सड़क चलने के लिए होती है नमाज पढ़ने के लिए नहीं!: वहीं PM बनने को लेकर कहा राजनीति मेरा फुल टाइम जॉब नहीं, जानें सीएम योगी के इंटरव्यू से जुड़े कुछ सवाल-जवाब?
सड़क चलने के लिए होती है नमाज पढ़ने के लिए नहीं!

उत्तर प्रदेश: दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा समाचार एजेंसी पीटीआई को हॉल में दिए गए एक इंटरव्यू में उनसे कई सवाल जवाब किए गए। इस बीच उन्होंने पार्टी तथा संगठन समेत कई बातों पर चर्चा करते हुए अपने राजनीतिक करियर के बारे में खुलकर बताया।दरअसल इंटरव्‍यू में जब मुख्यमंत्री योगी के द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्थन दिए जाने वाले सवाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो भारत के प्रति निष्ठावान होगा, RSS उसको पसंद करेगा और जो भारत के लिए निष्ठावान नहीं होगा, RSS उसको सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रेरणा ही दे सकता है।'

राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं, मैं एक योगी हूं!: सीएम योगी

इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने और भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेताओं के बीच में मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए ने कहा कि वह पार्टी की वजह से ही आज मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या मैं पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ ने मतभेद रखकर कुर्सी पर बना रह सकता हूं? ऐसे मतभेदों के बारे में तमाम अटकलें लगाने वालों का मुंह यो बंद नहीं किया जा सकता है। वहीं योगी को भारत के भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखने के प्रश्न पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति मेरे लिए कोई फुल टाइम जॉब नहीं है। इस समय मैं यहां पर काम कर रहा हूं लेकिन वास्तविकता में मैं हूं तो एक योगी ही।' 

उत्तर प्रदेश के लोगों की सेवा करना ही मेरी प्राथमिक भूमि‍का:

उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिक भूमिका तो उत्तर प्रदेश के लोगों की सेवा करना मात्र है। उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं तथा पार्टी के द्वारा मुझे राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए ही यहां रखा गया है। वहीं प्रदेश के बाहर दूसरे राज्यों में बीजेपी प्रचारक के रूप में लोकप्रियता के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्री पार्टी के चुनाव प्रचार का हिस्सा होते हैं।

वहीं राजनीति में कब तक उनके बने रहने की उनकी योजना वाले सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ''इसके लिए भी एक समय सीमा अवश्य होगी।'' यह कहने पर कि क्या इस जवाब का मतलब यह है कि राजनीति आपका स्थायी व्यवसाय तो नहीं है, योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि ''हां, मैं यही कह रहा हूं।'’

धर्म और राजनीति को लेकर भी सीएम योगी ने रखे अपने विचार:

साथ ही धर्म और राजनीति पर भी अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हम धर्म को सीमित स्थान तक ही सीमित कर देते हैं तथा राजनीति को मुट्ठी भर लोगों तक सीमित कर देते हैं। लेकिन बाद में यहीं से समस्या उत्पन्न होती है और उसका हल दूसरी जगह खोजा जाता है। अगर राजनीति स्वार्थ से प्रेरित है, तो यह समस्याएं अवश्य पैदा करेगी लेकिन यदि यह जनता के व्यापक हित के लिए है तो यह आपको समाधान प्रदान करेगी। 

इसलिए हमें समस्या का हिस्सा बनने अथवा समाधान करने के बीच का चयन करना होगा और मेरा मानना है कि धर्म भी हमको यही सिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब धर्म का पालन किसी स्वार्थ के लिए किया जाता है तो यह तमाम चुनौतियां पैदा कर देता है। हालांकि जब कोई व्यक्ति स्वयं को उच्च उद्देश्य के लिए समर्पित करता है, तो यही धर्म प्रगति के नए रास्ते खोलता है। 

