इन 10 लक्षणों को कभी न करें अनदेखा: ये हो सकते हैं हाई स्ट्रेस(अत्यधिक तनाव) के लक्षण वही समय रहते करें पहचान वरना पड़ सकता हैं बहुत भारी?
इन 10 लक्षणों को कभी न करें अनदेखा

लाइफस्टाइल: आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, फैमिली प्रॉब्लम्स, फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स और सामाजिक तनाव हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं।

ज्यादातर समय हम यह समझ नहीं पाते कि हम तनाव से ग्रसित हैं लेकिन हमारा शरीर इसके संकेत (Symptoms of High Stress) देने लगता है। यदि आप इन संकेतों (Signs of High Stress) को पहचान लें तो समय रहते स्ट्रेस को मैनेज किया जा सकता है और आप एक नॉर्मल और खुशहाल जिंदगी जी सकते हैं। आइए जानते है स्ट्रेस बढ़ने पर शरीर में कौन कौन से लक्षण दिखते है।

स्ट्रेस की वजह से बॉडी से मिलने वाले संकेत

सिरदर्द और माइग्रेन

जब हम तनाव में होते हैं तो मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं जिससे सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है और इसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं दिख रही तो यह आपके मानसिक दबाव का संकेत हो सकता है।

नींद न आना या ज्यादा नींद आना

तनाव के कारण नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है। कुछ लोग अनिद्रा (इनसोम्निया) से ग्रस्त हो जाते हैं तो कुछ जरूरत से ज्यादा सोने लगते हैं। अगर आपकी नींद में अचानक बदलाव आ गया है, तो यह तनाव का संकेत हो सकता है।

पाचन संबंधी समस्याएं

तनाव का असर सीधे हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। एसिडिटी, गैस, कब्ज या डायरिया जैसी समस्याएं अधिकतर मानसिक तनाव के कारण होती हैं। कुछ लोगों को स्ट्रेस के कारण भूख कम लगती है, जबकि कुछ जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं।

बार-बार बीमार पड़ना

स्ट्रेस इम्युनिटी को कमजोर कर देता है जिससे शरीर इन्फेक्शन से लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता है। यदि किसी को बार-बार सर्दी-ज़ुकाम, बुखार या अन्य इन्फेक्शन हो रहा है तो यह बढ़े हुए स्ट्रेस लेवल का संकेत दे रहा है।

हार्ट बीट तेज होना

ज्यादा तनाव के कारण दिल की धड़कन सामान्य से तेज हो सकती है, और कभी-कभी सीने में हल्का दर्द या दबाव भी महसूस हो सकता है। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है और हृदय संबंधी बीमारियों की आशंका भी बढ़ जाती है।

मांसपेशियों में दर्द और जकड़न

जब शरीर में तनाव बढ़ता है तो कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिससे मांसपेशियों में जकड़न और दर्द हो सकता है। खासतौर पर गर्दन, कंधे और पीठ में तनावजनित दर्द अधिक देखने को मिलता है।

स्किन से जुड़ी समस्याएं

तनाव का असर हमारी त्वचा पर भी दिखाई देता है। एक्ने, रैशेज, सोरायसिस या एक्जिमा जैसी समस्याएं अक्सर स्ट्रेस के कारण बढ़ जाती हैं। कुछ लोगों को तनाव में खुजली या त्वचा का रूखा होना भी महसूस होता है। कई बार अत्यधिक चिंता के कारण त्वचा बेजान और शुष्क भी हो जाती है।

बालों का झड़ना

अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण बालों का झड़ना बढ़ सकता है। कुछ लोगों में यह स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं को भी जन्म दे सकता है जिससे बाल कमजोर हो जाते हैं।

वजन में बदलाव

तनाव के कारण कुछ लोगों का वजन तेजी से बढ़ जाता है जबकि कुछ का अचानक कम हो सकता है। यह हार्मोनल असंतुलन और खान-पान की आदतों में बदलाव का परिणाम हो सकता है।

मूड स्विंग्स व चिड़चिड़ापन

स्ट्रेस का सीधा असर हमारी मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। बेवजह गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन, उदासी या फिर फोकस न कर पाना जैसे लक्षण स्ट्रेस के कारण हो सकते हैं।

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