नोएडा: दिल्ली-नोएडा के बीच ट्रैफिक की समस्या से रोजाना जूझ रहे लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है क्योंकि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने भूमि पूजन कर चिल्ला एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य आज से शुरू करा दिया है। इस परियोजना की नींव 2019 में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रखी थी लेकिन फंड की कमी के चलते काम रुक गया था। उस दौरान पाइलिंग और फाउंडेशन पर करीब 79 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे लेकिन उसके बाद निर्माण ठप हो गया था।
अब इस परियोजना को दोबारा रफ्तार दी जा रही है। उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने दिसंबर 2024 में एमजी कंस्ट्रक्शन को ठेका दिया है। कंपनी को इसे पूरा करने के लिए तीन साल का समय दिया गया है। 5.9 किलोमीटर लंबी यह एलिवेटेड रोड 296 पिलरों पर खड़ी होगी।
आईआईटी से लिया जाएगा डिजाइन का अप्रूवल
सबसे पहले पिलरों की नींव तैयार की जाएगी। इसके बाद ऊपर का स्ट्रक्चर आईआईटी से डिजाइन अप्रूवल मिलने के बाद बनाया जाएगा। यदि डिजाइन में कोई बदलाव जरूरी हुआ तो सेतु निगम उसी के अनुसार काम करेगा। स्वायल टेस्टिंग रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इस एलिवेटेड रोड पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए छह लूप बनाए जाएंगे। जिससे वाहन आसानी से चढ़ और उतर सकें।
- चिल्ला बॉर्डर से आने वाले वाहन सेक्टर-14 औद्योगिक मार्ग की ओर उतर सकेंगे।
- सेक्टर-15ए के पास से चढ़ने के लिए लूप होगा।
- डीएनडी से आने वाले वाहन एमपी-1 मार्ग से सेक्टर-16 की ओर उतर सकेंगे जबकि सेक्टर-16ए फिल्म सिटी की तरफ चढ़ने के लिए लूप बनाया जाएगा।
- फिल्म सिटी के आगे एक और लूप होगा जिससे वाहन उतर सकेंगे।
- जीआईपी मॉल के पास चढ़ने के लिए भी एक लूप बनाया जाएगा।
कई बार आ चुकी है काम में अड़चने
इस परियोजना की प्लानिंग 2012 में ही शुरू हो गई थी। शुरुआत में इसकी लागत 605 करोड़ रुपये आंकी गई थी। 2018 में दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने के बाद 2019 में सीएम योगी ने इसका शिलान्यास किया।
हालांकि निर्माण में कई अड़चनें आईं। सबसे बड़ी समस्या गेल की गैस पाइपलाइन बनी जिसकी वजह से काम रुका रहा। इसके बाद कोविड-19 महामारी के चलते मार्च 2020 में काम पूरी तरह बंद हो गया। अब तक सिर्फ 13% काम ही पूरा हो सका है जिस पर 79 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
सरकार ने 892 करोड़ के बजट को दी मंजूरी
निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों की वजह से परियोजना का बजट भी बढ़ गया। अक्टूबर 2023 में यूपी ब्रिज कॉर्पोरेशन ने संशोधित बजट 940 करोड़ रुपये का पेश किया था। हालांकि सरकार ने इसे संशोधित कर 892 करोड़ 75 लाख 34 हजार रुपये की मंजूरी दी। निर्माण कंपनी ने 7% कम लागत पर टेंडर हासिल किया जिससे परियोजना पर आने वाला खर्च कुछ हद तक नियंत्रित हो गया।
रोजाना 5 लाख लोगों को होगा फायदा
चिल्ला एलिवेटेड रोड बनने के बाद दिल्ली और नोएडा के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी। यह रोड सीधे चिल्ला बॉर्डर से नोएडा एक्सप्रेसवे तक जाएगी। जिससे चिल्ला बॉर्डर पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। एक्सप्रेसवे से जुड़ने का एक वैकल्पिक रास्ता मिलने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा। अनुमान है कि इस सड़क से रोजाना करीब 5 लाख वाहन चालकों को फायदा होगा।