स्वास्थ्य: दरअसल यूरिक एसिड हमारे शरीर में प्यूरिन के टूटने से बनता है। सामान्य रूप से यह यूरिन के जरिए हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसकी मात्रा कुछ ज्यादा हो जाती है, तो यह हमारे जोड़ों में जमा होकर गाउट के जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
इस यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए हमें अपनी डाइट का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं, जिनमें प्यूरिन की मात्रा काफी ज्यादा होती है और ये यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती हैं। आइए आज ऐसी ही 5 सब्जियों के बारे में जानते हैं।
पालक
पालक एक काफी पौष्टिक सब्जी है, जो आयरन, विटामिन-सी और फाइबर से बेहद भरपूर होती है। हालांकि, इसमें प्यूरिन की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है। जो लोग यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें पालक को सीमित मात्रा में खाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में पालक खाने से उनको यूरिक एसिड का लेवल बढ़ सकता है।
मशरूम
मशरूम में प्यूरिन की मात्रा बेहद ज्यादा होती है, जो यूरिक एसिड के स्तर को एकदम बढ़ा सकती है। हालांकि, मशरूम प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स का काफी ज्यादा अच्छा सोर्स है, लेकिन यूरिक एसिड के मरीजों को इसे खाने से एकदम बचना चाहिए या फिर इसे कम मात्रा में ही खाना चाहिए।
फूलगोभी
फूलगोभी में प्यूरिन की मात्रा थोड़ी मध्यम होती है, लेकिन यह यूरिक एसिड के स्तर को काफी प्रभावित कर सकती है। यह सब्जी विटामिन-सी और फाइबर से बेहद भरपूर होती है, लेकिन अगर आपको गाउट या फिर यूरिक एसिड की समस्या है, तो आपको इसे नियंत्रित मात्रा में ही खाना चाहिए।
भिंडी
भिंडी बेहद ही ज्यादा स्वादिष्ट सब्जी होती है, जो फाइबर और विटामिन्स से बेहद भरपूर होती है। हालांकि, इसमें प्यूरिन की मात्रा बेहद ज्यादा होती है, जो यूरिक एसिड के स्तर को काफी बढ़ा सकती है। यूरिक एसिड के मरीजों को भिंडी केवल सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए।
बैंगन
बैंगन में भी प्यूरिन की मात्रा मध्यम होती है, लेकिन यह यूरिक एसिड के स्तर को काफी प्रभावित कर सकता है। बैंगन को आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है, लेकिन यूरिक एसिड वाले मरीजों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
ये बातें भी हैं बहुत जरूरी
•यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए एकदम हेल्दी डाइट लेना जरूरी है।
•ऊपर बताई गई सभी सब्जियों को सीमित मात्रा में खाएं।
•ज्यादा पानी पीने से यूरिक एसिड आपके शरीर से बाहर निकलता है, इसलिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
•अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें और नियमित जांच भी करवाएं।