क्या आप खुद को एक धार्मिक नेता मानते हैं: मीडिया

वहीं इस सवाल पर कि क्या वह खुद को एक धार्मिक व्यक्ति अथवा एक राजनीतिक नेता के रूप में अधिक मानते हैं, इस पर उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं एक नागरिक के रूप में काम करता हूं तथा खुद को विशेष नहीं मानता हूं। इसलिए एक नागरिक के रूप में मेरे संवैधानिक कर्तव्य सबसे पहले आते हैं। मेरे लिए हमेशा राष्ट्र सर्वोपरि है। देश सुरक्षित है तभी मेरा धर्म सुरक्षित है। धर्म सुरक्षित है तो कल्याण का मार्ग अपने आप ही खुल जाता है। यह पूछे जाने पर कि लोग उन्हें अथवा उनकी विरासत को किस तरह याद रखना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा कि किसी की पहचान उसके काम से होनी चाहिए नाम से नहीं।

सड़क चलने के लिए होती है, इसलिए अनुशासन सीखना बेहद जरूरी:

इसी क्रम में मुख्यमंत्री के द्वारा सड़क पर नमाज अदा करने को लेकर पूछे गए एक प्रश्न का विस्तार से जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि सड़क लोगों के चलने के लिए होती है, इसलिए लोगों को हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। करीब 66 करोड़ लोग प्रयागराज महाकुंभ में आए। लेकिन इस दौरान कहीं पर कोई लूटपाट, आगजनी, छेड़छाड़, अपहरण तथा तोड़-फोड़ की घटना नहीं हुई।

यह होता है धार्मिक अनुशासन। क्योंकि सभी भक्त श्रद्धाभाव के साथ महाकुंभ आए, महास्नान के भागीदार बने और फिर अपने गंतव्य वापस चले गए। सीएम योगी ने कहा कि पर्व, त्योहार अथवा कोई भी इस तरह के कार्यक्रम उदंडता करने के माध्यम बिल्कुल नहीं बनने चाहिए। यदि आपको सुविधा चाहिए तो अनुशासन को मानना भी सीखिए। 

कावड़ यात्रा से तुलना करने पर क्या बोले सीएम योगी:

उन्होंने कहा कि यदि आप तुलना कर रहे हैं कांवड़ यात्रा की तो बता दें कि कांवड़ यात्रा हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद तक अथवा अन्य क्षेत्रों में जाती है तो वो सड़क पर ही चलेगी। लेकिन क्या हमने कभी परंपरागत मुस्लिम जुलूस (मोहर्रम) को सड़क कर चलने से रोका है। हां यह जरूर कहा कि ताजिये का साइज थोड़ा छोटा कर लो क्योंकि हाइटेंशन तार की वजह से अगर उसकी चपेट में आओगे मर जाओगे और होता भी यही है। वहीं कांवड़ यात्रा में कांवरियों से भी ले जाने वाले डीजे के साइज को छोटा करने के लिए बोला जाता है और उसमें सख्ती भी करते हैं।इसलिए कानून सभी के लिए बराबर लागू किए जा रहे हैं। ईद में कौन सा प्रदर्शन करेंगे और नमाज पढ़कर घंटों सड़कें जाम करेंगे। नमाज पढ़ने की जगह ईदगाह होती है, मस्जिद होती है लेकिन सड़क कभी नमाज पढ़ने के लिए नहीं हो सकती। 

कांग्रेस के पास अपना अस्तित्व बचाने का संकट: सीएम योगी

वहीं अंत में सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जिस रास्ते पर जा चुकी है अब मुझे नहीं लगता कि उसके आगे पनपने अथवा बढ़ने की कोई संभावना बची हुई है। क्योंकि अपने मूल्यों से जब कोई भी भटक जाता है तो उसके सामने अस्तित्व का संकट आकर खड़ा हो जाता है, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण कांग्रेस आपके सामने है।उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अपना मृत्यु प्रमाण पत्र लिखने की तरफ बढ़ चुकी है। वहीं यह पूछे जाने पर कि आखिर कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है, इस पर उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए राहुल गांधी के साथ पार्टी के अन्य लोग भी जिम्मेदार हैं, जो कांग्रेस की नीतियों को तय करते हैं और उसके एजेंडे निर्धारित करते हैं।

वक्फ़ संशोधन विधेयक के आलोचकों पर साधा निशाना:

इसके अतिरिक्त उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों को साधने के साथ-साथ एक बड़ा ‘लूट खसोट’ का अड्डा भी बन गए हैं और वक्फ़ बोर्ड ने खुद मुसलमानों के कल्याण के लिए बेहद कम काम किया है। इसलिए वक्फ़ संशोधन बिल बेहद जरूरी है और लोगों को इसका समर्थन करना चाहिए।

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