नोएडा में जल्द बनेंगे दो बड़े हाइ-टेक अंडरपास!: करीबन 30 सेक्टर और 20 गांवों को मिलेगी राहत और इस महीने शुरू हो रहा हैं काम?
नोएडा में जल्द बनेंगे दो बड़े हाइ-टेक अंडरपास!

गौतम बुद्ध नगर: नोएडा में जल्द ही दो नए अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है जिससे शहर के 30 सेक्टरों और 20 गांवों के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर बनने वाले ये अंडरपास झट्टा और सुल्तानपुर गांव के पास बनाए जाएंगे। आईआईटी रुड़की से इनकी तकनीकी रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इन अंडरपास के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा।

अंडरपास से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार इन अंडरपास के निर्माण से 30 आवासीय सेक्टरों और 15 गांवों के लोगों की यात्रा सुगम होगी। झट्टा के पास बनने वाला अंडरपास सेक्टर-145, 146, 155 और 159 को जोड़ेगा जबकि सुल्तानपुर गांव के पास बनने वाला अंडरपास सेक्टर-128, 129, 132 और 108 को कनेक्ट करेगा। यह कदम क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और लोगों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मार्च में शुरू हो जाएगा निर्माण कार्य

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने इस परियोजना को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बताया कि अगले एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और एक महीने के अंदर निर्माण कंपनी का चयन हो जाएगा। अगर सबकुछ योजना के अनुसार चला तो मार्च 2025 तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि छह महीने के भीतर यह कार्य पूरा हो जाए।

पहले अंडरपास की विशेषताएं

पहला अंडरपास एक्सप्रेसवे पर 16.900 किमी चैनेज पर बनेगा। इसकी लंबाई 800 मीटर होगी और यह सेक्टर-145, 146, 155 और 159 को जोड़ेगा। इसके अलावा इस अंडरपास से नवविकसित औद्योगिक सेक्टरों-151, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 162 और नौ गांवों को भी फायदा होगा। इस अंडरपास के लिए पहले 131 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था जिसे आईआईटी रुड़की ने घटाकर 117 करोड़ रुपये कर दिया है।

दूसरे अंडरपास की विशेषताएं

दूसरा अंडरपास सुल्तानपुर गांव के पास एक्सप्रेसवे पर 6.10 किमी चैनेज पर बनेगा। इसकी लंबाई 731 मीटर होगी और यह सेक्टर-128, 129, 132 और 108 को कनेक्ट करेगा। यह अंडरपास सेक्टर-104, 105, 106, 107, 108, 110, 80, 81, 82, 83, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135 और 11 गांवों के निवासियों को लाभ पहुंचाएगा। इसके लिए 106 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था जिसे संशोधित कर 98 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

डायाफ्राम तकनीक का होगा इस्तेमाल

इस बार अंडरपास निर्माण में डायाफ्राम तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह तकनीक बिना खुदाई किए अंडरपास बनाने की सुविधा देती है। पहले एक्सप्रेसवे पर बने अंडरपासों में बॉक्स पुशिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया था जिससे सड़क धंसने की समस्या सामने आई थी। डायाफ्राम तकनीक में पहले जमीन के अंदर दीवारें तैयार की जाती हैं और फिर इनके ऊपर छत डाली जाती है। बाद में मिट्टी हटाकर नीचे सड़क तैयार की जाती है।

ट्रैफिक पर पड़ेगा असर

निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। हालांकि नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात सुगम हो जाएगा और स्थानीय निवासियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

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