लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब सभी राज्यकर्मियों को अवकाश के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह आवेदन मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। 1 फरवरी से यह नियम पूरी सख्ती के साथ लागू होगा। जल्द ही मुख्य सचिव स्तर पर इसका आदेश जारी होने की संभावना है। साथ ही सरकारी सेवा से संबंधित अन्य सभी प्रक्रियाओं को भी ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इससे पहले भी सरकार ने कई बार कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल का उपयोग करने के निर्देश दिए थे। इसमें बाल्य देखभाल अवकाश (सीसीएल) सहित अन्य प्रकार की छुट्टियां शामिल थीं। इसके अतिरिक्त तबादले के बाद नई जगह पदभार ग्रहण करने और पुरानी जगह से पदभार छोड़ने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने की आवश्यकता बताई गई है।
ऑफलाइन अवकाश प्रक्रिया होगी समाप्त
सरकार ने अवकाश आवेदन की ऑफलाइन प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब सभी कर्मचारी छुट्टी के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करेंगे। सेवा पुस्तिकाओं को भी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कई विभाग इन आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे। इसे देखते हुए सरकार ने अब यह नियम लागू करने के साथ आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान रखा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बुजुर्गों को राहत
प्रधानमंत्री आवास योजना-2 (शहरी) के तहत राज्य सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। अब मध्य आय वर्ग के लोगों को भी इस योजना में शामिल करते हुए बुजुर्गों को 30,000 रुपये और विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को 20,000 रुपये की अतिरिक्त मदद मिलेगी। यह राशि पहले से मिलने वाले 2.50 लाख रुपये के अनुदान के अतिरिक्त होगी।
महाकुंभ कैबिनेट बैठक से पहले महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर
22 जनवरी को प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक से पहले 22 प्रस्तावों को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से स्वीकृति दी गई है। हालांकि इन प्रस्तावों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। उम्मीद है कि महाकुंभ की कैबिनेट बैठक के बाद इन निर्णयों की जानकारी दी जाएगी।
इन प्रस्तावों में सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना-2 (शहरी) से संबंधित है। योजना के तहत जो लोग 12 महीने के भीतर मकान तैयार करेंगे उन्हें 10,000 रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। इसके साथ ही मकान पाने वाले पात्र व्यक्तियों को पांच साल तक इसे बेचने या हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं होगी।
डिजिटलीकरण से मिलेगी पारदर्शिता
राज्य सरकार का यह कदम सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अवकाश प्रणाली और सेवा से जुड़े अन्य कार्यों को ऑनलाइन करने से न केवल कर्मचारियों को सुविधा होगी बल्कि विभागीय प्रक्रियाएं भी तेज और पारदर्शी बनेंगी।
सरकार की इन नई नीतियों का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों के कार्यों को आसान बनाना है बल्कि आम जनता को भी सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ देना है।