पीएम मोदी की मोहम्मद यूनुस को चिट्ठी!: बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में याद दिलाई भारत की भूमिका, बलिदान पर आधारित है संबंधों की नींव और इतिहास वही?
पीएम मोदी की मोहम्मद यूनुस को चिट्ठी!

नई दिल्ली: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में वर्तमान हालात बेहद अस्थिर बने हुए हैं। वहीं इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केद्वारा बांग्लादेश की सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस को एक चिट्ठी लिखी गई है। आपको बता दें कि पीएम मोदी के द्वारा बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर यह चिट्ठी लिखी गई है।

जानते हैं कि आखिर पीएम मोदी ने पत्र में क्या लिखा है:

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा इस चिट्ठी में इतिहास का जिक्र किया गया है और साल 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की अटूट भावना को याद करते हुए इसे भारत-बांग्लादेश के मजबूत संबंधों की नींव बताया गया है। साथ ही बांग्लादेश को उसकी स्थापना में भारत देश की भूमिका भी याद दिलाई गई है।

पीएम मोदी ने पत्र में लिखा कि मैं बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आपको तथा बांग्लादेश के समस्त लोगों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। यह दिन हमारे साझा इतिहास एवं बलिदानों का एक बेहतर प्रमाण है क्योंकि इसने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव रखी है। 

आपसी संवेदनशीलता के आधार पर साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं: पीएम मोदी

उन्होंने आगे लिखा कि बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की भावना हमारे (भारत और बांग्लादेश) संबंधों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक बनी हुई है, जो कई क्षेत्रों में फली-फूली है। इतना ही नहीं बल्कि यह हमारे लोगों को ठोस लाभ भी पहुंचा रही है।

इसी क्रम में पीएम मोदी ने कहा कि हम शांति, स्थिरता तथा समृद्धि के लिए अपनी साझा आकांक्षाओं एवं एक-दूसरे के हितों और साझा चिंताओं के प्रति आपसी संवेदनशीलता के आधार पर इस साझेदारी को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

बिम्सटेक सम्मेलन में जल्द ही हिस्सा लेंगे दोनों नेता:

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस जल्द ही मुलाकात करने वाले हैं। दरअसल 3 और 4 अप्रैल को बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में दोनों नेता भाग लेंगे। वहीं ढाका के द्वारा द्विपक्षीय बैठक की मांग की गई है, जबकि भारत फिलहाल अब तक इस मुद्दे पर चुप रहा है।

दरअसल मोहम्मद यूनुस बैंकॉक में होने वाली BIMSTEC समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करना चाहते हैं। हालांकि भारत के द्वारा अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है। लेकिन इतना ही नहीं युनूस चीन जाने से पहले भी भारत आना चाहते थे, हालांकि उन्हें भारत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।

सत्ता परिवर्तन के बाद काफी तनावपूर्ण हो गए थे दोनों देशों के रिश्ते:

आपको बता दें कि बांग्लादेश में देशव्यापी आंदोलन के पश्चात भारत की पुरानी सहयोगी शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग सरकार को गिराए जाने तथा पूर्व प्रधानमंत्री को भारत भागने पर मजबूर होने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। 

वहीं सत्ता परिवर्तन के बाद बनी अंतरिम सरकार का नेतृत्व नोबेल पुरस्कार विजेता एवं अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं। इस बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों पर भारत ने बांग्लादेश के साथ अपनी चिंताएं साझा की हैं। वहीं ढाका का यह कहना है कि हमले सांप्रदायिक नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित हैं।

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