नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल ED यानि प्रवर्तन निदेशालय की टीम के द्वारा यहां पोर्न साइट्स के लिए कंटेंट उपलब्ध कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।
वहीं सुबदीगी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक दंपती के हाउस पर वीडियो शूट कराते हुए तीन मॉडल्स को भी पकड़ा और उनके बयान दर्ज किये हैं। बता दें कि पकड़े गए कपल हर रोज इस साइट पर गंदे गंदे वीडियो अपलोड करते थे और उससे खूब पैसा कमाते थे।
15.66 करोड़ रुपए की अवैध फंडिंग का हुआ खुलासा:
आपको बता दें कि दंपती साइप्रस की कंपनी टेक्टनीउस लिमिटेड से जुड़कर नोएडा में एक स्टूडियो लिया था जहां वह पोर्न साइट के लिए वीडियो बनाते थे। वहीं जब ईडी के द्वारा छापेमारी की गई तो इसका खुलासा हुआ।
इसके साथ ही एक हैरान कर देने वाली अन्य बात भी सामने आई है, दरअसल यहां पर अब तक की हुई जांच में लगभग 15.66 करोड़ रुपये की अवैध फॉरेन फंडिंग की बात भी सामने आई।
मॉडलों की होती थी ऑनलाइन भर्ती:
गौरतलब है कि यह कपल साइप्रस स्थित Technius Limited नाम की कंपनी के लिए नोएडा में काम कर रहा था, जो इंटरनेट ओड Xhamster एवं Stripchat जैसी पोर्न साइट्स चलाती है। वहीं सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर मॉडल्स की भी भर्ती की जाती थी, जो लाइव कैम पर अपना अश्लील कंटेंट अपलोड करती थीं। कपल के द्वारा बैंक में गलत Purpose Code देकर विदेशी कंपनियों से पैसा भी मंगवाया, इससे Advertising एवं Market Research का भुगतान दिखाया जाता था।
कमाई का 25% हिस्सा मॉडल्स को और 75% हिस्सा दंपती को जाता था:
वहीं निदेशक दंपती टेक्नीउस कंपनी की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करते हुए मॉडलों की ऑनलाइन एवं गुप्त तरीके से भर्ती की जाती थी। माडलिंग के नाम भर्ती होकर कंपनी में आए माडल को पोर्न वीडियो शूट करने का ऑफर दिया जाता। वहीं 1 से 2 लाख रुपये प्रतिमाह का ऑफर मिलने पर अधिकतर मॉडल काम करने के लिए तैयार भी हो जाते थे।
जिसके बाद मॉडल की एडल्ट वेबकैम पर वीडियो शूट कराया जाता था। वीडियो शूट होने के पश्चात वीडियो को एक्समस्टर एवं स्ट्रिपचैट जैसी पोर्न साइट पर अपलोड किया जाता था। इस प्रकार इससे होनी वाली कमाई का 25 प्रतिशत हिस्सा मॉडल्स को दिया जाता था जबकि 75 प्रतिशत हिस्सा खुद दंपती रख लेते थे।
पुलिस बैंक समेत अन्य वित्तीय लेनदेन की कर रही है जांच:
विदेशी कंपनियों से विज्ञापन एवं मार्केट रिसर्च के नाम पर भी बड़ी मात्रा में धनराशि मांगी जाती थी। वहीं जांच में 15.66 करोड़ रुपये का भुगतान मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल बैंक लेनदेन समेत अन्य सभी वित्तीय लेनदेन की जांच कराई जा रही है।
साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं धनराशि हवाला, साइबर ठगी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों से तो नहीं आ रही थी। इडी (ED) की जांच फिलहाल अभी जारी है, ऐसा माना जा रहा है कि इसमें कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
मुख्य आरोपी पहले रूस में रह चुका है एक गिराेह का हिस्सा:
दरअसल अब तक मिले सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपित इससे पहले रूस में पोर्नाेग्राफी सिंडिकेट का भी हिस्सा रह चुका है। जिसके बाद वह भारत आ गया था और अब करीब 5 साल से भारत में रहकर एपीजे पत्नी के साथ मिलकर पोर्नाेग्राफी का रैकेट चला रहा था। बता दें कि यह गिरोह इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर भी लोगों के साथ जुड़कर यह काम कर रहा है।