महाकुंभ: प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अवसर पर अमृत स्नान से पहले ही मची भगदड़ मचने के पश्चात से अब महाकुंभ जाना काफी मुश्किल हो गया है। दअरसल अब अलग-अलग जिलों से प्रयागराज की तरफ जाने वाली सभी गाड़ियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है तथा बाहरी गाड़ियों को प्रयागराज में प्रवेश करने से रोकने के लिए पूरे जिले के बॉर्डर सील कर दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त अब प्रयागराज के बाहरी जिलों की सड़कों पर पुलिस ने बैरियर भी लगा दिए हैं। इसके साथ वहां जवानों की भी तैनाती कर दी गई है। भदोही, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, राबरेली, कौशांबी तथा जौनपुर में पुलिस प्रशासन की टीमों के द्वारा प्रयागराज जाने वाले सभी वाहनों को रोक जा रहा है।
गंगा स्नान करके ही लौटेंगे वापस घर:
दअरसल कई श्रद्धालु भूखे-प्यासे अपने परिवार के साथ रास्ते में ही भटक गए हैं, तो कई लोग होटल लेकर रुकने के लिए विवश हो गए हैं। इन्हें जहां पर रोका गया है वहां पर पानी तथा शौचालय तक की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
इसके अतिरिक्त ठंड में लोग खुले आसमान में रात गुजारने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन लगातार उन्हें वापस लौटने के लिए कह रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि जब वह घर से निकले हैं तो गंगा में स्नान करके ही वापस जाएंगे, फिर चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए।
आइए जानते हैं कि बॉर्डर पर फंसे श्रद्धालुओं का क्या कहना है:
दिल्ली से आए शत्रुघ्न कुमार का कहना है कि यहां पर कोई सवारी नहीं मिल रही है। मैं तकरीबन 18 किमी. तक पैदल चल चुका हूं। अब बहुत परेशान हो गया हूं। सीनियर सिटिजन भी अब घिसट-घिसटकर चल रहे हैं। मेरे साथ मेरी मम्मी हैं। इस परेशानी की वजह से हमें जहां घाट मिला, हमनें और मम्मी ने वहीं पर स्नान कर लिया है।
बता दें कि महाकुंभ क्षेत्र में ऐसे ही तमाम या यूं कहें कि लाखों श्रद्धालु हैं जो बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। श्रद्धालुओं के द्वारा कहा गया कि गंगा स्नान के लिए सबसे कठिन बात है ज्यादा पैदल चलना। हमें बार-बार इधर से उधर भेजा जा रहा है। बस यही मुख्य परेशानी रही है। वहीं अब वापस जाने के लिए भी हमें मुसीबत उठानी पड़ेगी ।
आइए विस्तार से जानते हैं कि बॉर्डर इलाकों की क्या है स्थिति:
1) वाराणसी - प्रयागराज रूट की स्थिति:
यहां पर लगभग 20 किमी तक लंबा जाम लगा हुआ है तथा 200 से अधिक बसें रूट पर ही फंसी हुई हैं। वाराणसी की ओर से प्रयागराज की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को भदोही, बाबू सराय, गोपीगंज लालानगर, औराई, थाना ऊँज तथा बॉर्डर के पास ही रोक दिया गया है।
आपको बता दें कि वाराणसी में बुधवार शाम तक लगभग 20 किमी लंबा जाम वाराणसी से प्रयागराज की तरफ जाने वाले सभी रूटों पर लगा हुआ था। पुलिस के द्वारा बैरियर लगाये हुए थे। वहीं प्रयागराज जाने वाले करीब 40 हजार से अधिक वाहनों को रोक दिया गया है। साथ ही 10 हजार से अधिक वाहनों को पार्किंग में खड़ा करवाया गया है।
इसके अतिरिक्त जीटी रोड पर भी तकरीबन 20 किमी से अधिक लंबा जाम लगा हुआ है। महाकुंभ में जाने के लिए घरों से निकले हजारों लोग बस, कार तथा अन्य वाहनों में फंसे हुए हैं। वाराणसी में वर्तमान में करीब 50 से अधिक बसें स्टेशन पर मौजूद हैं, जबकि 200 से ज्यादा बसें वाराणसी तथा प्रयागराज रूट पर फंसी हुई हैं।
