नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा प्राधिकरण अब अपनी वर्किंग को पूर्णतः पेपर लेस करने जा रहा है। इसके लिए प्राधिकरण के द्वारा ई-फाइल प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। जिसके लिए सॉफ्टवेयर भी बनाया जा चुका है और अब सिर्फ डेटा अपलोड किया जाएगा।
डेटा सुरक्षा के लिए प्राधिकरण बनाएगा खुद का डेटा सेंटर:
आपको बता दें कि डेटा सुरक्षा के लिए नोएडा प्राधिकरण के द्वारा अपना खुद का डेटा सेंटर बनाया जा सकता है। हालांकि पहले तो प्राधिकरण ने डेटा को सेव के लिए NIC यानि नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर को भी एक पत्र लिखा है।
हालांकि अभी तक वहां से इसका कोई जवाब प्राधिकरण को नहीं मिला है। ऐसी खबर भी है कि यह डेटा क्लाउड पर स्टोर करने के लिए दिया जा सकता है। हालांकि प्राधिकरण का प्राथमिक विचार अपना डेटा सेंटर बनाने की ही है।
डिजिटल फॉर्मेट से प्राधिकरण की प्रक्रिया में आएगी तेजी:
दरअसल इस वर्किंग के बाद नोएडा प्राधिकरण का काम पूरी तरह से डिजिटल फार्मेट में कनवर्ट हो जाएगा। इसके साथ ही प्राधिकरण की फाइलिंग प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाएगी। जिससे फाइलों को ढूंढना एवं उनको एक मेज से लेकर दूसरे मेज पर पहुंचाने का काम भी समाप्त हो जाएगा।
इसमें एक्सिस के माध्यम से अधिकारी अपने साफ्टवेयर पर लॉगिन करेंगे तथा फाइल नंबर को डालते ही उनके डेस्कटॉप पर वह फाइल आ जाएगी। जिसमें संशोधन किया जा सकेगा साथ ही फाइल में डिजिटल साइन भी हो सकेंगे। इसके पश्चात वहीं से आवंटी को लेटर भी मेल किया जा सकेगा।
किसी प्राइवेट फर्म को डेटा सेव करने की नहीं होगी अनुमति:
बता दें कि प्राधिकरण के द्वारा किसी प्राइवेट फर्म को डेटा सेव करने की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि इसमें लूप होल सकता है। वहीं हाल ही में प्राधिकरण के CEO ने एनआईसी को एक पत्र लिख कर डेटा स्पेस भी मांगा था। फिलहाल वहां से अभी कोई जवाब नहीं आया। इसलिए अब प्राधिकरण के पास 2 आप्शन बचे हैं।
जिसमें पहला क्लाउड तथा दूसरा ऑप्शन खुद का डेटा सेंटर बनाना है। वहीं प्राधिकरण अब दूसरे विकल्प के लिए भी तैयार है। इससे संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में काम करने हेतु एप्रोच भी किया गया है। ताकि जल्द से जल्द डेटा स्टोरेज सेंटर बनाया जा सके। जिसमें साइबर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
आखिर डिजिटल से कैसे अलग हैं ई-फाइल प्रक्रिया:
आपको बता दें कि 17 अप्रैल 1976 को नोएडा की स्थापना हुई थी और साल 2017 में राज्यe सत्ता परिवर्तन के साथ फाइलों को डिजिटल करने की एक मुहिम भी शुरू कर दी गई थी। जिसमें हजारों फाइलों का डेटा अभी तक डिजिटल किया गया है। लेकिन यह ई फाइल एक अलग विषय है।
दअरसल इस ई-फाइल में सम्पूर्ण कार्य वैसे ही होगा जैसे किसी बेंच पर कागजी फाइलों में होता है। बस यह पूरी प्रक्रिया अब कंप्यूटर पर होगी। इसमें खास बात यह है कि इस ई फाइल को अब कही से भी लॉगिन किया जा सकता है। बस इसके लिए संबंधित व्यक्ति के पास उसका एक्सिस होना चाहिए।
क्या कहना है प्राधिकरण के CEO का:
आपको बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम का कहना है कि पुराने डेटा को एक जगह स्टोर कर पाना बिल्कुल भी आसान नहीं है। इसलिए जो भी नई फाइल तैयार होगी उसे अब ई-फाइल के रूप में ही अपलोड किया जाएगा।उन्होंने बताया कि फिलहाल इसके लिए एक एजेंसी कार्य कर रही है। वहीं इस प्रक्रिया के लिए साफ्टवेयर भी डेवलप किया जा चुका है। साथ ही डेटा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के पश्चात ही सभी फाइलों को अपलोड किया जाएगा।