सुबह सस्ती और रात में महंगी होगी बिजली!: यूपी में जल्द लागू होगा टीओडी टैरिफ, घरेलू उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा 20% तक का अतिरिक्त भार?
सुबह सस्ती और रात में महंगी होगी बिजली!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें अब समय के अनुसार बदल सकती हैं। विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रस्तावित मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन के तहत सुबह की बिजली सस्ती और शाम से रात की बिजली महंगी हो सकती है। यह बदलाव खासतौर पर गर्मियों और सर्दियों के मौसम में अलग-अलग समय पर लागू होगा। गर्मियों (अप्रैल से सितंबर) में सुबह बिजली सस्ती और रात में महंगी होगी जबकि सर्दियों (अक्टूबर से मार्च) में शाम से आधी रात तक महंगी और तड़के सुबह सस्ती बिजली मिलेगी।

कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?

यह व्यवस्था लागू करने के लिए उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर का होना आवश्यक है। यह सिस्टम जिसे टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ कहा जाता है, बिजली के इस्तेमाल के समय और मांग के आधार पर दरों को तय करेगा। वर्तमान में यह व्यवस्था केवल भारी और हल्के उद्योगों पर लागू है लेकिन अब इसे घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए भी लागू करने का प्रस्ताव है।

गर्मी के दौरान सुबह 5 बजे से 10 बजे तक बिजली की दरें सामान्य से 15 प्रतिशत सस्ती होंगी जबकि शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक यह दरें 15 प्रतिशत अधिक होंगी। इसी तरह सर्दियों में शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली महंगी और रात 11 बजे से तड़के 5 बजे तक सस्ती होगी।

घरेलू उपभोक्ताओं का बढ़ेगा खर्चा

इस नई प्रणाली से घरेलू बिजली उपयोगकर्ताओं के खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि टीओडी टैरिफ लागू होने पर लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली बिल में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। कारण यह है कि जब बिजली सस्ती होगी, उस समय घरेलू उपयोग कम होगा और महंगी दर के दौरान उपभोग ज्यादा होगा। इससे 2.85 करोड़ उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।

किसानों को मिलेगी राहत

टीओडी प्रणाली को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर लागू करने की बात की गई है लेकिन कृषि कार्य (सिंचाई आदि) के लिए बिजली उपयोग करने वाले करीब 15 लाख किसानों को इस प्रणाली से बाहर रखा गया है।

2023 में भी लागू करने की हुई थी कोशिश

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि यह प्रणाली घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी नहीं है। वर्मा ने बताया कि 2023 में भी टीओडी लागू करने का प्रयास किया गया था लेकिन परिषद द्वारा दायर याचिका के बाद इसे रोक दिया गया था। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रस्ताव फिर से लागू करने का प्रयास किया जाता है तो परिषद इसका कड़ा विरोध करेगी।

“केंद्र सरकार का निर्देश*

केंद्र सरकार ने विद्युत अधिनियम के तहत अप्रैल 2025 से टीओडी टैरिफ लागू करने के निर्देश पहले ही जारी किए हैं। इस निर्देश के बाद राज्यों को इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना होगा।

अगर यह प्रणाली लागू होती है तो उपभोक्ताओं को बिजली के उपयोग का समय समझदारी से चुनना होगा। हालांकि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और नियामक आयोग उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को कैसे लागू करते हैं।

अन्य खबरे