सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 2700 कैमरों से होगी पूरे ग्रेटर नोएडा की निगरानी!: महिला सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक मैनेजमेंट तक पब्लिक सेफ्टी पर खर्च होंगे 227 करोड़ वहीं लाइव मॉनिटरिंग?
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 2700 कैमरों से होगी पूरे ग्रेटर नोएडा की निगरानी!

ग्रेटर नोएडा: पब्लिक सेफ्टी तथा ट्रैफिक मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा शहर भर में करीब 2700 सर्विलांस कैमरे लगने की योजना बनाई गई है। यह सभी कैमरे सेफ सिटी तथा इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अर्थात ISTMS के अंतर्गत लगाए जाएंगे।

प्राधिकरण इसके लिए तकरीबन 227 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इन सभी कैमरों का प्रयोग एडवांस सर्विलांस समेत ट्रैफिक कंट्रोल तथा आपातकाल के समय किया जा सकेगा। इसके लिए नॉलेज पार्क-4 में एक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा। वहीं से फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी

आइए जानते हैं कि आखिर किस प्रकार के लगाए जाएंगे कैमरे:

1)गाड़ियों की नंबर प्लेट की पहचान के लिए ANPR अर्थात ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निजेशन वाले कैमरे लगाए जाएंगे।

2)सड़क पर आने वाले ट्रैफिक को घनत्व के हिसाब से नियंत्रित करने के लिए एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम  भी लगाया जाएगा। यह रियल टाइम ट्रैफिक के अनुसार काम करेगा।

3)रेड लाइट का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों के लिए आरएलवीडी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसमें हाईस्पीड को डिटेक्ट करने के लिए SVD और यातायात उल्लंघन का पता लगाने वाली प्रणाली यानि TVDS शामिल होंगे।

सड़क पर लगाए जाएंगे वीएमडी बोर्ड:

आपको बता दें कि ट्रैफ़िक की स्थिति समेत सड़क बंद होने, ऑप्शनल मार्गों तथा आपातकालीन अलर्ट के बारे में सभी यात्रियों को सूचित करने के लिए प्रमुख जंक्शन पर VMD अर्थात वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के OSD अभिषेक पाठक ने बताया कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए क्रासिंग पर ECB यानि इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी लगाए जाएंगे। यह ईसीबी लोगों को सीधे इमरजेंसी टीम के साथ कनेक्ट कर देगी। इसके अतिरिक्त भीड़ भाड़ वाले तमाम इलाकों में PAS अर्थात पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाए जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा के सभी पुलिस स्टेशनों को मिल सकेगी CCTV की लाइव फ़ीड:

इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के अधिकारियों के द्वारा यह बताया गया है कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसके लिए ही प्रमुख स्थानों पर पिंक बूथ भी बनाए जाएंगे। जिनके माध्यम से महिला सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जाएगी।

साथ ही ग्रेटर नोएडा के सभी 9 पुलिस स्टेशनों को भी अब सर्विलांस नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा। जिसके माध्यम से ग्रेटर नोएडा शहर के CCTV कैमरों से लाइव फ़ीड प्रत्येक पुलिस स्टेशनों के अंदर मिल सकेगी। वहीं निगरानी के लिए चार 40-इंच की LED स्क्रीन्स भी प्रत्येक पुलिस स्टेशन पर लगाई जाएंगी।

जरूरतमंद वाहनों के लिए बन सकेगा ग्रीन कारीडोर:

आपको बता दें कि प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम के माध्यम से हम ग्रेटर नोएडा में किसी भी आपात स्थित के दौरान ग्रीन कारीडोर बनाने में सक्षम हो जाएंगे। इसके लिए एक साथ मुख्य सड़को को ग्रीन लाइट अथवा ट्रैफिक को डायवर्ट करके एम्बुलेंस, दमकल की गाड़ी तथा अन्य जरूरतमंद वाहनों को रास्ता दिया जा सकेगा। 

इस व्यवस्था के द्वारा उन्हें भीड़भाड़ में फंसे बिना ही अपने गंतव्य तक तेजी से पहुंचने में काफी मदद मिल सकेगी। प्राधिकरण के द्वारा इस योजना के लिए आरएफपी (RFP) भी जारी किया गया है। अतः इसका संचालन करने के लिए इच्छुक सभी कंपनियां 4 अप्रैल तक अपना आवेदन कर सकती है।

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