महाकुंभ नगर: महाकुंभ 2025 के मुख्य अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या के आयोजन के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार खासतौर पर कम्युनिकेशन प्लान को और अधिक मजबूत बनाने पर ध्यान दिया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक प्रभावी योजना तैयार की गई है। इसके तहत ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया है जो शहर के 10 बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों को आपस में जोड़ेगा जिससे आपात सेवाएं सुगम हो सकें।
कम्युनिकेशन प्लान को बनाया मजबूत
मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज पुलिस ने एक ठोस कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया है। इसमें विशेष तौर पर सैटेलाइट फोन मंगाए गए हैं। इनका उपयोग तब किया जाएगा जब किसी विषम परिस्थिति में मोबाइल नेटवर्क, लैंडलाइन, वॉकी-टॉकी या वायरलेस सेट काम नहीं करेंगे।
शहर के 206 ड्यूटी प्वाइंट्स पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ वायरलेस सेट के माध्यम से संवाद स्थापित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इन ड्यूटी प्वाइंट्स को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि सभी से एकसाथ संवाद किया जा सके या आवश्यकता पड़ने पर चार से पांच प्वाइंट्स से अलग-अलग संपर्क साधा जा सके। पुलिस लाइन में स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईट्रिपलसी) शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी करेगा। इससे यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होगी।
विशेष प्राथमिकताएं
महाकुंभ के दौरान कम्युनिकेशन को प्राथमिकता देते हुए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
-शहर के 20 स्थानों पर क्रेन स्थापित की गई हैं जिनसे आपातकालीन स्थिति में संवाद किया जा सकेगा।
-करीब 600 एंबुलेंस को एक प्रभावी नेटवर्क से जोड़ा गया है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं तक तुरंत पहुंच बनाई जा सके।
-रेलवे और रोडवेज से कम्युनिकेशन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
-मेला पुलिस और कमिश्नरेट पुलिस के बीच आपसी तालमेल के लिए समर्पित कम्युनिकेशन चैनल बनाया गया है।
-अग्निशमन विभाग और दमकल वाहनों के साथ संपर्क सुनिश्चित किया गया है।
पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इससे शहर के भीतर यातायात नियंत्रण में मदद मिलेगी। श्रद्धालुओं के वाहनों को इन स्थानों पर पार्क किया जा सकेगा:
1. काली मार्ग भाग दो: ओल्ड जीटी रोड से अलोपी देवी मंदिर के पास स्थित पार्किंग में वाहन खड़े किए जा सकते हैं।
2. नागवासुकी पार्किंग: भरद्वाज चौराहे से नागवासुकी रैंप के पास वाहन पार्क किए जा सकेंगे।
3. बघाड़ा पार्किंग: हाशिमपुर रेलवे ओवरब्रिज से होकर श्रद्धालु अपने वाहन यहां पार्क कर सकते हैं।
4. ईसीसी और जमुना क्रिश्चियन पार्किंग: पुराने शहर से यमुना बैंक रोड के पास आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन यहां खड़ा कर सकते हैं।
5. आइईआरटी मैदान पार्किंग: मम्फोर्डगंज से आने वाले श्रद्धालु यहां वाहन खड़े करेंगे।
6. सीएमपी डिग्री कॉलेज और केपी कॉलेज पार्किंग: महात्मा गांधी मार्ग से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन यहां खड़ा कर सकते हैं।
7. गंगेश्वर महादेव पार्किंग: तेलियरगंज और शिवकुटी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन यहां खड़ा कर सकते हैं।
8. कर्नलगंज इंटर कॉलेज और मुस्लिम हॉस्टल पार्किंग: कटरा और अशोक नगर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए।
9. प्लाट नंबर 17 पार्किंग: जवाहर चौराहा और हर्षवर्धन चौराहा से आने वाले वाहनों के लिए।
बाहरी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित
शहर के अंदर यातायात की व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहरी वाहनों का प्रवेश सीमित कर दिया गया है। बाहर से आने वाले वाहनों को विशेष पार्किंग स्थलों पर रोका जाएगा:
-जौनपुर से आने वाले वाहनों को चीनी मिल पार्किंग (झूंसी) में रोका जाएगा।
-वाराणसी से आने वाले वाहन शिवपुर उस्तापुर और पटेल बाग में पार्क होंगे।
-मिर्जापुर से आने वाले वाहन सरस्वती हाईटेक सिटी पार्किंग तक जा सकेंगे।
-रीवा से आने वाले वाहन नैनी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और नव प्रयागम् पार्किंग में खड़े किए जाएंगे।
-कानपुर और लखनऊ से आने वाले वाहन बेली कछार पार्किंग तक ही आ सकेंगे।
-कौशांबी से आने वाले वाहन नेहरू पार्क और एयरफोर्स मैदान पार्किंग में खड़े होंगे।
ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण
किसी भी आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है जो 10 प्रमुख अस्पतालों को जोड़ता है। इस कॉरिडोर के माध्यम से एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं का संचालन तेज और निर्बाध रूप से हो सकेगा।
पुलिस के उच्च अधिकारी का बयान
डीआईजी अजय पाल सिंह के अनुसार महाकुंभ के लिए तैयार किया गया कम्युनिकेशन प्लान आपातकालीन परिस्थितियों में भी सुचारु रूप से कार्य करेगा। इसमें मोबाइल नेटवर्क और वायरलेस सेट के फेल होने की स्थिति में सैटेलाइट फोन का उपयोग किया जाएगा। ग्रीन कॉरिडोर से चिकित्सा सुविधाओं को तीव्रता से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
महाकुंभ के इस भव्य आयोजन में पुलिस और प्रशासन का यह समर्पित प्रयास श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।