जानते हैं कि क्या कहा यात्रियों ने:
दअरसल छत्तीसगढ़ के कांकेर के रहने वाले एक शख्स वासुदेव भल्लदवार के द्वारा यह बताया गया है कि मैं तीर्थ दर्शन के लिए आया हूं, लेकिन हमें बाहर ही रोक दिया गया है। यहां पर पानी-शौचालय की व्यवस्था भी नहीं हैं। सर्दियों के मौसम में खुले आसमान में रात काटने को हम मजबूर हैं।
इसी उड़कर आगरा के भोलेनाथ शर्मा के द्वारा भी यह बताया गया है कि मैं शाम को ही यहां आया था। लेकिन हमें बाहर ही रोक दिया गया है। यहां कोई भी सुविधा नहीं है। बिजली तक की सुविधा नहीं है, इसलिए हमारे मोबाइल डिस्चार्ज हो गए हैं। जिस वजह से घर से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।
वहीं आगरा के ही प्रवीण कुमार शर्मा के द्वारा यह बताया गया है कि मैं टूर पर निकला हूं। काशी, प्रयागराज के पश्चात मुझे चित्रकूट जाना है। लेकिन यहां पर रोक दिया गया है। लगभग 400 लोग हमारे साथ हैं।
2) मिर्जापुर से प्रयागराज की तरफ आने वाले वाहन:
आपको बता दें कि यहां से मिर्जापुर की रोडवेज बसों को लौटाया जा रहा है तथा करीब 2 हजार गाड़ियों को रोक दिया गया है। इसके अतिरिक्त महेश भट्टाचार्य इंटरमीडिएट कॉलेज अकोढ़ी में एक अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। यहां पर सभी यात्रियों को रोका गया है। प्रशासन का यह कहना है कि भीड़ कम होने के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। यहां शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को दिक्कतें भी हो रही हैं।
इसी उड़कर गुलाब कली बालिका इंटर कॉलेज मोहनपुर तथा जिगना को होल्डिंग एरिया बनाया गया है। स्थानीय निवासी बृजेश प्रताप सिंह के द्वारा यह बताया गया कि सुबह से ही यहां गाड़ियों को रोका जा रहा है। लगभग 2 हजार गाड़ियों को अब तक रोका गया है। राह में फंसे हुए दर्शनार्थियों के लिए स्थानीय नागरिकों के द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई है।
क्या कहा वहां फंसे यात्रियों ने:
दअरसल वहां रुके राकेश तथा विपिन के द्वारा यह बताया गया है कि हमें रास्ते में ही रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि हम लोग अकबरपुर से यहां आ रहे हैं। लेकिन जिस गाड़ियों पर झंडे लगे हैं, उन्हें रोके बिना यहां से जाने दिया जा रहा है। अर्थात VIP को छोड़ा जा रहा है तथा आम आदमी को बाहर ही रोक दिया गया है। यहां पानी तथा शौचालय की भी व्यवस्था ढंग से नहीं की गई है।
3) भदोही - प्रयागराज रूट की क्या है स्थिति:
दअरसल भदोही में प्रयागराज की तरफ जाने वाले लोगों को भी बाहर रोक दिया गया है। जहां पर जिला प्रशासन तथा समाजसेवी संगठन के द्वारा श्रद्धालुओं को नाश्ता एवं भोजन कराया जा रहा है। दोपहर करीब 3:00 से जिला प्रशासन के द्वारा वाहनों को छोड़ना शुरू कर दिया गया है। साथ ही 4:00 बजे तक जिले में विभिन्न स्थानों पर रुके हुए दर्शनार्थियों को पूरी तरह से प्रयागराज जाने के लिए छोड़ दिया गया है।
इस प्रकार सुबह में गोपीगंज लाल नगर टोल प्लाजा तथा जंगीगंज बाबू सराय ऊंज बॉर्डर पर भी भारी संख्या में दर्शनार्थियों को पुलिस के द्वारा रोका गया था। लेकिन कुछ घंटों का इंतजार करने के पश्चात कुछ वापस चले गए, तो कुछ स्थानीय गंगा घाट पर ही स्नान करके वहां से निकाल दिए गए।
