जानें संगम तट पर क्यों मची भगदड़!: भगदड़ में 20 से ज्यादा लोगों की मौत कई घायल वही पीएम मोदी ने हर संभव प्रयास तो सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से की यह अपील?
जानें संगम तट पर क्यों मची भगदड़!

महाकुंभ: उत्तर प्रदेश की संगम नगरी तीर्थराज अर्थात् प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के बारे में एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल संगम तट पर रात्रि के करीबन डेढ़ बजे अचानक से भगदड़ मच गई। जिस वजह से हुए बड़े हादसे में 20 से अधिक लोगों की मौत और कई लोग घायल की खबर निकलकर सामने आ रही है। 

हालांकि प्रशासन के द्वारा मौत अथवा घायलों की संख्या को लेकर अभी तक कोई भी ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल इस घटना के बाद महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

वहीं घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा लोगों से संयम बरतने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में आए श्रद्धालु संगम पर ही स्नान करने की नहीं सोचें। गंगा हर जगह  पवित्र है, वह जहां हैं उसी तट पर स्नान करें। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के द्वारा आरोप लगाया गया है कि वीआईपी (VIP) कल्चर तथा सरकार की बदइंतजामी के कारण ही यह भगदड़ मची है।

आइए जानने कि कोशिश करते हैं कि आखिर भगदड़ की मुख्य वजह क्या हो सकती है:

सबसे पहले बात करें तो आज यानि मंगलवार को महाकुंभ में मौनी अमावस्या का स्नान है। जिस वजह से वहां करीबन 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद होने का अनुमान भी है। वहीं प्रशासन के मुताबिक संगम सहित कुल 44 घाटों पर देर रात तक आज तकरीबन 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के द्वारा डुबकी लगाने का भी अनुमान जताया गया है।

जिसके चलते (अमृत स्नान की वजह से) ही ज्यादातर पांटून पुल बंद कर दिए गए थे। इसलिए संगम पर पहुंचने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की करोड़ों की भीड़ लगातार यहां इकट्ठा होती चली गई। जिससे वहां लगे बैरिकेड्स में कुछ लोग फंसकर नीचे गिर गए। यह देखकर लोगों में भगदड़ होने की अफवाह फैल गई।

वहीं संगम नोज पर भी एंट्री तथा एग्जिट के रास्ते अलग-अलग न होकर एक साथ ही थे। अतः लोग जिस रास्ते से वहां आ रहे थे, उसी रास्ते से लोग वापस भी जा रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो सभी लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया। इसलिए वह एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए और इतना बड़ा हादसा हो गया।

हादसे के बाद NSG कमांडो ने संभाला मोर्चा:

आपको बता दें कि हादसे के पश्चात 70 से ज्यादा एम्बुलेंस तत्काल रूप से संगम तट पर पहुंच गई। इनसे घायलों तथा मृतकों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। साथ ही हादसे के पश्चात संगम तट पर NSG कमांडो के द्वारा अब मोर्चा संभाल लिया गया है। 

वहीं संगम नोज इलाके में अब प्रशासन के द्वारा आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। साथ ही वहां भीड़ और अधिक न बढ़े, इसके लिए प्रयागराज से सटे हुए जिलों में ही श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है तथा वहां के प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से की अपील:

बता दें कि मौनी अमावस्या के इस पावन स्नान पर्व पर प्रयागराज सनातनियों का बिल्कुल महासागर बन चुका है। वहीं संगम में पवित्र डुबकी लगाने की आस लिये हुए महाकुम्भ नगर पहुंचे श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख संतों के द्वारा भी भक्तों से अपील की गई है।

मुख्यमंत्री योगी के द्वारा यह कहा गया है कि श्रद्धालुगण गंगा मां के जिस भी घाट के पास हैं, वहीं पर स्नान करें, संगम नोज की तरफ जाने का प्रयास बिल्कुल न करें। स्नानार्थियों के लिए यहां पर कई घाट बनाए गये हैं। इसलिए जहां पर सुविधाजनक हो वहां पर स्नान किया जा सकता है। उन्होंने सभी भक्तों से मेला प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की भी अपील कर ही कहा कि  किसी भी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान न दें। 

इसके अतिरिक्त सीएम योगी के साथ साथ कई धर्म गुरुओं के द्वारा भी श्रद्धालुओं से यह अपील की गई है। जैसे स्वामी रामभद्राचार्य के द्वारा महाकुम्भ में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वह सभी संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें तथा निकटतम घाट पर ही स्नान करें। लोग अपने शिविर से बाहर नहीं निकलें। अपनी तथा एक दूसरे की सुरक्षा करें। साथ ही उन्होंने वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख संत की हैसियत से सभी श्रद्धालुओं तथा अखाड़ों से अफवाहों से बचने का भी आह्वान किया है।

रामदेव ने कहा कि आत्म अनुशासन का पालन करते हुए ही सावधानी पूर्वक करें स्नान:

