नोएडा: नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात को सुगम बनाने वाली चिल्ला एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य फरवरी में शुरू होगा। करीब 12 सालों के इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 17 दिसंबर को एमजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को यह प्रोजेक्ट सौंप दिया। परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
खत्म हुआ 12 साल का इंतजार
इस एलिवेटेड रोड की परिकल्पना 2012 में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए की गई थी। 2018 में दिल्ली सरकार की मंजूरी मिलने के बाद 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शिलान्यास किया। शुरुआती लागत 605 करोड़ रुपये आंकी गई थी लेकिन गेल गैस पाइपलाइन के मार्ग में बदलाव और पीडब्ल्यूडी के बजट में देरी के चलते काम रुक गया।
कोविड महामारी की वजह से प्रोजेक्ट शुरू होने में लगा और समय
मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण प्रोजेक्ट में और देरी हो गई। अब तक केवल 13% निर्माण कार्य ही पूरा हो सका है। नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना पर 79 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन परियोजना फिर भी ठप रही।
892 करोड़ का है बजट
2023 में बढ़ती लागत को देखते हुए ब्रिज कॉर्पोरेशन ने 940 करोड़ रुपये का संशोधित बजट पेश किया। राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी देने के बाद कई बार संशोधन किया और अंत में 892 करोड़ 75 लाख रुपये के नए बजट को मंजूरी दी गई। यह एलिवेटेड रोड 7% कम टेंडर पर हासिल की गई है जिससे निर्माण लागत में भी कुछ कमी आई है।
परियोजना से 5 लाख लोगों को मिलेगा जाम से निजात
एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई 5.9 किमी होगी जो चिल्ला बॉर्डर से नोएडा एक्सप्रेसवे तक जाएगी। यह चिल्ला बॉर्डर को मयूर विहार फ्लाईओवर से जोड़ेगी जिससे नोएडा एक्सप्रेसवे पर आने-जाने वाले लोगों को नया लिंक मिलेगा। यह एलिवेटेड रोड 5 लाख से अधिक दैनिक यात्रियों के लिए जाम मुक्त यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी।
चढ़ने और उतरने के लिए बनेंगे 6 लूप
इस रोड पर चढ़ने और उतरने के लिए छह प्रमुख स्थानों पर लूप बनाए जाएंगे:
1. चिल्ला बॉर्डर से: सेक्टर-14 और उद्योग मार्ग की ओर उतरने के लिए।
2. सेक्टर-15ए: यहां से रोड पर चढ़ने का विकल्प होगा।
3. डीएनडी फ्लाईवे: एमपी वन रोड पर सेक्टर-16 की ओर उतरने के लिए लूप।
4. सेक्टर-16ए फिल्म सिटी: यहां से चढ़ने के लिए लूप होगा।
5. फिल्म सिटी से आगे: सेक्टर-18 और एमपी टू एलिवेटेड रोड की ओर।
6. जीआईपी मॉल: मॉल के पास एक और लूप चढ़ाई के लिए होगा।
योजना के फायदे
एलिवेटेड रोड बनने के बाद चिल्ला बॉर्डर और लिंक रोड पर लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा। यह दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक की समस्या का समाधान करने के साथ-साथ समय और ईंधन की भी बचत करेगा। यह रोड चिल्ला बॉर्डर के साथ-साथ आसपास के इलाकों के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
3 साल में योजना पूरा करने का लक्ष्य
अब तक इस प्रोजेक्ट की राह में कई बाधाएं आईं लेकिन फरवरी 2024 से शुरू होने वाले निर्माण कार्य के साथ इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। यह परियोजना न केवल यातायात सुगमता में योगदान देगी, बल्कि दिल्ली-नोएडा के बीच संपर्क को भी मजबूत करेगी।