गौतम बुद्ध नगर: आपको बता दें नोएडा पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले दो अलग-अलग लिटिल गिरोह के छह नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को बाल सुधार गृह भी भेज दिया गया है। ये नाबालिग महज दो मिनट के अंदर वाहन चोरी करने में माहिर थे और चोरी की गई मोटरसाइकिल को महज 8 से 10 हजार रुपये में बेच देते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ा
एडिशनल डीसीपी सुमित कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि पुलिस द्वारा नोएडा में वाहन चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एमिटी चौकी क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ नाबालिग लड़के नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाली सर्विस रोड पर स्कूटी के साथ घूम रहे हैं।
पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर देखा कि तीनों नाबालिग दुकानों में चोरी करने की योजना बना रहे थे और इस संबंध में आपस में चर्चा कर रहे थे। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे लेकिन टीम ने तेजी दिखाते हुए पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
स्कूटी की डिग्गी से मिले चोरी के औजार
जब पुलिस ने पकड़े गए नाबालिगों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल रेकी के लिए करते थे। पुलिस ने जब स्कूटी की डिग्गी खोली तो उसमें लोहे की छैनी समेत अन्य औजार मिले जिनका उपयोग वे वाहनों के लॉक तोड़ने में करते थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दिन में चोरी की बाइक या स्कूटी से इलाके की रेकी करते और फिर रात में दुकानों व घरों में चोरी को अंजाम देते थे।
निशानदेही पर तीन और गिरफ्तार
इन नाबालिगों की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य मोटरसाइकिल भी बरामद की जो दिल्ली से चोरी की गई थी। इसके अलावा सेक्टर-39 थाना पुलिस ने सदरपुर चौकी क्षेत्र से भी तीन अन्य नाबालिगों को गिरफ्तार किया। इनसे चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद हुईं जिन्हें इन्होंने सदरपुर क्षेत्र से चुराया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि इनमें से दो आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है। इससे पहले सेक्टर-20 थाना पुलिस ने भी इन्हें चोरी के आरोप में पकड़ा था लेकिन नाबालिग होने के कारण वे रिहा हो गए थे।
स्कूल छोड़ चुके हैं अधिकतर आरोपी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए नाबालिगों में से ज्यादातर की शिक्षा आठवीं से दसवीं कक्षा तक हुई है जबकि कुछ ने पांचवीं के बाद ही स्कूल छोड़ दिया था। ये सभी अलग-अलग राज्यों से आकर नोएडा में अपने परिवार के साथ किराए के मकानों में रह रहे थे।
इन नाबालिगों के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है लेकिन इनकी नशे की लत ने इन्हें अपराध की ओर धकेल दिया। चोरी किए गए वाहन को ये मात्र 8 से 10 हजार रुपये में बेच देते थे और उस पैसे से नशा खरीदते थे।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोएडा में इस तरह के गिरोहों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। साथ ही नाबालिग अपराधियों की पहचान कर उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिए विशेष योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।