महिला कांग्रेस ने दिल्ली में आयोजित किया 'शक्ति सम्मान कार्यक्रम!: सितंबर तक सदस्य संख्या 12 लाख तक ले जाने का संकल्प तो वही महिला आरक्षण लागू करने को लेकर 10 मार्च को करेंगे ऐतिहासिक प्रदर्शन?
महिला कांग्रेस ने दिल्ली में आयोजित किया 'शक्ति सम्मान कार्यक्रम!

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में नारी सशक्तिकरण की दिशा में 'शक्ति सम्मान कार्यक्रम' का आयोजन किया। जिसकी अगुवाई महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने की।

इस कार्यक्रम में देशभर से महिला कांग्रेस की सभी प्रदेश अध्यक्ष के साथ साथ अन्य पदाधिकारी समेत अधिकतर कार्यकर्ता शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनकी इन क्षेत्रों में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

महिला कांग्रेस का बढ़ता प्रभाव

अलका लांबा ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता विपक्ष राहुल गांधी, सांसद महासचिव प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में महिला कांग्रेस लगातार अपने संगठन को सुदृढ़ और विस्तारित कर रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में 5 लाख महिलाएं इस संगठन से जुड़ी हैं और इसी वर्ष सितंबर 2025 तक इस संख्या को 12 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर हमेशा गंभीर और प्रयासरत रही है और आगे भी इसे बढ़ावा देने के लिए काम करती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर महिलाओं को राजनीति में आगे आने के लिए प्रेरित करें ताकि वे अपने अधिकारों के लिए खुद आवाज उठा सकें। 

महिला सशक्तिकरण में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका

अलका लांबा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देकर महिलाओं के लिए राजनीतिक क्षेत्र के द्वार खोले। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस आज भी इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने महिला कांग्रेस की स्थापना महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए की थी। उनका मानना हैं कि महिला कांग्रेस का मूल उद्देश्य हाशिए पर खड़ी महिलाओं को न्याय दिलाना और उनके हक की लड़ाई लड़ना रहा हैं।

अलका लांबा ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार को घेरा

वहीं अलका लांबा ने महिला आरक्षण कानून को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने इस कानून को लोकसभा से पारित करवाया था लेकिन मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों तक इसे लागू नहीं किया।

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से ठीक पहले इस कानून को दोबारा पारित कर महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश की गई। लांबा ने आगे कहा "अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती थी तो उसे यह कानून तुरंत लागू करना चाहिए था लेकिन ऐसा हुआ नहीं।"

10 मार्च को संसद घेराव का ऐलान!

महिला कांग्रेस ने 10 मार्च 2025 को संसद सत्र के पहले दिन जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान भी किया। अलका लांबा ने सभी महिला कांग्रेस नेताओं से अपील की कि वे अपने-अपने सांसदों से मिलकर इस कानून को जल्द लागू करने का दबाव बनाएं।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सड़क से संसद तक इस मुद्दे को उठाया है और अब महिला कांग्रेस इसे और मजबूती से आगे ले जाएगी। 

महिलाओं के संपूर्ण सशक्तिकरण पर जोर!

अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के संपूर्ण सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जहां-जहां कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं वहां महिलाओं के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए प्रभावी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ चुनावी वादे करती है लेकिन कांग्रेस अपने वादों को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करना भाजपा की राजनीति बन गई है लेकिन कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई पहल की भी उद्घोषणा!

महिला कांग्रेस ने एक नई योजना की घोषणा की है। जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को हर महीने 10 मुफ्त सैनिटरी नैपकिन दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना है।

इसके अलावा महिला कांग्रेस ऐसे महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन बनाने की मशीनें भी उपलब्ध कराएगी ताकि वे स्वयं नैपकिन बनाकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत के लिए पहली दो मशीनें बिहार पहुंच चुकी हैं और जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।

"हर महिला की लड़ाई, हमारी लड़ाई" – अलका लांबा

अलका लांबा ने अपने भाषण के अंत में कहा कि महिला कांग्रेस हर उस महिला के साथ खड़ी होगी जिसके साथ अन्याय हो रहा होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश की कोई भी महिला अगर खुद को असहाय महसूस पाती है तो महिला कांग्रेस उसकी आवाज बनेगी और उसे न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।

उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए एक मजबूत, सुरक्षित और समान अधिकारों वाला समाज बनाना है।"

कार्यक्रम में इन वरिष्ठ नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई

इस शक्ति सम्मान कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उपस्थित नेताओं में शामिल थे दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी काजी निजामुद्दीन, महाराष्ट्र के सोलापुर से कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे, कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी जरिता लेटफ्लैंग, राजस्थान की पूर्व विधायक शाफिया   इत्यादि प्रमुख नाम रहे।

अन्य खबरे