लखनऊ: प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ऐसे आयोजनों का प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति पर सकारात्मक असर पड़ता है। वर्ष 2019 में हुए कुंभ मेले के दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 1.20 लाख करोड़ रुपये का योगदान हुआ था। इस बार अनुमान लगाया गया है कि महाकुंभ के माध्यम से उत्तर प्रदेश को 2 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होगा।
इस आयोजन में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार आर्थिक वृद्धि के सरकारी दावे में सच्चाई है। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालु परिवहन, आवास, भोजन और अन्य सेवाओं पर खर्च करते हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायों और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होती है।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की रिपोर्ट के अनुसार 2013 के महाकुंभ में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं 2019 के कुंभ मेले ने प्रदेश को 1.20 लाख करोड़ रुपये की आय प्रदान की। इसके साथ ही पिछले कुंभ में 6 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए थे। इस बार इन अवसरों में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
पूजा सामग्री और फूलों का कारोबार
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के उत्तर प्रदेश चैप्टर के अनुसार इस बार पूजा सामग्री का कारोबार लगभग 2 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, मेले में फूलों का कारोबार करीब 800 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है।
किराने और घरेलू सामान पर खर्च
अनुमान है कि किराने के सामान जैसे गेहूं का आटा, चीनी, मसाले और चाय पर लगभग 4000 करोड़ रुपये का व्यापार होगा। इसके अतिरिक्त, खाद्य तेल के लिए 1000 करोड़ रुपये, सब्जियों पर 2000 करोड़ रुपये, बिस्तर, गद्दे और घरेलू सामान पर 500 करोड़ रुपये और दूध व डेयरी उत्पादों पर 4000 करोड़ रुपये का व्यापार होगा। अन्य वस्तुओं में हीटर और ब्लोअर पर 50 करोड़ रुपये, जलावनी लकड़ी पर 50 करोड़ रुपये और गंगा जल ले जाने के लिए प्लास्टिक कैन पर 60 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
25 हजार करोड़ से अधिक का कुल व्यापार
इस आयोजन के दौरान कुल मिलाकर 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है। सरकार ने होम स्टे, लग्जरी टेंट सिटी और सुपर लग्जरी डोम सिटी जैसी सुविधाओं को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत की गई है जो प्रति व्यक्ति यात्रा के लिए 3000 रुपये के टिकट पर उपलब्ध होगी।
हेलीकॉप्टर सेवाओं से 150 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि हर सेवा में जीएसटी लगाया जाए, जिससे टैक्स के रूप में राजस्व बढ़ेगा।
महाकुंभ का व्यापक प्रभाव
महाकुंभ न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बनता जा रहा है। परिवहन, हास्पिटैलिटी, व्यापार और रोजगार जैसे क्षेत्रों में इसके सकारात्मक प्रभाव से उत्तर प्रदेश को व्यापक लाभ मिलेगा।