हालांकि वहां पर कुछ यात्री अपनी जिद पर अड़े हुए थे कि उनको प्रयागराज में ही स्नान करना है, जिसके लिए वह अपने घरों से निकल थे। इसलिए उन्हें हालात सामान्य होने के बाद जाने दिया गया है। पूरे जिले के नेशनल हाईवे पर लगभग हर 2 किलोमीटर पर पुलिस ने बैरियर लगाया हुआ है।
क्या कहा बॉर्डर पर रुके यात्रियों ने:
वहां रुके एक यात्री बद्री के द्वारा यह बताया गया है कि मैं 3 बजे भोर से चला था। लेकिन यहां पर रोक दिया गया है। फिलहाल यहां के कैंप में व्यवस्था ठीक है। इसलिए ज्यादा कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
4) चित्रकूट- प्रयागराज रूट की क्या है सही स्थिति:
दअरसल यहां से हर 5 मिनट पर 10 गाड़ियों का काफिला छोड़ा जा रहा है। वहीं चित्रकूट में सोमवार की रात को 2:00 बजे से प्रयागराज जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को रोक दिया गया था। जिसके चलते ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है।
बीते मंगलवार की शाम 4 बजे के पश्चात चित्रकूट प्रशासन के द्वारा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर फंसे हुए श्रद्धालुओं को धीरे-धीरे प्रयागराज जाने दिया गया है। गाड़ियों का काफिला धीरे धीरे छोड़ रह हैं जिसके चलते श्रद्धालु भी राहत की सांस ले रहे हैं। यहां के हालात कुछ इस प्रकार हैं कि पिछले 20 घंटों से लोग एक्सप्रेसवे पर ही भूखे-प्यासे पड़े हुए हैं।
मजबूरी में सभी श्रद्धालु 5 किलोमीटर तक पैदल चलकर अपने लिए भरत कूप से आटा-दाल जैसी कुछ जरूरी चीजें जुटाने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं पर लगातार दबाव बना रहा है कि वह अपने घर लौट जाएं, लेकिन श्रद्धालु आस्था के आगे झुकने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। श्रद्धालुओं का यह कहना है कि जब तक उन्हें प्रयागराज को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे नहीं छोड़ेंगे।
जानते हैं कि यहां फंसे यात्रियों का क्या कहना है:
यहां रुके राजस्थान के बारा के रहने वाले एक शख्स रविंद्र के द्वारा यह बताया गया है कि मैं पूरी रात चलकर यहां आया हूं। लेकिन हमें यहां पर रोक दिया गया है तथा आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि योगी जी के द्वारा यह बोला गया था कि सभी लोग प्रयागराज को पहुंचें। लेकिन यहां से हमें जाने नहीं दिया जा रहा है। साथ ही यहां सुविधाएं भी अच्छी नहीं हैं।
5) जौनपुर-प्रयागराज रूट की क्या है मौजूदा स्थिति:
यहां से जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें रद्द हो गई हैं, बस स्टैंड पर बसों के रोकने से लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। दअरसल महाकुंभ मेले में भगदड़ के पश्चात स्थिति को देखते हुए जफराबाद जंक्शन से प्रयागराज को जाने वाली इलाहाबाद-प्रयागराज पैसेंजर तथा जौनपुर- बरेली पैसेंजर को बीते बुधवार को निरस्त कर दिया गया है।
इसी उड़कर गोरखपुर से चलकर जफराबाद के रास्ते से प्रयागराज को जाने वाली गोदान एक्सप्रेस के रूट को अब डायवर्ट करके वाराणसी के रास्ते से ही चलाया जा रहा है। साथ ही स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन एलटीटी एक्सप्रेस, जो अयोध्या से चलकर जफराबाद से होकर जाती थी, उसे भी अब वाराणसी के रास्ते ही चलाया जा रहा है।
जानते हैं कि यात्रियों का क्या कहना है:
