अनिद्रा (नींद न आना) बन रही है गंभीर बीमारियों की वजह!: समय रहते बरतें सावधानी वरना हो सकती हैं ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारियां?
अनिद्रा (नींद न आना) बन रही है गंभीर बीमारियों की वजह!

लाइफस्टाइल: आज कल की दौड़-भाग वाली जिंदगी में सेहत का ख्याल रख पाना सभी उम्र के लोगों के लिए एक बड़ा चैलेंज बन गया है। इसलिए 30 से कम उम्र के लोग ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सहित कई प्रकार की दीर्घकालिक बीमारियों का तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। 
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खान-पान से संबंधित दिक्कतों के कारण इन बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। 

जिस तरह से लोगों में नींद से संबंधित समस्याएं बढ़ती जा रही हैं इसके कारण भविष्य में इस तरह की बीमारियों के मामले और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शोधकर्ताओं के अनुसार जिन लोगों की नींद अक्सर पूरी नहीं होती है उनमें अन्य लोगों की तुलना में इन बीमारियों का जोखिम अधिक होता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो समय रहते किसी डॉक्टर से मिलकर परामर्श ले लें वरना इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते है।

अनिद्रा से होने वाली दिक्कतें

शोधकर्ता बताते हैं कि विश्व में लाखों लोग अनिद्रा से परेशान हैं यह मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। अनिद्रा के कई कारण हो सकते हैं तनाव और चिंता जैसे नौकरी, पारिवारिक समस्याएं, वित्तीय संकट या अन्य तनावपूर्ण स्थितियां नींद में बाधा डाल सकती हैं। इसी तरह से हृदय रोग, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, अस्थमा जैसी बीमारियां भी अनिद्रा को जन्म दे सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अगर आपको इन बीमारियों के कारण लंबे समय तक अनिद्रा की दिक्कत रहती है तो नींद न आने की स्थिति इन बीमारियों की जटिलताओं को और भी बढ़ा देती है।

अनिद्रा के कारणों की पहचान करना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अनिद्रा के कारणों को समझना और उनका सही समय पर समाधान करना आवश्यक है। यदि नींद न आने की समस्या तनाव, चिंता या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण हो रही है तो इसके लिए मनोवैज्ञानिक चिकित्सा की जरूरत हो सकती है।

अक्सर लोग नींद न आने की स्थिति में खुद से नींद की गोलियों का सेवन करने लगते हैं जो कि बेहद खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाइयों का सेवन कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

खुद से नींद की दवा लेना हो सकता है खतरनाक?

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और वे इस समस्या से निपटने के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेने लगे हैं। ऐसी दवाएं एक आसान समाधान हो सकती हैं लेकिन विशेषज्ञ इसके दीर्घकालिक गंभीर जोखिमों को लेकर आगाह करते हैं।

निद्रा चिकित्सा डॉ. मीर फैजल का कहना है कि नींद की गोलियों का बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन करना हानिकारक हो सकता है। ये दवाएं मस्तिष्क, हृदय और गुर्दे सहित शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रणालियों को प्रभावित कर सकती हैं।

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शुरुआत में नींद की गोलियों के दुष्प्रभाव कम दिखाई देते हैं लेकिन समय के साथ ये गंभीर रूप ले सकते हैं। इनके नियमित सेवन से शरीर इन पर निर्भर होने लगता है जिससे स्वाभाविक रूप से नींद आने की क्षमता प्रभावित होती है।

इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना उचित कारण जाने इन दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। नींद की समस्या का सही कारण समझना और उसी के अनुसार उपचार लेना आवश्यक है। अगर आप भी अनिद्रा से परेशान हैं तो जल्द ही किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें और प्राकृतिक उपायों के माध्यम से अपनी नींद सुधारने की कोशिश करें।

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