महाकुंभ नगर: महाकुंभ 2025 में संगम नगरी प्रयागराज में स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार हाईटेक इंतजाम किए गए हैं। संगम समेत 50 स्नान घाटों पर सुरक्षा के लिए 330 डीप डाइवर्स तैनात किए गए हैं जो किसी भी अप्रत्याशित घटना के दौरान त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायता करेंगे। इनमें 130 पुलिसकर्मी व अन्य सुरक्षाबलों के प्रशिक्षित गोताखोर शामिल हैं जबकि 200 प्राइवेट डाइवर्स की सेवाएं ली गई हैं। ये बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के गहराई में जाकर राहत कार्य कर सकते हैं।
इसके अलावा सुरक्षा के लिए 11 एफआरपी, चार एनाकोंडा बोट और चार वॉटर एंबुलेंस की भी तैनाती की गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दल की 10 कंपनियों के करीब 3800 जवानों को अलग-अलग घाटो पर शिफ्ट में तैनात किया गया है। ये जवान 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। प्रयागराज के एसएसपी ने बताया कि जल यातायात और सुरक्षा योजना लागू कर दी गई है 0जिससे संगम और अन्य घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालु पूरी सुरक्षा के साथ पर्व मना सकें।
संगम स्टेशन पर प्रवेश बंद
पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी विशेष व्यवस्थाएं की हैं। दारागंज स्थित प्रयागराज संगम स्टेशन पर 12 जनवरी से 15 जनवरी तक यात्रियों का प्रवेश बंद रहेगा। यहां से जाने वाली ट्रेनों के लिए यात्रियों को प्रयाग स्टेशन जाना होगा। प्रयागराज जंक्शन पर भी यात्रियों को सिर्फ सिटी साइड से प्रवेश दिया जाएगा।
वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी
मेला क्षेत्र में 12 जनवरी रात से 15 जनवरी रात तक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह प्रतिबंध मेला क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
7000 बसें होंगी संचालित
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से 7000 विशेष बसें संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल स्नान पर्व तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि 26 फरवरी तक पूरे महाकुंभ के दौरान जारी रहेगी। इन बसों के माध्यम से दूर-दराज के जिलों से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए आसानी से आ-जा सकेंगे।
स्टीव जॉब्स की पत्नी बनीं "कमला"
अमेरिका के प्रसिद्ध कारोबारी स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ में भाग लेने पहुंची हैं। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने उन्हें "कमला" नाम दिया है। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ उन्होंने अपने कल्पवास की शुरुआत की। कमला सेक्टर-18 में कैलाशानंद के शिविर में रहकर सनातन परंपरा का पालन करेंगी। वे यहां सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करेंगी और भारतीय संस्कृति को करीब से समझेंगी।
विदेशी मेहमानों को भाया कुंभ का माहौल
महाकुंभ का आकर्षण विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर खींच रहा है। नीदरलैंड से आए पीटर और अल्बर्ट ने संगम और मेले की भव्यता की जमकर सराहना की। उन्होंने साधु-संतों के रहन-सहन, भारतीय भोजन और सुरक्षा व्यवस्था को अद्भुत बताया। दोनों ने नागा साधुओं की तपस्या और ठंड में उनके जीवनशैली को अविश्वसनीय और प्रेरणादायक बताया। अल्बर्ट ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि इस मेले में 45 करोड़ लोग आएंगे, तो यह संख्या सुनकर वे हैरान रह गए।
मेले का अद्वितीय अनुभव
संगम क्षेत्र में साधु-संतों के शिविरों की रोशनी और संगम की रेत पर लगी भव्य दुधिया लाइटें मेला क्षेत्र को स्वर्ग जैसा अनुभव करवा रही हैं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु और पर्यटक इस अद्भुत माहौल का आनंद ले रहे हैं। साधु-संतों के तप और जप से यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।
महाकुंभ 2025 में प्रशासन और श्रद्धालुओं की सहभागिता इसे यादगार बना रही है। सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम इसे हर किसी के लिए खास बना रहे हैं।