लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 9वां बजट गुरुवार को पेश किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 808736 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए बजट में कई बड़े एलान किए हैं। इस बजट में यूपी सरकार द्वारा युवाओं, छात्राओं, औद्योगिक विकास, चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। आइए जानते हैं योगी सरकार के बजट की मुख्य पहलू:
युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
✅ योगी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। सरकार ने स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज मुक्त लोन देने का प्रावधान किया है। इसके तहत नवोदित उद्यमियों को बिना किसी वित्तीय बोझ के अपने व्यापार की शुरुआत करने में सहायता मिलेगी।
✅ इसके अतिरिक्त राज्य में सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। वर्ष 2017 से दिसंबर 2024 तक पुलिस आरक्षी, उप निरीक्षक, लिपिक और अन्य पदों पर कुल 1,56,206 नियुक्तियां की गई हैं। इसके अलावा 92,919 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
✅ यूपी सरकार ने राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां लागू की हैं जिससे लगभग 96 लाख MSME इकाइयां कार्यरत हैं और 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। यह पहल उत्तर प्रदेश को देश में रोजगार देने के मामले में अग्रणी बना रही है।
छात्राओं के लिए स्कूटी योजना
✅ राज्य सरकार ने छात्राओं को शिक्षा और उनके आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए स्कूटी प्रदान करने की योजना बनाई है। यह पहल विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए सहायक होगी जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और उन्हें परिवहन की सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
✅ उत्तर प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया है। वर्तमान में राज्य में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 11,800 और पीजी की 3,971 सीटें उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार 2025-26 में देशभर में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी जिनमें से 1,500 सीटें उत्तर प्रदेश को मिलेंगी। इस विस्तार के लिए 2,066 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
✅ सरकार ने बलिया और बलरामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए क्रमशः 27 करोड़ और 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश
✅ उत्तर प्रदेश सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2017 के तहत अब तक 23,203 करोड़ रुपये और सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2017 के तहत 7,004 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।
✅ डाटा सेंटर नीति के तहत पहले केवल 3 डाटा सेंटर पार्क बनाने का लक्ष्य था जिसे संशोधित कर 8 डाटा सेंटर पार्क बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कुल 30,000 करोड़ रुपये के निवेश और 900 मेगावाट क्षमता के डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
✅ उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2024 को लागू किया गया है जिससे वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। यह नीति सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देगी जिससे यूपी इस क्षेत्र में भारत का चौथा अग्रणी राज्य बन जाएगा।
✅ इसके अलावा राज्य में अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एक सेंटर स्थापित हो चुका है। आईआईटी कानपुर के नोएडा परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईआईटी कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है।
औद्योगिक और आधारभूत संरचना का विकास
वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के समय प्रदेश में औद्योगिक विकास की स्थिति बेहद कमजोर थी। उद्योगों के पलायन के कारण प्रदेश का आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा था। लेकिन सरकार के दृढ़ संकल्प और निवेशकों को अनुकूल माहौल देने के प्रयासों से स्थिति बदल गई है।
✅ चार नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में परिवहन को सुगम बनाने के लिए चार नए एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की है:
1. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे:
हरदोई और फर्रुखाबाद होते हुए बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे के लिए 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
2. विंध्य एक्सप्रेस-वे:
यह प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र को जोड़ेगा। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
3. गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण:
यह मेरठ को हरिद्वार से जोड़ेगा, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
4. बुंदेलखंड-रीवा एक्सप्रेस-वे:
इसके लिए भी 50 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है।
इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ रक्षा औद्योगिक गलियारा (डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 461 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना में कुल 9,500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट विकास को गति देने और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। चिकित्सा शिक्षा में सुधार, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और औद्योगिक विस्तार के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। नई एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं राज्य में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएंगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी।