वारा सभी श्रद्धालुओं से यह अपील की गई है कि जो व्यक्ति मां गंगा के जिस घाट के समीप है, वह वहीं पर करे स्नान, संगम नोज की तरफ जाने का प्रयास बिल्कुल भी न करें। प्रशासन के दिशा निर्देशों का अनुपालन करें तथा इस पूरी व्यवस्था को बनाने में हमारा सहयोग करें। 

उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान बिल्कुल न दें। भगदड़ के पश्चात महाकुंभ की सुरक्षा और अधिक बढ़ा दी गई। अफसर अब हेलिकॉप्टर से भी महाकुंभ की निगरानी करने लगे हैं। महाकुंभ में भगदड़ के पश्चात 9 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा अपने आवास पर ही एक इमरजेंसी बैठक भी बुलाई गई थी। जिसमें उन्होंने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

भगदड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल:

वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में भी महाकुंभ में हुई भगदड़ को लेकर एक जनहित याचिका दायर कर दी गई है। आपको बता दें कि इस जनहित याचिका में महाकुंभ में हुई भगदड़ को लेकर यूपी सरकार से एक स्टेटस रिपोर्ट की मांग की गई है। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

न्यायिक जांच के लिए बनाई गई समिति:

आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ के द्वारा यह कहा गया है कि घटना की न्यायिक जांच के लिए प्रशासन के द्वारा 1 सदस्यीय एक कमेटी गठित की गई है। सीएम योगी ने कहा कि न्यायिक आयोग 1 महीने के भीतर ही अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे देगा। इस संबंध में मुख्य सचिव तथा डीजीपी खुद प्रयागराज का दौरा करेंगे।
 
आइए जानते हैं कि कौन हैं समिति के सदस्य:

1)जस्टिस हर्ष कुमार, साल 1998 बैच के एचजेएस
29 मार्च 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से रिटायर हो चुके हैं।

2)वीके गुप्ता, साल 1982 बैच के IPS अफसर रहे हैं
31 दिसंबर 2016 को डीजी (DG) होमगार्ड पद से रिटायर हो चुके हैं।

3)डीके सिंह, साल 2005 बैच के प्रमोटी आईएएस (IAS) रहे हैं।
31 जुलाई 2022 को मंडलायुक्त चित्रकूट के पद से रिटायर हो चुके हैं।

पहली बार देखने को मिला इतना दबाव: सीएम योगी

आपको बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ का आज 18वां दिन चल रहा है। सुबह 8 बजे तक करीब 55.11 लाख श्रद्धालुओं के द्वारा स्नान किया गया है। वहीं 13 जनवरी से शुरू हुए इस महाकुंभ में अब तक तकरीबन 28.13 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

सीएम के द्वारा कहा गया है कि प्रयागराज में आज लगभग 8 करोड़ लोगों का दबाव भी था। इसलिए आस-पास के जिलों में ही अब लोगों को यहां आने से रोक दिया गया था। इतना अधिक दबाव पहली बार देखने को मिला है। मौनी अमावस्या का मुहूर्त सुबह 4 बजे से था। प्रशासन के अनुरोध पर अखाड़ों के द्वारा अमृत स्नान स्थगित कर दिया गया है।

अन्य जिलों में ही भक्तों को रोक दिया गया है:

सीएम योगी ने बताया है कि मिर्जापुर, भदोही तथा जौनपुर जिलों में होर्डिंग लगवाकर श्रद्धालुओं को वहीं रोक दिया गया है। साथ ही सभी अखाड़ों के स्नान करने के पश्चात श्रद्धालुओं को भी छोड़ा जा रहा है। 

रेलवे के द्वारा महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए तकरीबन 300 से अधिक ट्रेनें अभी तक चलाई गई हैं। रोडवेज प्रशासन के द्वारा 8 हजार बसों को लगाया गया है, जिससे लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।

अन्य खबरे