ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में YEIDA यानि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण अब औद्योगिक विकास को तेजी से बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव करने के लिए तैयार है। दरअसल 1 मार्च को होने वाली बोर्ड बैठक में यमुना प्राधिकरण एक नई औद्योगिक भूखंड आवंटन नीति को मंजूरी देने के लिए बिल्कुल तैयार है।
आपको बता दें कि प्राधिकरण की इस नीति में 8000 वर्गमीटर से छोटे सभी औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी, जबकि इससे बड़े भूखंडों के लिए प्राधिकरण के द्वारा साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आखिर नई नीति की क्या हैं मुख्य विशेषताएं:
1)छोटे भूखंडों के लिए होगी नीलामी:
आपको बता दें कि 8000 वर्गमीटर से छोटे सभी औद्योगिक भूखंडों का आवंटन नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। वहीं इस कदम का मुख्य उद्देश्य आवंटन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता तथा दक्षता लाना है।
2)बड़े भूखंडों के लिए होगा साक्षात्कार:
वहीं इसके विपरीत 8000 वर्गमीटर से बड़े सभी औद्योगिक भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। दरअसल यह प्रक्रिया प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करने की भी अनुमति देगा कि भूखंड उन सभी कंपनियों को आवंटित किए जा सकें जिनके पास इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश लाने की अधिक क्षमता है।
3)आवासीय विकास पर दिया जाएगा ध्यान:
इसके अतिरिक्त प्राधिकरण का मुख्य लक्ष्य यमुना विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में बसावट को अधिक बढ़ावा देना भी है। आपको बता दें कि बोर्ड की इस बैठक में कई बड़े प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे जिनका मुख्य उद्देश्य आवासीय विकास को प्रोत्साहित करना होगा।
आखिर इस नई नीति का क्या है महत्त्व:
दरअसल नई औद्योगिक भूखंड आवंटन नीति के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के क्षेत्र में औद्योगिक विकास को अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह नीति तमाम निवेशकों को भी आकर्षित करेगी, जिसके पश्चात क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर पैदा हो सकेंगे।
आवासीय विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं पर कर रहा है काम:
आपको बता दें कि यमुना प्राधिकरण अपने क्षेत्र में बसावट को और बढ़ावा देने के लिए भी लगातार कदम उठा रहा है। वहीं प्राधिकरण इस क्षेत्र में आवासीय विकास को भी प्रोत्साहित करने के लिए तमाम योजनाओं पर निरंतर काम कर रहा है।
साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की यह नई औद्योगिक भूखंड आवंटन की नीति इस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को तेजी से बढ़ावा देने के साथ ही निवेशकों को भी आकर्षित करने में महत्वपूर्ण सहायता करेगी। वहीं यह नीति क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।