महाकुंभ नगर: महाकुंभ के पहले स्नान (पौष पूर्णिमा) के दौरान संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं और संतों पर पुष्पवर्षा करने में देरी हुई जिससे प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह घटना तब हुई जब सुबह निर्धारित समय पर हेलिकॉप्टर मौके पर नहीं पहुंचा। महाकुंभ प्रशासन ने वैकल्पिक उपाय करते हुए दूसरी कंपनी से हेलिकॉप्टर मंगवाकर शाम को पुष्पवर्षा कराई। इस लापरवाही के लिए प्राइवेट एयरवेज कंपनी के सीईओ, पायलट और मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन
लखनऊ सिविल एविएशन डिपार्टमेंट ने महाकुंभ में पुष्पवर्षा के लिए एमए हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया था। यह तय किया गया था कि पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर हेलिकॉप्टर के जरिए संगम में श्रद्धालुओं और संतों पर फूल बरसाए जाएंगे। लेकिन कंपनी ने प्रशासन को बिना जानकारी दिए हेलिकॉप्टर को अयोध्या भेज दिया। इस वजह से सुबह पुष्पवर्षा का कार्यक्रम तय समय पर नहीं हो सका।
इस घंटा ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
सुबह जब पुष्पवर्षा नहीं हुई तो प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। श्रद्धालु और संत जो पुष्पवर्षा का इंतजार कर रहे थे इस देरी से निराश हुए। आनन-फानन में प्रशासन ने दूसरी कंपनी से हेलिकॉप्टर मंगवाकर शाम को पुष्पवर्षा कराई लेकिन तब तक कई श्रद्धालु महाकुंभ क्षेत्र से वापस जा चुके थे। इस घटना ने महाकुंभ जैसे पवित्र और विशाल आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन डिपार्टमेंट के मैनेजर केपी रमेश ने महाकुंभ नगर कोतवाली में एमए हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रोहित माथुर, प्रबंधक परिचालन और पायलट कैप्टन पुनीत खन्ना के खिलाफ मामला दर्ज कराया। उनके अनुसार हेलिकॉप्टर को बिना सूचना दूसरी जगह भेजना न केवल अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी कामकाज में बाधा डालने के बराबर है।
महाकुंभ की गरिमा को पहुंचा ठेस
महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है। पुष्पवर्षा में हुई देरी ने न केवल श्रद्धालुओं को निराश किया बल्कि आयोजन की गरिमा को भी आघात पहुंचाया। पौष पूर्णिमा स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने आए थे। पुष्पवर्षा न होने की वजह से उन्होंने असंतोष जताया।
भविष्य में लापरवाही के लिए सख्त कदम
इस घटना पर महाकुंभ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संगठनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों। महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन में हर व्यवस्था को समय पर और सुचारू रूप से संचालित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
महाकुंभ प्रशासन ने कहा कि श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास का सम्मान करना उनकी जिम्मेदारी है। पुष्पवर्षा जैसे आयोजनों में देरी से न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी होती है बल्कि आयोजन की साख पर भी सवाल उठते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और अनुबंध के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
यह घटना महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि आगे से किसी भी स्तर पर ऐसी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ताकि महाकुंभ की पवित्रता और व्यवस्था बनी रहे।