प्रयागराज संगम पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब!: अब तक 60 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, जानें महाकुंभ के संगम पर कैसा रहा पहला दिन?
प्रयागराज संगम पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब!

महाकुंभ नगर: प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर महाकुंभ 2025 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा के प्रथम स्नान पर्व से हुआ। सोमवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में जैसे ही सूर्य की पहली किरणें धरती पर पड़ीं, श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाना शुरू कर दिया। सुबह 9:30 बजे तक करीब 60 लाख श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके थे।

आधी रात से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का रेला

पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के लिए श्रद्धालुओं का आना आधी रात से ही शुरू हो गया था। मेला क्षेत्र के अलग-अलग मार्गों से श्रद्धालु संगम तक पहुंचने लगे। "हर-हर गंगे" और "जय गंगा मैया" के जयकारों के बीच संगम तट पर भक्तों का जनसागर उमड़ पड़ा। सूरज की पहली किरण के साथ ही संगम नोज घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।

संगम क्षेत्र में सोमवार से कल्पवास का भी शुभारंभ हो गया। अब श्रद्धालु पूरे महीने संगम तट पर रहकर ध्यान, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौष पूर्णिमा और महाकुंभ के शुभारंभ पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा, "विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन महाकुंभ का प्रयागराज में आरंभ हो रहा है। यह अनेकता में एकता का प्रतीक है। मैं सभी श्रद्धालुओं, संतों और कल्पवासियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। मां गंगा सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें।"

प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद

संगम क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर स्नान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। लाउडस्पीकर और हैंड माइक के जरिए भी श्रद्धालुओं को निर्देश दिए जा रहे थे। घाटों पर भीड़ का संतुलन बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी और वॉलंटियर अपनी जिम्मेदारियां निभाते दिखे।

सुबह 7 बजे तक संगम सहित अन्य स्नान घाटों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन के अनुमान के अनुसार, उस समय तक करीब 4 लाख श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके थे। इस बार कोहरे और शीतलहर से राहत मिली जिससे स्नान में कोई बाधा नहीं आई।

हर-हर गंगे से गूंज उठा संगम तट

संगम तट पर हर-हर गंगे के जयघोष ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। पौष पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। सुबह 4:32 बजे से शुभ मुहूर्त शुरू हुआ था। लेकिन श्रद्धालु आधी रात से ही स्नान के लिए पहुंचने लगे थे।

आर्थिक दृष्टि से महाकुंभ का महत्व

महाकुंभ 2025 से भारतीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस आयोजन से करीब 4 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा जिससे देश की जीडीपी में 1% की वृद्धि हो सकती है। रविवार से ही प्रयागराज की सड़कों पर वाहनों और पैदल यात्रियों का तांता दिखने लगा था। हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।

हर वर्ग में दिखा उत्साह

स्नान पर्व पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का उत्साह देखने लायक था। श्रद्धालु सिर पर गठरियां रखकर संगम तट की ओर बढ़ते नजर आए। एरावत घाट, संगम नोज और वीआईपी घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। युवाओं ने इस खास अवसर को अपने कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया।

सनातन संस्कृति का महापर्व

महाकुंभ 2025 के इस शुभारंभ में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और दान कर पुण्य अर्जित किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

महाकुंभ का यह अद्भुत संगम, जहां आस्था और आधुनिकीकरण का मिलन होता है वह न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

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