वहीं बाबा रामदेव के द्वारा भी कहा गया है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की इस भीड़ को देखते हुए हमने भी फिलहाल केवल सांकेतिक स्नान ही किया है। इसके साथ ही समूचे राष्ट्र तथा विश्व के कल्याण की कामना की गई है। 

साथ ही उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि हम भक्ति के अतिरेक में बिल्कुल न बहें तथा आत्म अनुशासन का पालन करते हुए बेहद सावधानी पूर्वक स्नान करें। इसी प्रकार जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने भी फिलहाल सांकेतिक स्नान ही किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार ले रहे हैं पूरे मामले की अपडेट:

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा यह बताया गया है कि प्रयागराज में इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं के सकुशल स्नान करने के लिए तथा उनकी व्यवस्था के लिए पीएम नरेंद्र मोदी सुबह से ही लगातार 4 बार जानकारी ले चुके हैं। वहीं भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी प्रात: से ही यहां के श्रद्धालुओं के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं।

इसके अतिरिक्त महाकुंभ में आए सभी श्रद्धालुओं के द्वारा सुचारू रूप से स्नान किया जा सके, इसके लिए भी डीजीपी तथा प्रमुख सचिव समेत कई अन्य बड़े अधिकारियों के साथ हाई लेवेल की मीटिंग भी की जा रही है। जिसमें प्रयागराज तथा महाकुंभ की स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था के बारे में चर्च की जा रही है।

आइए जानते हैं वहां मौजूद कुछ रिपोर्टर्स के द्वारा घटना का हाल:

भास्कर रिपोर्टर सचिन गुप्ता ने बताया है कि मेरे सामने ही 3 घंटे तक लगातार एंबुलेंस वहां आती-जाती रहीं। इस क्रम में लगभग 60 एंबुलेंस वहां आईं। इनमें घायलों तथा डेड बॉडी को लाया जा रहा था। साथ ही यहां पर बेड फुल हो जाने के पश्चात घायलों को स्वरूपरानी हॉस्पिटल भेजा जाने लगा है।

वहीं रिपोर्टर सचिन गुप्ता तथा विकास श्रीवास्तव के द्वारा घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से बात भी की गई। उनका यह कहना था कि हादसा करीब 12 से 1 बजे के आसपास में हुआ है। वहीं भगदड़ में लोग लगातार दबते रहे।

इसके अतिरिक्त रिपोर्टर राजेश साहू के द्वारा संगम नोज पर देखा गया कि घटना के पश्चात घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा था। साथ ही मौके पर गंभीर रूप से घायलों को पुलिस के जवानों के द्वारा CPR भी दिया जा रहा था। जिस जगह पर यह घटना हुई थी वहां के आसपास लगाईं गई बल्लियां तथा लोहे की जालियां अब टूटी हुई थीं।

घटना के दौरान मौजूद एक महिला के द्वारा रिपोर्टर  को यह बताया गया है कि वह कासपुरा से आए हैं। घटना के बाद उनके 3 बच्चे लापता हो गए हैं। वहां उन्हें ढूंढ रही हैं लेकिन कोई भी नहीं मिल रहा है। उनका मोबाइल तथा आधार कार्ड भी खो गया है। हमारे साथ का अब कोई मिल नहीं रहा है।

वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी के द्वारा यह भी बताया गया है कि संगम पर थोड़ी गहराई है। वहीं स्नान के दौरान गहराई पर उतरने व चढ़ने के दौरान ही थोड़ी-सी दिक्कत हो गई थी। वहां भीड़ बहुत अधिक थी और इस वजह से ऐसे हालात बन गए कि भगदड़ होनी शुरू हो गई।

महाकुंभ में भगदड़ पर पीएम मोदी ने जताया दुःख:

घटना को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में जो हादसा हुआ है वह बेहद दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं के द्वारा अपने प्रियजनों को खोया गया है, मेरी उनके प्रति गहरी संवेदना है। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। 

उन्होंने आगे बताया कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की वहां हरसंभव मदद करने में लगा हुआ है। इस संबंध में मैंने भी मुख्यमंत्री योगी जी से बात की है तथा मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में बना हुआ हूं।

मानवाधिकार आयोग में भी दर्ज हुआ महाकुंभ में भगदड़ का मामला:

आपको बता दें कि महाकुंभ में हुई भगदड़ की जांच करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील डॉ. गजेंद्र सिंह यादव के द्वारा यह मामला राज्य मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराया गया है। वहीं वकील के द्वारा कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अफवाह के चलते ही संगम नोज पर इस प्रकार की भगदड़ मची है। 

उन्होंने कहा कि महाकुंभ को सबसे अधिक अगर किसी ने दुष्प्रभावित किया है तो वह VIP कल्चर ने किया है तथा यह अभी भी लगातार जारी है। जिसमें प्रतिदिन VIP को रास्ता देने के लिए आमजन को रोक दिया जाता है।  जिस वजह से भीड़ एकजुट हो जाती है तथा भगदड़ की संभावना बन जाती है।

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