बढ़ सकती है एल्विश यादव की दिक्कतें: सांपों की तस्करी के मामले में नोएडा पुलिस ने फोन डेटा रिकवरी के लिए लिखा पत्र, 7 दिनों में मांगी रिपोर्ट
बढ़ सकती है एल्विश यादव की दिक्कतें

नोएडा: नोएडा पुलिस ने यूट्यूबर एल्विश यादव और उसके साथियों के मोबाइल डेटा की जांच के लिए गाजियाबाद स्थित निवाड़ी लैब को पत्र भेजा है। पुलिस ने इस मामले को हाई प्रोफाइल बताते हुए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। पुलिस को शक है कि इन मोबाइल्स में सांपों की तस्करी और रेव पार्टियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं। एल्विश के खिलाफ 3 नवंबर 2023 को यह मामला दर्ज किया गया था जब पीपुल्स फॉर एनिमल संस्था के एक सदस्य ने कोतवाली सेक्टर-49 में शिकायत की। आरोप था कि रेव पार्टियों में सांपों के जहर का इस्तेमाल हो रहा है और एल्विश यादव सहित कई लोग इसमें शामिल हैं।

डेटा रिकवरी से खुलेंगे राज

नोएडा पुलिस ने निवाड़ी लैब को मोबाइल डेटा रिकवरी के लिए पत्र भेजा है और सात दिनों में रिपोर्ट देने को कहा है। पुलिस को उम्मीद है कि रिकवर किए गए डेटा से सांपों की तस्करी और रेव पार्टियों से जुड़े कई अहम सबूत मिलेंगे। फिलहाल सेक्टर-20 थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यह हाई प्रोफाइल केस कई अहम खुलासों की ओर इशारा कर रहा है जिससे एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है।

सांपों के जहर की हुई थी पुष्टि

शिकायत के बाद पुलिस ने सपेरों से सांपों का जहर बरामद किया जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया। रिपोर्ट में सांपों के जहर की पुष्टि हुई जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी थी। लगभग 135 दिनों की जांच के बाद पुलिस ने एल्विश यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस का मानना है कि सांपों के जहर की सप्लाई और रेव पार्टी आयोजन में एल्विश की संलिप्तता से जुड़े कई सबूत मोबाइल डेटा में हो सकते हैं।

एल्विश की गिरफ्तारी से मामला बना था हाई-प्रोफाइल

गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने एल्विश यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था। वह एक बार कोतवाली सेक्टर-20 पहुंचा लेकिन दूसरी बार बुलाने पर नहीं आया। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ वन्य जीव अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसके अलावा उसके दो अन्य साथियों विनय यादव और ईश्वर यादव को भी गिरफ्तार किया गया था।

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