कानपुर से बरेली तक आयकर विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी!: गुटखा कारोबारी और...विभाग की चुप्पी से बढ़ी सनसनी?
कानपुर से बरेली तक आयकर विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी!

बरेली: कानपुर में पान मसाला कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी के साथ ही आयकर विभाग की टीम ने बरेली में भी एक बड़े गुटखा व्यापारी के घर, गोदाम और उनके भाई के निवास पर रेड मारी। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे व्यापारिक समुदाय में हलचल मच गई। दिनभर व्यापारी इसी चर्चा में रहे कि आखिर मामला क्या है? छापेमारी के दौरान कारोबारी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।

लखनऊ और दिल्ली से आई टीम ने घर का ताला तोड़ा

सुबह लगभग छह बजे लखनऊ और दिल्ली से पहुंची आयकर विभाग की टीम ने बरेली के राजेंद्र नगर में स्थित गुटखा कारोबारी अमित भारद्वाज के घर पर दस्तक दी। अधिकारियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया लेकिन जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो मजबूरन उन्होंने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

मिली जानकारी के अनुसार अमित भारद्वाज पर एक ही बिल्टी का इस्तेमाल कर कई गाड़ियों में माल सप्लाई करने का आरोप है। इस संबंध में विभाग को कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं जिसके आधार पर यह छापेमारी की गई।

भाई के घर और गोदाम पर भी हुई रेड

कार्रवाई के अगले चरण में दोपहर करीब 12:30 बजे आयकर अधिकारी अमित भारद्वाज को साथ लेकर उनके बड़े भाई रामसेवक के घर बीडीए कॉलोनी पहुंचे। वहां पहुंचने पर पता चला कि रामसेवक महाकुंभ के लिए बाहर गए हुए हैं। अधिकारियों ने घर और सामने स्थित गोदाम की जांच करने के लिए कारोबारी से ताला खुलवाया।

इसके बाद टीमें शाम तक दोनों भाइयों के ठिकानों की छानबीन में जुटी रहीं। घर, गोदाम और अन्य दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला गया। इस दौरान, आयकर अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और घर के स्टाफ से भी पूछताछ की।

व्यापारी नेताओं और परिजनों को बाहर रोका गया

छापेमारी की खबर सुनकर शहर के कई व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि और कारोबारी के परिजन उनके घर पहुंचे लेकिन पुलिस ने किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। आयकर अधिकारियों ने कारोबारी और उनके परिवार के फोन भी जब्त कर लिए।

पूरी जांच के दौरान कारोबारी से कई सवाल पूछे गए लेकिन वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि कुछ समय बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।

अधिकारियों ने छापेमारी पर टिप्पणी करने से किया इनकार

पूरी कार्रवाई के दौरान आयकर अधिकारियों ने मीडिया या किसी अन्य व्यक्ति को कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने इस छापेमारी से जुड़ी किसी भी बात को साझा करने से इनकार कर दिया।

पहले भी पड़ चुकी है रेड

रामसेवक और अमित भारद्वाज पिछले 25 वर्षों से गुटखा और कत्थे के कारोबार में हैं। इससे पहले भी 2021 में दिल्ली से आई सेंट्रल जीएसटी टीम ने उनके प्रतिष्ठान और घर पर छापेमारी की थी। उस समय भी महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए थे और कुछ अहम जानकारियां मिली थीं।

दिलचस्प बात यह है कि 2021 की छापेमारी के दौरान भी कारोबारी शहर में नहीं थे बल्कि जागेश्वर धाम गए हुए थे। उस समय उन्होंने टीम का पुरजोर विरोध किया था लेकिन जब प्रतिष्ठान की चाबी नहीं मिली तो अधिकारी ज्यादा जांच नहीं कर पाए थे।

वकील और व्यापारी संगठनों की नहीं सुनी गई

छापेमारी की सूचना मिलते ही राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा समेत कई व्यापारी नेता मौके पर पहुंचे लेकिन अधिकारियों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। अमित भारद्वाज को उनके भाई के बीडीए कॉलोनी स्थित घर ले जाकर ताला तोड़ने के लिए दबाव डाला गया।

इस दौरान व्यापारी नेताओं ने अधिकारियों से उनकी पहचान और छापेमारी के कारणों के बारे में पूछना चाहा लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। इतना ही नहीं कारोबारी के वकील अमजद सलीम को भी किसी से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई। मौके पर व्यापारी नेता रामकृष्ण शुक्ला, गौरव सक्सेना और शोभित सक्सेना सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे।

आयकर विभाग की यह छापेमारी कानपुर से लेकर बरेली तक फैली हुई थी और इसमें बड़े पैमाने पर जांच की गई। कारोबारी के घर, गोदाम और उनके भाई के निवास पर रेड डालकर टैक्स चोरी और अवैध लेन-देन की जांच की गई। अधिकारियों ने इस संबंध में कोई औपचारिक बयान नहीं दिया लेकिन व्यापारी समुदाय में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।

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