ट्रंप का बड़ा फैसला: भारत-चीन समेत कई देशों पर लगाया भारी टैरिफ वही पाकिस्तान-बांग्लादेश को लगा भारत से भी तगड़ा झटका?
ट्रंप का बड़ा फैसला

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बड़ा कदम उठाते हुए आयातित वस्तुओं पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले के तहत भारत, चीन सहित कई एशियाई और यूरोपीय देशों पर 10% से लेकर 49% तक आयात शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को लंबे समय से अन्य देशों द्वारा आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा रहा था लेकिन अब इस पर रोक लगेगी।

भारत और चीन पर लगाया भारी शुल्क

भारत पर अमेरिका अब 26% टैरिफ लगायेगा जो भारतीय व्यापार जगत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं चीन से आयातित वस्तुओं पर 34% का भारी भरकम आयात शुल्क तय किया गया है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों को मजबूत करेगा और अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करेगा।

इन देशों पर इतना लगा टैरिफ

अमेरिका ने कंबोडिया से आयातित उत्पादों पर सबसे अधिक 49% शुल्क लगाया है। इसी तरह वियतनाम से आने वाले सामान पर 46% टैरिफ लगाया गया है। ताइवान पर 32% और स्विट्जरलैंड पर 31% का टैरिफ लगाया गया है। यूरोपीय संघ से आयात होने वाली वस्तुओं पर 20% कर लगाया गया है जबकि यूनाइटेड किंगडम को कुछ राहत दी गई है और उसके उत्पादों पर केवल 10% शुल्क तय किया गया है।

पाकिस्तान और बांग्लादेश को लगा झटका

अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान से आने वाले सामान पर 29% टैरिफ लगाने का फैसला किया है जबकि बांग्लादेश पर 37% का भारी शुल्क लागू किया गया है। यह फैसला इन दोनों देशों के निर्यात पर प्रतिकूल असर डाल सकता है खासकर कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर।

ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़ा असर

ट्रंप प्रशासन ने ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कारों पर 25% और ऑटो पार्ट्स पर अलग से टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह नया कर 3 अप्रैल से लागू होगा जबकि ऑटो पार्ट्स पर शुल्क 3 मई से प्रभावी होगा। 

ट्रंप ने कहा, "अमेरिकी करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।" राष्ट्रपति ने वादा किया कि करों के परिणामस्वरूप फैक्ट्रियों की नौकरियां अमेरिका में वापस आएंगी, लेकिन उनकी नीतियों से अचानक आर्थिक मंदी आने का खतरा है क्योंकि उपभोक्ताओं एवं व्यवसायों को आटो, कपड़े और अन्य सामानों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

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