बता दें कि बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। सभी लोग महाकुंभ में जाने के लिए बिल्कुल तैयार हैं, लेकिन बसों के नहीं जाने से लोग काफी परेशान हैं। वहीं श्रद्धालुओं का यह कहना है कि हमें रोक रखा हुआ है। इसलिए अगर अनुमति मिल जाती है तो यह अच्छा रहता।
वहां रुके यात्री बाबू लाल पांडेय के द्वारा यह बताया गया है कि वह प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने के लिए जा रहे हैं। लेकिन कोई भी वाहन वहां से नहीं जा रहा है। हम लोग यह चाहते हैं कि अगर महाकुंभ में भीड़ कम हो गई हो तो हम सभी लोगों को भी वहां पहुंचाया जाए।
6) प्रतापगढ़-प्रयागराज रूट की क्या है वर्तमान स्थिति:
आपको बता दें कि इस बॉर्डर पर भी हजारों वाहनों को रोका गया है। साथ ही ड्रोन से निगरानी की जा रही है तथा मदाफरपुर सराय रजई बॉर्डर पर भी हजारों वाहनों को रोक दिया गया है, जहां पर कोहंडौर तथा कंधई पुलिस तैनात की गई है। अंतू थाना भी इस क्षेत्र में पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है।
वहीं सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार सभी श्रद्धालुओं को जहां पर रोका गया है, वहीं पर उनकी सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान भी रखा जा रहा है। प्रशासन के द्वारा स्थानीय स्तर पर लगातार चेकिंग भी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रतापगढ़ के SP डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में इस पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के छीड़ा बॉर्डर तथा रजई सराय समेत सभी सीमाओं पर कड़ी चौकसी भी बरती जा रही है। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित महेशगंज थाना बॉर्डर भी लंगड़ी महुली के पास में कुंभ स्नान करने वालों को पुलिस के द्वारा बैरियर लगाकर रोका जा रहा है।
7) कौशांबी - प्रयागराज रूट की क्या है स्थिति:
दअरसल कौशांबी प्रशासन के द्वारा श्रद्धालुओं के वाहन को यही बॉर्डर पर रोक दिया गया है । श्रद्धालु पैदल ही यहां से महाकुंभ के लिए रवाना हो गए। बता दें कि जिले में 5 होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं। साथ ही सड़क से पार्किंग तक करीब 50 हजार से ज्यादा वाहन अब तक रोके गए हैं।
वहीं ट्रैफिक CO जेपी पांडेय के मुताबिक कोखराज थाने के सामने बने हुए होल्डिंग एरिया में बाहर से वहां आ रही गाड़ियों को रोका गया था। साथ ही यहां श्रद्धालुओं के लिए फ्री में भोजन, चाय तथा नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन शाम होने के पश्चात यहां से वाहनों को फिलहाल छोड़ दिया गया है।
8) रीवा - प्रयागराज रूट की क्या है स्थिति:
आपको बता दें कि रीवा बॉर्डर पर करीब 50 हजार वाहनों को रोका गया है। MP से महाकुंभ की तरफ जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के वाहनों को यूपी-एमपी बॉर्डर के पास रीवा में चाकघाट के समीप रोका गया है। साथ ही 50 हजार से अधिक वाहन हाईवे एवं पार्किंग में खड़े किए गए हैं।
यहां पर 2 DSP समेत पुलिस के तकरीबन 50 से अधिक जवानों की ड्यूटी भी लगाई गई है। एक लेन पर ही वाहनों को रोका गया है तथा दूसरी लेन मध्य प्रदेश से आने वालों के लिए खोली गई है। यहां पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात किए गए हैं। साथ ही यात्रियों को रुकने के लिए 3 होल्डिंग स्पेस भी बनाए गए हैं।