नोएडा: उत्तर प्रदेश में नोएडा के फेज-तीन पुलिस के द्वारा दिल्ली पुलिस के बर्खास्त सिपाही को दिल्ली तथा एनसीआर (NCR) में डूब क्षेत्र की जमीन बेचकर धोखाधड़ी एवं जालसाजी के मामले में बीते सोमवार की सुबह को सेक्टर-121 गढ़ी चौखंडी से गिरफ्तार कर लिया गया है।
खुद को बताता था सेवानिवृत डिप्टी SP:
दअरसल डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के द्वारा यह बताया गया है कि वह खुद को एक सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी (SP) बताकर लोगों के ऊपर खूब रौब झाड़ता था। इसलिए धोखाधड़ी के एक मामले में वह वांछित चल रहा था।
उन्होंने बताया कि गढ़ी- चौखंडी के शंभूनाथ मिश्रा को अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित, जालसाजी, धमकी देने तथा गाली-गलौज करने सहित अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दिल्ली पुलिस से किया गया था बर्खास्त:
आपको बता दें कि 1 अगस्त 1986 में आरोपित दिल्ली पुलिस में बतौर आरक्षी के पद पर शामिल हुआ था। उसके खिलाफ शिकायत होने पर दिल्ली पुलिस के द्वारा जांच कराई गई तो पता चला कि आरोपित शुरुआत से ही बेहद शातिर किस्म का रहा है। दरअसल दिल्ली पुलिस में भर्ती के दौरान उसके द्वारा लगाए गए शैक्षणिक दस्तावेज भी फर्जी पाए गए थे।
मुखर्जी नगर थाने में भी आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकादमा:
दअरसल उच्च अधिकारी के निर्देश पर ही आरोपित के खिलाफ मुखर्जी नगर थाने में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। साल 2004 में उसे दिल्ली पुलिस की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके पश्चात उसने दिल्ली एनसीआर (NCR) में डूब क्षेत्र की जमीन को फर्जी तरीके से लोगों को बेचने का तरीका ढूंढ लिया।
आरोपी कैसे लेता था लोगों को झांसे मे:
डीसीपी (DCP) के मुताबिक आरोपित खुद को एक सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी (SP) बताकर लोगों को झांसे में ले लेता था। उसने नोएडा प्राधिकरण के द्वारा अधिग्रहित डूब क्षेत्र की जमीन के लिए फर्जी कागजात तैयार करवा लिए थे। उसके बाद जमीन अन्य जनपदों से जीपीए (GPA) कराकर भोले-भाले लाेगों को बेच दिया करता था।
प्लान बनाकर लोगों से वसूल करता था मोटी रकम:
बता दें कि वह इतना शातिर है कि फर्जी तथा जालसाजी के इस धंधे में वह कभी भी अपना नाम सामने नहीं लाता था। योजना के अंतर्गत वह अपने साथियों को ही भूमि का असली मालिक बताकर माेटी रकम वसूल करता था। इतना ही नहीं यदि वह कभी कोई जमीन के विवाद में फंसता था तो मामले को सिविल प्रवृति का बताकर कोर्ट के माध्यम से खुद को बचा लेता था।
महिला के द्वारा फर्जी कागज़ करवाता था तैयार:
इसके अतिरिक्त आरोपित जमीन के विक्रेता के तौर पर किसी दूसरी महिला को खड़ा करके रजिस्ट्री पेपर पर एक फोटो लगाकर गवाह के हस्ताक्षर भी कराकर फर्जी कागजात तैयार करावा लेता था। फिलहाल उसके साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस उसे कई दिनोंं से तलाश कर रही थी। फिलहाल अब पुलिस उसकी संपत्ति की जांच करने की भी बात कह रही है।