नोएडा: शहर में महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए इसी महीने 9 नए पिंक बूथ शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस चौकियों में वीडियो वॉल भी लगाई जाएंगी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
अब शहर में हो जाएंगे 23 पिंक बूथ
महिला सुरक्षा के लिहाज से तीनों जोन में नौ नए पिंक बूथ बनाए गए हैं। इन नए बूथों के शुरू होने के बाद जिले में कुल 23 पिंक बूथ हो जाएंगे जो फिलहाल 14 हैं। खास बात यह है कि इन बूथों पर सिर्फ महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
जानें क्या है पिंक बूथ और इसकी जरूरत क्यूं पड़ी?
अक्सर औरतें व बच्चियां अपनी बात को पुरुष वर्ग के सामने अच्छी तरह से नहीं रख पाती है। इस वजह से पूरी समस्या का निवारण कर पाना मुश्किल हो जाता है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों में एक ऐसी जगह का निर्माण किया गया जहां पर पुलिसकर्मी सिर्फ महिलाएं हो या उनकी संख्या अधिक हो और उसी जगह का नाम पिंक बूथ रखा गया। इस बूथ को महिलाओं की समस्या के समाधान के लिए तैयार किया गया। यहां पर शिकायत सुनने से लेकर शिकायतों का रखरखाव करने का जिम्मा केवल महिलाओं को सौंपा गया है। इसका उद्देश्य ये था कि यहां पर औरतें बिना डरे सहमें अपनी बात को रख सकेंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ये पिंक बूथ
पिंक बूथों को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां रेस्ट रूम, वॉशरूम, शिकायत दर्ज करने के लिए अलग कक्ष, किचन और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था होगी ताकि महिलाओं को जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
सभी थानों में लगाई जाएगी वीडियो वॉल
जिले के हर थाने में बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। जिसके माध्यम से थाना क्षेत्र के हर हिस्से पर नजर रखी जाएगी। यह व्यवस्था न केवल अपराध पर अंकुश लगाने में मददगार होगी। बल्कि अपराध के खुलासे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्थानीय लोगों से ली जा रही सलाह
नए पिंक बूथ और पुलिस चौकियों के निर्माण में स्थानीय लोगों की राय को भी शामिल किया गया है ताकि इन्हें ऐसी जगहों पर स्थापित किया जा सके जहां इनकी सबसे ज्यादा जरूरत हो।
इन बूथों का मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना है जहां वे निडर होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। बूथ को आधुनिक संचार उपकरणों से जोड़ा गया है जिससे पुलिस तुरंत हरकत में आ सके।